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  "type": "article",
  "title": "अग्निवीरों के सेवाकाल में दो साल की बढ़ोतरी, 25 फीसदी जवानों को स्थायी सेवा का अवसर",
  "summary": "केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना में अहम बदलाव करते हुए सेवा अवधि को 4 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया है। इसके साथ ही 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल किया जाएगा।",
  "content": "केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य और सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवा शर्तों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नए फैसले के तहत अग्निवीरों का सेवा कार्यकाल अब 4 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है। इसके साथ ही कुल भर्ती में से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में स्थायी कैडर में शामिल होने का अवसर मिलेगा।\n\nसेवा अवधि में दो साल का विस्तार\nअग्निवीर योजना की शुरुआत में भर्ती होने वाले जवानों के लिए 4 वर्ष की समय सीमा तय की गई थी। नए नियमों के अनुसार अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का मौका दिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीर सेना में 6 वर्षों तक अपनी सेवाएँ दे सकेंगे। यह बदलाव पहले अग्निवीर बैच की सर्विस अवधि पूरी होने के समय सामने आई परिचालन चुनौतियों और अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है।\n\n25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सैनिक बनने का मौका\nयोजना के मूल प्रावधानों के अनुरूप कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत को स्थायी सेना में नियमित सैनिक के पद पर समायोजित किया जाएगा। इस कदम से सशस्त्र बलों को उच्च प्रशिक्षित और अनुभवी जनशक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। जो अग्निवीर नियमित कैडर में चयनित होंगे, वे भारतीय सेना के पूर्णकालिक सैनिकों की तरह अपनी सेवाएँ आगे जारी रखेंगे।\n\nराज्य स्तर पर रोजगार के अवसर और आरक्षण\nसशस्त्र बलों से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास और करियर सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों ने भी कदम उठाए हैं। हरियाणा सरकार ने पुलिस, माइनिंग और फॉरेस्ट गार्ड की सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके लिए राज्य प्रशासन ने विभिन्न विभागों से खाली और आरक्षित पदों की जानकारी जुटाकर भर्ती प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना शुरू किया है।\n\nयोजना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं\nअग्निवीर योजना अपने आरंभिक दौर से ही राजनीतिक विमर्श का केंद्र रही है। उत्तर प्रदेश में 2 युवकों द्वारा सेवा छोड़ने का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने इस योजना पर तीखी टिप्पणी की थी। वहीं सरकार का पक्ष रहा है कि सेवाकाल में विस्तार और नौकरियों में कोटा मिलने से युवाओं को राष्ट्र सेवा के साथ भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।\n\nइसका आप पर असर\nअग्निवीरों के सेवाकाल में दो साल का विस्तार और स्थायी भर्ती के नियम युवाओं के सैन्य करियर और रोजगार के मौकों को सीधे प्रभावित करते हैं।\n\n• भारत में: देश भर के सैन्य अभ्यर्थियों और सेवारत अग्निवीरों को अब 4 साल के बजाय 6 साल तक वर्दी में सेवा देने का मौका मिलेगा। इससे 25 फीसदी जवानों को नियमित पेंशन और भत्तों वाले स्थायी सैनिक कैडर में शामिल होने का ठोस अवसर प्राप्त होगा।\n• हरियाणा में: राज्य के पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, खनन और वन रक्षक की सरकारी भर्तियों में 10 प्रतिशत का सीधा आरक्षण मिलेगा। विभागों द्वारा रिक्त पदों का ब्योरा जुटाने से राज्य के युवाओं के लिए नागरिक सुरक्षा नौकरियों में चयन आसान होगा।\n• वित्तीय सुरक्षा: सेवा के दो अतिरिक्त वर्षों से जवानों को अधिक संचित वेतन और भत्तों का लाभ मिलेगा। 6 साल की सेवा अवधि पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को बेहतर अनुभव और वित्तीय संबल प्राप्त होगा।\n• करियर विकल्प: 75 फीसदी जवान जो 6 साल बाद बाहर आएंगे, उनके लिए अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस में आरक्षित सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं। युवा इस अवधि के दौरान हासिल तकनीकी और सामरिक अनुभव के दम पर सुरक्षा क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह निर्णय सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों, जवानों की अनुभव क्षमता और पहले बैच की सेवा समाप्ति से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों को संतुलित करने के लिए लिया गया है।\n\n• परिचालन निरंतरता की आवश्यकता: चार वर्ष की अल्पावधि के बाद जवानों को मुक्त करने से इकाइयों में तकनीकी अनुभव की कमी का जोखिम पैदा हो रहा था। सेवाकाल को 6 वर्ष तक बढ़ाकर सेना ने अनुभवी जवानों की उपस्थिति को लंबे समय तक बनाए रखने की व्यवस्था की है।\n• पहले बैच का पूरा होता कार्यकाल: पहले अग्निवीर बैच की तय चार साल की सेवा पूरी होने के करीब आने पर सैन्य नेतृत्व के सामने मानव संसाधन प्रबंधन की चुनौती थी। कार्यकाल विस्तार से दोनों पक्षों को कार्यशैली के मूल्यांकन के लिए पर्याप्त समय मिला है।\n• पुनर्वास और रोजगार की चिंताएं: सेवा समाप्ति के बाद नागरिक जीवन में रोजगार को लेकर युवाओं में चिंताएं और विरोध के स्वर उठे थे। कार्यकाल में दो साल जोड़ने और राज्य पुलिस में आरक्षण देने से जवानों के भविष्य को अधिक स्थिरता मिलती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अग्निवीरों का नया सेवा कार्यकाल कितने साल का होगा?\nअग्निवीरों का सेवा कार्यकाल 4 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया है।\n\n2. कितने प्रतिशत अग्निवीर स्थायी सैनिक बनेंगे?\nकुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत जवानों को सेना में नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।\n\n3. हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों के लिए किस आरक्षण की घोषणा की है?\nहरियाणा सरकार ने पुलिस, माइनिंग और फॉरेस्ट गार्ड की भर्तियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है।\n\n4. सेना में कितने प्रतिशत अग्निवीर 6 साल की सेवा पूरी करेंगे?\nयोजना के तहत लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीर सेना में 6 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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