अमित शाह की एयरपोर्ट्स पर बड़ी बैठक, यात्रियों को मिलेगी 10 बड़ी राहत गृहमंत्री अमित शाह ने एयरपोर्ट ऑपरेशंस को बेहतर बनाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ एक अहम बैठक की। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। एयरपोर्ट पर यात्रियों को होने वाली परेशानियों को कम करने और यात्रा के अनुभव को सुखद बनाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान, वह एक सामान्य यात्री के नजरिए से एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिए उपस्थित थे। इस महत्वपूर्ण चर्चा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ-साथ गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, सीआईएसएफ (CISF) के डायरेक्टर जनरल और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के चेयरमैन समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे। चर्चा का मुख्य केंद्र हवाई अड्डों पर बढ़ता यात्री ट्रैफिक और आने वाले समय की आवश्यकताएं थीं। इस मंथन के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए 10 प्रमुख फैसलों पर मुहर लगाई गई है। ऑटोमैटिक ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (ATRS) का विस्तार सुरक्षा जांच के दौरान यात्रियों को मैन्युअली ट्रे भेजने की मशक्कत से मुक्ति मिलेगी। सभी हवाई अड्डों पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमैटिक ट्रे रिट्रीवल सिस्टम यानी ATRS को लागू किया जाएगा। यह कदम न केवल सुरक्षा जांच की गति को बढ़ाएगा, बल्कि यात्रियों को लंबी कतारों में लगने की समस्या से भी निजात दिलाएगा। गृहमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में बनने वाले नए एयरपोर्ट्स के लिए भी इसका एक कॉमन स्टैंडर्ड विकसित किया जाए। टच-पॉइंट्स पर बेहतर तालमेल एयरपोर्ट के विभिन्न स्तरों जैसे एंट्री गेट, चेक-इन काउंटर, सिक्योरिटी स्क्रीनिंग, इमिग्रेशन और बोर्डिंग के बीच बेहतर सामंजस्य बिठाने पर जोर दिया गया है। गृहमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे सिस्टम बनाने के लिए निर्देशित किया है ताकि किसी एक जगह पर भीड़ का दबाव बाकी एयरपोर्ट ऑपरेशंस को प्रभावित न करे। इसका सीधा उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही को बाधा-रहित और स्मूथ बनाए रखना है। 62 एयरपोर्ट्स पर विकास कार्य आगामी दो वर्षों के भीतर 62 एयरपोर्ट्स पर बुनियादी ढांचे के विकास का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 21 ऐसे एयरपोर्ट्स भी शामिल हैं जो वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। यह सभी निर्माण कार्य बीसीएएस (BCAS) के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएंगे ताकि क्षमता बढ़ सके और आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। एयरोब्रिज की संख्या में वृद्धि यात्री ट्रैफिक और विमानों की संख्या के आधार पर अब एयरोब्रिज की संख्या बढ़ाई जाएगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इस संबंध में नई गाइडलाइन बनाने को कहा गया है। इससे विमानों की बोर्डिंग और डीबोर्डिंग तेज होगी और यात्रियों को बस के जरिए एयरक्राफ्ट तक जाने की लंबी प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा। इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर बैगेज ड्रॉप की सुविधा वर्तमान में केवल 16 प्रमुख एयरपोर्ट्स पर बैगेज ड्रॉप की सुविधा मौजूद है, जिसे अब अधिक ट्रैफिक वाले अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तक भी पहुंचाया जाएगा। इस सुविधा के विस्तार से चेक-इन काउंटरों पर लगने वाली भीड़ कम होगी और चेक-इन प्रोसेस में लगने वाला कीमती समय बचेगा। सीआईएसएफ की विशेष तैनाती एयरपोर्ट सिक्योरिटी में सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। एक्स-रे स्क्रीनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर केवल उन्हीं सीआईएसएफ जवानों को तैनात किया जाएगा जो इसके लिए निर्धारित विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाया जा सके। राजधानियों में एफआरआरओ ऑफिस साल 2027 तक भारत के सभी राज्यों की राजधानियों में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) खोलने का निर्देश दिया गया है। इससे विदेशी नागरिकों से संबंधित वीजा और इमिग्रेशन संबंधी कार्य उसी राज्य में हो सकेंगे और उन्हें दूसरे शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अगली इमिग्रेशन चेक पोस्ट अगरतला और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बहुत जल्द ऑथराइज्ड इमिग्रेशन चेक पोस्ट शुरू करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इनके शुरू होने से इन दोनों हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो सकेंगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी। एफटीआई-टीटीपी (FTI-TTP) का प्रचार फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर्स प्रोग्राम यानी FTI-TTP को बढ़ावा देने के लिए एयरलाइंस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। टिकट बुकिंग के वक्त यात्रियों को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर इस पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि उनका इमिग्रेशन अनुभव सुलभ हो सके। पीक सीजन में थर्ड-पार्टी स्टडी भीड़भाड़ वाले पीक ट्रैवल सीजन के दौरान एयरपोर्ट के हर टच-पॉइंट पर होने वाली देरी का विश्लेषण करने के लिए मंत्रालय और सीआईएसएफ द्वारा एक थर्ड-पार्टी स्टडी करवाई जाएगी। इस अध्ययन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में यात्रियों की सुविधा के लिए सिस्टम में जरूरी सुधार किए जाएंगे। इसका आप पर असर भारत में: देशभर के हवाई यात्रियों के लिए चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग की प्रक्रिया अब अधिक तेज और कम भीड़भाड़ वाली होगी। स्थानीय स्तर पर: जिन शहरों में नए एफआरआरओ ऑफिस खुलेंगे, वहां विदेशी नागरिकों और संबंधित कार्यों के लिए लोगों को दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सवाल-जवाब 1. एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा? यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव भीड़ का बेहतर प्रबंधन और विभिन्न टच-पॉइंट्स (एंट्री, चेक-इन, सिक्योरिटी, इमिग्रेशन) के बीच बेहतर तालमेल होगा, जिससे लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा। 2. सिक्योरिटी चेक और बैगेज सिस्टम में क्या सुधार होगा? सभी हवाई अड्डों पर धीरे-धीरे ऑटोमैटिक ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (ATRS) लगाया जाएगा, जिससे सिक्योरिटी स्क्रीनिंग की गति बढ़ेगी और बैगेज ड्रॉप की सुविधा भी अधिक एयरपोर्ट्स पर मिलेगी। 3. क्या एफआरआरओ (FRRO) ऑफिस सभी राज्यों में खुलेंगे? हाँ, गृहमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एफआरआरओ ऑफिस शुरू कर दिए जाएं ताकि इमिग्रेशन संबंधी काम आसान हो सके। 4. इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशंस के लिए क्या निर्देश हैं? अगरतला और जेवर (नोएडा) एयरपोर्ट पर जल्द ही इमिग्रेशन चेक पोस्ट शुरू किए जाएंगे ताकि वहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन संभव हो सके। https://trendkia.com/national/amit-shah-ki-airports-para-bari-baithaka-yatriyon-ko-milegi-10-bari-rahata-5895 TrendKia — Har trend, sabse pehle.