# अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और 6 यूक्रैनियों पर आव्रजन कानून के तहत एनआईए की चार्जशीट दाखिल, यूएपीए के तहत जांच जारी

> राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अवैध प्रवेश के मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की है, हालांकि उनके खिलाफ आतंकी साजिश से जुड़े यूएपीए के तहत जांच जारी रखी गई है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/ameriki-nagarika-matthew-aaron-van-dyke-aura-6-yukreni-nagarikon-para-avrajana-kanuna-ke-tahata-charge-sheet-uapa-men-jancha-jari-30248 · **Language:** Hindi
**Tags:** एनआईए, मैथ्यू एरॉन वैन डाइक, यूएपीए, मिजोरम, म्यांमार सीमा, आव्रजन कानून, आतंकवादी साजिश

भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करने और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अदालत में अपना पहला आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया है। एनआईए ने यह चार्जशीट आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत दाखिल की है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आव्रजन नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में जांच पूरी होने के कारण यह कदम उठाया गया है, जबकि इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत चल रही आतंकवादी साजिश की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है।

## आव्रजन कानून के तहत आरोपपत्र और यूएपीए की स्थिति
एनआईए ने 8 सितंबर को विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपनी चार्जशीट पेश की। इस आरोपपत्र में आरोपियों पर आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत मुकदमे की सिफारिश की गई है। मामले की कानूनी समय-सीमा के अनुसार, आरोपियों की 180 दिनों की न्यायिक हिरासत अवधि 8 सितंबर 2026 को समाप्त हो रही थी। एनआईए ने समय-सीमा के भीतर उन अपराधों पर चार्जशीट दायर करना आवश्यक माना जिनकी जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, आव्रजन अधिनियम के तहत चार्जशीट पेश करने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यूएपीए के तहत दर्ज मुख्य मामले को बंद कर दिया गया है। यदि यूएपीए से जुड़ी जारी जांच में भविष्य में कोई नए साक्ष्य या दस्तावेज सामने आते हैं, तो एनआईए अदालत के समक्ष पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दाखिल करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

## म्यांमार सीमा से घुसपैठ और भाड़े के लड़ाके होने का आरोप
इस मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक के अलावा छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनके नाम कामिन्स्की विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम हैं। इन सभी सात विदेशी नागरिकों को एनआईए ने इस वर्ष 13 मार्च को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला है कि इस समूह ने कथित तौर पर म्यांमार के रास्ते मिजोरम सीमा से भारतीय सीमा में अवैध प्रवेश किया था। इसके बाद वे देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर पकड़े गए थे।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह पूरा समूह भाड़े के लड़ाकों के रूप में कार्य कर रहा था। एनआईए ने शुरुआती जांच में पाया कि ये आरोपी भारत और म्यांमार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों की सहायता कर रहे थे। इसके अलावा, उन पर इन विद्रोही गुटों को ड्रोन उड़ाने और उनका परिचालन करने का तकनीकी प्रशिक्षण देने का भी गंभीर आरोप है। इन्हीं गंभीर आरोपों के आधार पर एनआईए ने शुरुआती दौर में उनके खिलाफ यूएपीए और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

## कानूनी प्रक्रिया की समय-सारणी और राजनयिक संदर्भ
गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने 16 मार्च को सभी सातों आरोपियों को अदालत में पेश किया था, जहां से उन्हें 11 दिनों की एनआईए कस्टडी में भेजा गया था। पूछताछ की अवधि पूरी होने के पश्चात अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी किए थे। तब से सभी आरोपी जेल में बंद हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जाती रही है।

इस मामले के दौरान अमेरिकी राजनयिकों द्वारा मैथ्यू एरॉन वैन डाइक के विषय में भारतीय अधिकारियों से संपर्क साधने की बात भी सामने आई है। इस पर स्पष्ट किया गया कि जब भी कोई विदेशी नागरिक किसी अन्य देश में गिरफ्तार होता है, तो संबंधित देश का दूतावास कांसुलर एक्सेस लेने, कानूनी सहायता सुनिश्चित करने और मानवीय व्यवहार की मांग करने के लिए स्थानीय प्राधिकारियों से संपर्क करता है। इसे एक सामान्य राजनयिक और कांसुलर प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

## इसका आप पर असर
यह मामला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी को दर्शाता है।

- **भारत में:** देश भर के हवाई अड्डों और सुरक्षा जांच बिंदुओं पर विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की कड़ी सतर्कता से जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।
- **मिजोरम और सीमावर्ती क्षेत्रों में:** म्यांमार सीमा से सटे क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बलों की गश्त और चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी कार्रवाई भारतीय क्षेत्र में अवैध प्रवेश करने और विद्रोही गुटों की सहायता करने के आरोपों के बाद शुरू हुई है।

- **अवैध घुसपैठ का मामला:** सातों विदेशी नागरिकों पर आरोप है कि वे वैध दस्तावेजों के बिना म्यांमार के रास्ते मिजोरम सीमा से भारत में दाखिल हुए थे। इस गैर-कानूनी प्रवेश के कारण उन पर आव्रजन नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया।
- **तकनीकी और सामरिक सहायता का आरोप:** शुरुआती पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि ये आरोपी पूर्वोत्तर और म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन परिचालन का प्रशिक्षण दे रहे थे, जिससे सुरक्षा तंत्र चौकन्ना हो गया।
- **न्यायिक समय-सीमा का पालन:** 180 दिनों की न्यायिक हिरासत की सीमा समाप्त होने के कारण एनआईए ने उन आरोपों पर चार्जशीट पेश की जिनकी जांच पूरी हो चुकी थी, जबकि यूएपीए के तहत विस्तृत जांच जारी रखी गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. एनआईए ने किन धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है?
एनआईए ने आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है।

### 2. क्या यूएपीए (UAPA) के तहत दर्ज मामला बंद कर दिया गया है?
नहीं, यूएपीए के तहत आतंकवाद से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है और साक्ष्य मिलने पर पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

### 3. आरोपियों को कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया था?
आरोपियों को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने म्यांमार के रास्ते मिजोरम सीमा से भारत में प्रवेश किया था।

### 4. गिरफ्तार किए गए लोगों में कौन-कौन शामिल हैं?
इनमें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिक (कामिन्स्की विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम) शामिल हैं।

### 5. इन विदेशी नागरिकों पर मुख्य रूप से क्या आरोप हैं?
इन पर भारत में अवैध प्रवेश करने और जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन प्रशिक्षण तथा सहायता प्रदान करने के आरोप हैं।

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