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  "type": "article",
  "title": "अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए बनेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर, यात्रियों को मिलेंगे अलग एंट्री और एग्जिट रूट",
  "summary": "सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर जाम खत्म करने के लिए नया एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। इसके बनने से यात्रियों के लिए एंट्री और एग्जिट के अलग रास्ते तैयार होंगे।",
  "content": "हवाई यात्रियों को जाम से राहत दिलाने और सफर को सुगम बनाने के लिए अब दिल्ली और मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की तर्ज पर अहमदाबाद में भी बड़ा बुनियादी ढांचा तैयार करने की तैयारी चल रही है। अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (एसवीपीआई) तक आवाजाही को बाधा रहित बनाने के लिए एक अत्याधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पूरी परियोजना का मुख्य मकसद हवाई अड्डे पर आने और वहां से बाहर निकलने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग एंट्री तथा एग्जिट रूट उपलब्ध कराना है, जिससे यात्रियों को शहर के सामान्य जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।\n\nजाम से निजात के लिए तैयार हुआ विशेष रूट प्लान\nहवाई अड्डे के परिसर में दाखिल होते समय अक्सर उम्मेद सर्कल के आसपास भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। शहर के इस भारी दबाव से निजात दिलाने के मकसद से इंदिरा ब्रिज सर्कल से लेकर फ्लैग सर्कल तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वर्तमान में इस योजना पर अंतिम औपचारिक प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी है। इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद हवाई अड्डे की ओर जाने वाले वाहनों को व्यस्त एयरपोर्ट रोड के स्थानीय ट्रैफिक से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। हवाई अड्डा संचालक ने इस संबंध में एक विस्तृत रोड नेटवर्क प्लान तैयार किया है और नगर निगम के अधिकारियों के साथ इस पर कई दौर की प्रारंभिक बैठकें भी संपन्न हो चुकी हैं।\n\nतीन चरणों में बंटेगा प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर\nपरियोजना की रूपरेखा को सुगम बनाने के लिए इस पूरे मार्ग को तीन प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसका पहला हिस्सा सीधे हवाई अड्डा परिसर की सीमा के भीतर तैयार किया जाएगा। दूसरा हिस्सा फ्लैग सर्कल से इंदिरा ब्रिज सर्कल के बीच संपर्क स्थापित करेगा। वहीं तीसरे हिस्से की विस्तृत रूपरेखा को फिलहाल अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस तीसरे हिस्से में साबरमती नदी पर दो पुलों का निर्माण और गांधीनगर की तरफ इंदिरा सर्कल तक जाने वाले रैंप को शामिल किए जाने की उम्मीद है, ताकि दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को तेज गति मिल सके।\n\nमौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का भारी दबाव\nवर्तमान समय में एयरपोर्ट सर्कल से जुड़ने वाले रास्तों पर वाहनों का जबर्दस्त दबाव देखने को मिलता है। गांधीनगर और हंसोल से शाहीबाग की ओर जाने वाले वाहन और उल्टी दिशा से आने वाला सारा ट्रैफिक इसी एक सड़क पर आकर मिलता है। इसके साथ ही हवाई अड्डे पर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों की गाड़ियां भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करती हैं। इस मौजूदा व्यवस्था की सबसे बड़ी खामी यह है कि सामान्य शहर से गुजरने वाले वाहन और फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों की गाड़ियां दोनों एक ही सड़क पर जमा हो जाती हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लग जाता है। आंकड़ों के मुताबिक रोजाना कम से कम 14,000 कारें एसवीपीआई हवाई अड्डा परिसर में आती-जाती हैं। इस भारी संख्या को देखते हुए एलिवेटेड मार्ग बनने से मुख्य सड़कों पर से कारों का बोझ काफी घट जाएगा।\n\nरक्षा भूमि का उपयोग और भविष्य का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क\nइस बड़े निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली भूमि के कुछ हिस्से को भी परियोजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। अक्टूबर 2025 में ही अहमदाबाद नगर निगम और एयरपोर्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी इस इलाके में भीड़ कम करने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर और वैकल्पिक पहुंच मार्गों की व्यावहारिकता की गहन पड़ताल कर रहे थे। अब इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विस्तृत रोड नेटवर्क प्लान पर तेजी से कार्य चल रहा है। इस पूरी योजना में एयरपोर्ट कार्गो लॉजिस्टिक्स सेंटर और इंदिरा सर्कल की दिशा में मजबूत कनेक्टिविटी का प्रावधान भी जोड़ा गया है। इसके बन जाने से हवाई अड्डे तक पहुंचने का समय काफी घट जाएगा और पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भी व्यवस्थित रूप से चलती रहेगी।