अमरावती के चारों ओर तैयार होगा 6 लेन का ग्रीनफील्ड रिंग रोड, केंद्र सरकार खर्च करेगी 30,491 करोड़ रुपये आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में बेहतर आवागमन के लिए 189 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड बनाया जाएगा। केंद्र सरकार के वित्तपोषण से बनने वाले इस पूरे प्रोजेक्ट को तीन साल यानी 1,095 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजधानी क्षेत्र के चारों ओर एक विशाल ग्रीनफील्ड रिंग रोड के निर्माण की जमीनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए कॉरिडोर के वजूद में आने से स्थानीय यातायात सुगम होगा और शहर के आंतरिक हिस्सों में भारी वाहनों की वजह से लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलने से क्षेत्रीय विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। चार पैकेजों में बंटेगा 189 किलोमीटर लंबा 6 लेन कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजना के मुताबिक अमरावती के चारों तरफ बनने वाला यह आउटर रिंग रोड 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। मुख्य रिंग रोड की कुल लंबाई लगभग 189 किलोमीटर तय की गई है। निर्माण कार्य को तेजी और सुगमता से आगे बढ़ाने के मकसद से पूरे प्रोजेक्ट को 4 अलग-अलग पैकेज में विभाजित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सभी पैकेजों के लिए नीलामी की शुरुआत 19 नवंबर, 2026 से की जाएगी। प्रत्येक पैकेज को पूरा करने के लिए 1,095 दिनों की सख्त समयसीमा रखी गई है, यानी कार्य प्रारंभ होने के महज 3 वर्षों के भीतर इसका निर्माण कार्य संपन्न करना अनिवार्य होगा। प्रोजेक्ट की लागत, भूमि अधिग्रहण और लिंक रोड अमरावती के इस महत्वाकांक्षी रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण पर कुल मिलाकर लगभग 30,491 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। इस वित्तीय बजट में सिविल लागत यानी जमीन अधिग्रहण से जुड़े खर्च के तौर पर लगभग 10,596 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस परियोजना के लिए शत-प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य कॉरिडोर के अतिरिक्त इसमें 5.2 किलोमीटर लंबा एक लिंक रोड भी तैयार किया जाएगा, जिसके जुड़ने के बाद इस समूचे राजमार्ग प्रोजेक्ट की प्रभावी लंबाई 195.2 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। नवंबर महीने में टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही निर्माण की तय समयसीमा पर काम शुरू हो जाएगा। इसका आप पर असर इस विशाल रिंग रोड के निर्माण से अमरावती और आस-पास के क्षेत्रों में भारी यातायात दबाव समाप्त होगा और आवागमन तेज हो जाएगा। • भारत में: राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से राजधानी क्षेत्र का सीधा संपर्क मजबूत होगा, जिससे अंतरराज्यीय माल ढुलाई का समय घटेगा। केंद्र सरकार द्वारा 30,491 करोड़ रुपये के पूर्ण वित्तपोषण से राष्ट्रीय स्तर पर लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को बेहतर रफ्तार मिलेगी। • आंध्र प्रदेश में: अमरावती शहर के भीतर भारी और लंबी दूरी के वाहनों का प्रवेश बंद होने से स्थानीय सड़कों पर ट्रैफिक जाम खत्म होगा। इसके अलावा लगभग 10,596 करोड़ रुपये की सिविल और भूमि अधिग्रहण लागत से स्थानीय स्तर पर रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। • दैनिक यात्रियों के लिए: 6 लेन का सुगम मार्ग मिलने से राजधानी के विभिन्न हिस्सों और उपनगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। तेज और सुरक्षित बाईपास उपलब्ध होने से ईंधन की खपत घटेगी और दैनिक आवागमन सुगम बनेगा। • स्थानीय व्यापार के लिए: 195.2 किलोमीटर के कुल नेटवर्क से औद्योगिक और कृषि उत्पादों को सीधे मुख्य राजमार्गों तक पहुंचाने में आसानी होगी। गोदामों और व्यापारिक केंद्रों तक ट्रकों की पहुंच आसान होने से व्यापार लागत में कमी आएगी। ऐसा क्यों हुआ अमरावती को एक विश्वस्तरीय आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने और भविष्य के विशाल यातायात दबाव से निपटने के उद्देश्य से इस ग्रीनफील्ड रिंग रोड की रूपरेखा बनाई गई है। • सीधा कारण: अमरावती राजधानी क्षेत्र में भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने और मौजूदा शहरी मार्गों को जाम से मुक्त रखने के लिए बाईपास की सख्त जरूरत थी। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने चारों तरफ 6 लेन के ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की योजना बनाई है। • प्रशासनिक और वित्तीय परिस्थितियां: आंध्र प्रदेश की राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के विजन के तहत केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत वहन करने का फैसला किया है। इसमें 10,596 करोड़ रुपये के भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 4 अलग पैकेजों में टेंडर प्रक्रिया तय की गई है। • परियोजना की आगामी प्रक्रिया: एनएचएआई द्वारा 19 नवंबर, 2026 को नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। प्रत्येक पैकेज को तीन वर्ष यानी 1,095 दिनों के भीतर पूरा करके रिंग रोड और लिंक रोड को चालू किया जाएगा। सवाल-जवाब 1. अमरावती रिंग रोड प्रोजेक्ट की कुल लंबाई कितनी है? इस मुख्य रिंग रोड की कुल लंबाई करीब 189 किलोमीटर है, जबकि 5.2 किलोमीटर की लिंक रोड को जोड़कर पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 195.2 किलोमीटर हो जाती है। 2. इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आएगा और फंडिंग कौन कर रहा है? इस परियोजना के निर्माण पर लगभग 30,491 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसकी पूरी फंडिंग केंद्र सरकार कर रही है। 3. प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण यानी सिविल कॉस्ट के लिए कितना बजट तय है? सिविल लागत और जमीन अधिग्रहण के मद में लगभग 10,596 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। 4. अमरावती रिंग रोड कितने लेन का होगा और इसे कितने पैकेजों में बनाया जाएगा? यह एक 6 लेन का ग्रीनफील्ड रिंग रोड होगा और इसे 4 अलग-अलग पैकेज में बांटकर तैयार किया जाएगा। 5. इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया कब से शुरू होगी? राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सभी पैकेजों के लिए नीलामी प्रक्रिया 19 नवंबर, 2026 को शुरू की जाएगी। 6. इस रिंग रोड को पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है? हर पैकेज के निर्माण के लिए 1,095 दिनों का समय दिया गया है, यानी पूरा प्रोजेक्ट 3 साल के भीतर तैयार होना है। https://trendkia.com/national/amaravati-ke-charon-ora-taiyara-hoga-6-lena-ka-grinaphilda-ringa-roda-kendra-sarakara-kharcha-karegi-30-491-karora-rupaye-41895 TrendKia — Har trend, sabse pehle.