एम्स मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ जवान द्वारा गुप्त रूप से फोटो खींचने पर हंगामा, यात्रियों के विरोध के बाद सीसीटीवी जांच शुरू दिल्ली के एम्स मेट्रो स्टेशन पर शनिवार देर रात एक सीआईएसएफ जवान द्वारा महिला यात्री की चोरी-छिपे फोटो खींचने पर भारी विवाद हो गया। पीड़िता द्वारा लिखित शिकायत न देने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है, जो अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। दिल्ली के एम्स मेट्रो स्टेशन पर शनिवार देर रात मेट्रो ट्रेन के भीतर एक सुरक्षाकर्मी की हरकत से हड़कंप मच गया। ट्रेन में सफर कर रहे सीआईएसएफ के एक जवान पर एक महिला यात्री की सहमति के बिना गुप्त रूप से तस्वीरें खींचने का आरोप लगा है। महिला ने जब जवान को छिपकर मोबाइल से फोटो लेते देखा तो उसने तुरंत सख्त विरोध जताया। इसके बाद मेट्रो के डिब्बे के अंदर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते छीना-झपटी और हंगामे में बदल गई। घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी महिला का साथ दिया और जवान को मौके पर ही आड़े हाथों लिया। रात के 12:40 बजे कंट्रोल रूम को मिली इमरजेंसी कॉल शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को ठीक 12:40 बजे दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में एक आपातकालीन पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। कॉल में एम्स मेट्रो स्टेशन के अंदर सुरक्षाकर्मी और महिला यात्री के बीच झड़प होने की जानकारी दी गई थी। मामले की गंभीरता और देर रात के समय को देखते हुए दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए एम्स मेट्रो स्टेशन पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों तथा पीड़िता से बात की। लिखित शिकायत से इनकार और कानूनी प्रक्रिया मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब पीड़ित महिला से पूरे वाकये की जानकारी ली और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही, तो मामले में एक नया मोड़ आया। महिला ने सुरक्षाकर्मी के खिलाफ किसी भी तरह की औपचारिक या लिखित शिकायत दर्ज कराने से स्पष्ट मना कर दिया। चूंकि भारतीय कानून और पुलिस नियमों के अनुसार किसी भी संज्ञेय या असंज्ञेय मामले में प्रत्यक्ष कानूनी कार्रवाई के लिए पीड़ित का बयान या लिखित शिकायत आवश्यक होती है, इसलिए लिखित दस्तावेज न मिलने के कारण पुलिस कोई सीधी प्राथमिकी या वैधानिक कदम नहीं उठा सकी। सीआईएसएफ को सौंपी गई जांच, सीसीटीवी फुटेज की हो रही समीक्षा भले ही पीड़ित महिला ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से परहेज किया, लेकिन दिल्ली मेट्रो परिसर और ट्रेनों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के पास होती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने घटना से जुड़ी पूरी रिपोर्ट सीआईएसएफ के उच्च अधिकारियों को सौंप दी। सूचना मिलते ही सीआईएसएफ के वरिष्ठ अफसरों ने मामले का संज्ञान लिया और एम्स मेट्रो स्टेशन पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। जांच अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि मध्य रात्रि के समय डिब्बे के भीतर किस प्रकार की परिस्थिति पैदा हुई और विवाद किस वजह से पीसीआर कॉल तक पहुंचा। इसका आप पर असर यह घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और जिम्मेदारियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है: • भारत में: सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी सुरक्षा बल के सदस्य द्वारा अनुचित व्यवहार होने पर नागरिक तुरंत शिकायत दर्ज कराने और विभागीय जांच की मांग करने के प्रति अधिक जागरूक हो सकते हैं। • दिल्ली में: दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाली महिला यात्री सुरक्षाकर्मियों की हरकतों के प्रति अधिक सतर्क रहेंगी और आपात स्थिति में पीसीआर कॉल या मेट्रो हेल्पलाइन का तुरंत उपयोग कर सकेंगी। सवाल-जवाब 1. एम्स मेट्रो स्टेशन पर क्या घटना हुई थी? शनिवार देर रात एम्स मेट्रो स्टेशन पर एक सीआईएसएफ जवान द्वारा ट्रेन में महिला यात्री की छिपकर फोटो खींचने पर हंगामा हुआ और दोनों के बीच बहस तथा छीना-झपटी हुई। 2. घटना की सूचना पुलिस को कब और कैसे मिली? शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को ठीक 12:40 बजे दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन पीसीआर कॉल के जरिए इस घटना की सूचना मिली थी। 3. क्या पुलिस ने सुरक्षाकर्मी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की? पीड़ित महिला ने किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत देने से मना कर दिया, जिसके कारण पुलिस प्रत्यक्ष कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं कर सकी। 4. इस मामले की आगे की जांच कौन कर रहा है? दिल्ली पुलिस ने पूरा विवरण सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिया है, जो अब सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आंतरिक विभागीय जांच कर रहे हैं। https://trendkia.com/national/aiims-metro-station-para-cisf-jawan-dvara-gupta-rupa-se-photo-khinchane-para-hngama-yatriyon-ke-virodha-ke-bada-cctv-jancha-shuru-17393 TrendKia — Har trend, sabse pehle.