\n\nइसका आप पर असर\nअहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर से हवाई यात्रियों और शहर के दैनिक यात्रियों दोनों का सफर काफी सुगम और समय बचाने वाला साबित होगा।\n\n• अहमदाबाद और गुजरात में: एयरपोर्ट के रास्ते पर रोजाना चलने वाले आम वाहनों और यात्रियों की गाड़ियों को अलग-अलग मार्ग मिलेंगे। इससे उम्मेद सर्कल, हंसोल और शाहीबाग मार्ग पर रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी।\n• हवाई यात्रियों के लिए: एयरपोर्ट पहुंचने और निकलने के लिए समर्पित लेन मिलने से अंतिम समय में फ्लाइट छूटने की चिंता खत्म होगी। टर्मिनल तक पहुंचने में लगने वाला यात्रा समय काफी कम हो जाएगा।\n• कार्गो और व्यापार के लिए: एयरपोर्ट कार्गो लॉजिस्टिक्स सेंटर को सीधे मुख्य मार्गों और रिंग कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इससे समयबद्ध व्यापारिक माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन्स को तेज रफ्तार मिलेगी।\n• आसपास के इलाकों के लिए: एयरपोर्ट सीमा और इंदिरा ब्रिज के बीच स्थानीय सड़कों पर वाहनों की भीड़भाड़ घटेगी। इससे गांधीनगर और अहमदाबाद के बीच नियमित सफर करने वालों को भी खुली सड़कें मिलेंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअहमदाबाद हवाई अड्डे के आसपास तेजी से बढ़ते ट्रैफिक लोड और मौजूदा सड़कों पर एक ही जगह भारी वाहनों के जमावड़े के चलते यह नया ढांचागत कदम उठाना जरूरी हो गया है।\n\n• सड़कों पर भारी दबाव: मौजूदा समय में स्थानीय शहरी ट्रैफिक और एयरपोर्ट जाने वाले दोनों वाहन एक ही मुख्य सड़क का इस्तेमाल करते हैं। गांधीनगर, हंसोल और शाहीबाग के वाहन एक ही जगह मिलने से दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।\n• वाहनों की विशाल संख्या: सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर रोजाना 14,000 से अधिक कारें आती और जाती हैं। इस भारी संख्या को संभालने के लिए मौजूदा धरातलीय सड़कें नाकाफी साबित हो रही थीं।\n• उम्मेद सर्कल का जाम: एयरपोर्ट प्रवेश द्वार के पास उम्मेद सर्कल पर शहर का आम ट्रैफिक रुकने से यात्रियों की गाड़ियां भी फंस जाती थीं। इसी बाधा को दूर करने के लिए एलिवेटेड बाईपास का विचार सामने आया।\n• अक्टूबर 2025 की फीजिबिलिटी स्टडी: नगर निगम और एयरपोर्ट प्रशासन ने अक्टूबर 2025 में भीड़ घटाने के विकल्पों की पड़ताल की थी। उसी अध्ययन के बाद इस समग्र और विस्तृत रोड नेटवर्क प्लान को औपचारिक रूप दिया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए कौन सा नया प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया गया है?\nसरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (एसवीपीआई) के लिए इंदिरा ब्रिज सर्कल से फ्लैग सर्कल तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।\n\n2. इस एलिवेटेड कॉरिडोर का मुख्य फायदा क्या होगा?\nइससे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अलग एंट्री और एग्जिट मार्ग मिलेंगे और वे शहर के नियमित ट्रैफिक से बचकर तेजी से एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।\n\n3. प्रस्तावित कॉरिडोर को कितने हिस्सों में बांटा गया है?\nइस पूरे कॉरिडोर को तीन हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें एयरपोर्ट की सीमा का हिस्सा, फ्लैग सर्कल से इंदिरा ब्रिज का हिस्सा और साबरमती पर दो पुलों वाला तीसरा हिस्सा शामिल है।\n\n4. वर्तमान में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर रोजाना कितनी गाड़ियां आती-जाती हैं?\nअनुमान के मुताबिक वर्तमान में रोजाना कम से कम 14,000 कारें एसवीपीआई एयरपोर्ट परिसर में आवाजाही करती हैं।\n\n5. क्या इस प्रोजेक्ट में किसी केंद्रीय मंत्रालय की जमीन की जरूरत होगी?\nयोजना के तहत इस एलिवेटेड कॉरिडोर और रोड नेटवर्क में रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली जमीन को शामिल करने की तैयारी की जा रही है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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    "अहमदाबाद एयरपोर्ट",
    "सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट",
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