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  "title": "अंधकार पर विजय का पर्व है दीपावली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी सरहद पर सैनिकों संग मनाएंगे उत्सव",
  "summary": "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को दीपावली की पूर्व संध्या पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने इसे अंधकार से मुकाबला करने का संकल्प बताया, वहीं राष्ट्रपति ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में जुटने की अपील की।",
  "content": "रोशनी के महापर्व दीपावली की पूर्व संध्या पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेशों में इस उत्सव के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया है। दोनों नेताओं ने देश में शांति, भाईचारे और समृद्धि की कामना करते हुए नागरिकों को जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश दिया है। इस अवसर पर देशभर में उत्साह का माहौल है और लोग अपने घरों को दीपों तथा रंगोलियों से सजा रहे हैं।\n\nअंधकार को चुनौती देने का प्रतीक है यह पर्व\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को दीपावली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रकाश पर्व केवल रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार की ताकतों के खिलाफ भारत के अटूट संघर्ष और संकल्प को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कामना की कि यह पावन अवसर हर नागरिक के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि मुश्किल समय में भी उम्मीद का दीया जलाए रखना भारतीय संस्कृति की सदियों पुरानी विशेषता रही है।\n\nइस वर्ष भी जवानों के बीच मनेगी दीपावली\nअपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस परंपरा का भी उल्लेख किया जिसे वे पिछले कई वर्षों से लगातार निभाते आ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि इस बार भी वे अपनी वार्षिक परंपरा के अनुसार देश की रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों के साथ ही दीपावली का उत्सव मनाएंगे। सरहद पर तैनात जवानों के बीच जाकर त्यौहार मनाने का यह सिलसिला उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल की एक खास पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के प्रहरियों के साथ यह समय बिताना उनके लिए हमेशा से प्रेरणादायक रहा है और वे इस गौरवशाली परंपरा को इस वर्ष भी पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएंगे।\n\nभगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी और सांस्कृतिक मूल्य\nराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी शनिवार को देश और दुनिया में बसे सभी भारतीयों को दीपावली की पूर्व संध्या पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में उन्होंने याद दिलाया कि यह पावन पर्व भगवान श्रीराम के रावण पर विजय प्राप्त करने के उपरांत अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। उस ऐतिहासिक प्रसंग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के स्वागत में पूरी अयोध्या नगरी को दीपों की सुंदर कतारों से सजाया गया था। राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह घटना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है तथा यह रामराज्य के आदर्शों की शुरुआत का प्रतीक है।\n\nसद्भाव, पर्यावरण और विकसित भारत का संकल्प\nराष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में नागरिकों से अपील की कि वे इस पर्व को आपसी सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाएं। उन्होंने रेखांकित किया कि दीपावली का यह पवित्र दिन नकारात्मक वृत्तियों पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है और दुखों का अंत कर खुशहाल जीवन की शुरुआत करता है। इस दिन लोग अपने घरों में मंगल कामना के लिए भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं ताकि जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि देश के युवा अपनी संस्कृति और देशभक्ति की प्रेरणा से विकसित भारत के निर्माण में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ अपना योगदान देंगे।\n\nइसका आप पर असर\nदीपावली के इस पावन अवसर पर देश भर में उत्सव का माहौल है, जिसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के दैनिक जीवन, यात्रा योजनाओं और पारिवारिक मेल-मिलाप पर पड़ता है।\n\n• भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आती है और परिवहन सेवाओं पर दबाव बढ़ जाता है। लोग अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं, जिससे रेल और सड़क मार्ग पर यातायात प्रबंधन एक बड़ा पहलू बन जाता है।\n• सुरक्षा और सेना: प्रधानमंत्री के सैनिकों के साथ पर्व मनाने की घोषणा से सरहद पर तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा होता है और राष्ट्र की रक्षा में जुटे जवानों के परिवारों को भी प्रोत्साहन मिलता है।\n• पर्यावरण और स्वास्थ्य: राष्ट्रपति द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर दिए गए संदेश के कारण नागरिकों को इस बार अधिक सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त तरीके से उत्सव मनाने की प्रेरणा मिलती है।\n• आर्थिक गतिविधियां: इस अवधि के दौरान उपहारों के आदान-प्रदान और पारंपरिक खरीदारी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और छोटे व्यापारियों को बड़ा लाभ होता है।\n• सामाजिक सद्भाव: लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के घर जाते हैं, जिससे समुदायों के बीच आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द मजबूत होता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदीपावली का यह पावन पर्व सदियों पुरानी पौराणिक मान्यताओं, सांस्कृतिक परंपराओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।\n\n• पौराणिक महत्व: यह त्योहार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के रावण वध के पश्चात अयोध्या लौटने और असत्य पर सत्य की विजय की ऐतिहासिक स्मृति में मनाया जाता है।\n• नेतृत्व की परंपरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार सैनिकों के साथ उत्सव मनाना देश की रक्षा करने वाले प्रहरियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की उनकी स्थापित प्रतिबद्धता का हिस्सा है।\n• सांस्कृतिक निरंतरता: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के संदेश प्राचीन भारतीय जीवन मूल्यों, स्वच्छता, सद्भाव और उत्सवधर्मिता को समकालीन समाज में जीवंत बनाए रखने के लिए दिए जाते हैं।\n• राष्ट्रीय लक्ष्य: वर्तमान में अमृतकाल के दौरान देश के युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की प्रेरणा देना इसका मुख्य उद्देश्य है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को क्या संदेश दिया?\nदोनों नेताओं ने देशवासियों को दीपावली की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।\n\n2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली को क्या बताया है?\nप्रधानमंत्री ने दीपावली को अंधकार के खिलाफ भारत के संकल्प का प्रतीक बताया है।\n\n3. इस वर्ष प्रधानमंत्री दीपावली किसके साथ मनाएंगे?\nप्रधानमंत्री अपनी वार्षिक परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी देश के बहादुर सैनिकों के साथ दीपावली मनाएंगे।\n\n4. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में किस ऐतिहासिक प्रसंग का जिक्र किया?\nराष्ट्रपति ने भगवान श्रीराम के रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटने और दीपों से सजी सुंदर कतारों के प्रसंग का जिक्र किया।\n\n5. राष्ट्रपति मुर्मू ने देश के युवाओं से क्या अपेक्षा जताई है?\nराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि देश के देशभक्त युवा भारतीय मूल्यों से प्रेरित होकर विकसित भारत के निर्माण में उत्साहपूर्वक योगदान देंगे।\n\n6. दिवाली के अवसर पर किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?\nइस अवसर पर लोग शुभ शुरुआत के लिए भगवान गणेश और समृद्धि के लिए मां महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं।",
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