{
  "type": "article",
  "title": "आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में 59 लाख से अधिक वोट पड़े, 275 प्राथमिकियों के बीच 3 नवंबर को परिणाम",
  "summary": "आंध्र प्रदेश की 92 शहरी संस्थाओं में 60.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई, जहां 10,262 प्रत्याशियों का भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया है। छिटपुट विवादों के चलते पुलिस ने 275 मुकदमे दर्ज किए हैं और आधिकारिक नतीजे 3 नवंबर को घोषित होंगे।",
  "content": "आंध्र प्रदेश की 92 शहरी स्थानीय संस्थाओं के महासमर में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जहां कुल 60.96 प्रतिशत लोगों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। रविवार के दिन प्रदेश भर के 13 नगर निगमों सहित 79 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्ड प्रतिनिधियों के चुनाव संपन्न कराए गए। राज्य भर की मतदाता सूची में शामिल 96,89,061 नागरिकों में से 59,06,255 मतदाताओं ने पोलिंग बूथ पहुंचकर मत पर्चियां और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिए अपने मताधिकार का उपयोग किया। चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था की निगरानी के बीच छिटपुट विवादों को लेकर पुलिस थानों में 275 प्राथमिकियां भी पंजीकृत की गई हैं।\n\nप्रत्याशियों का चुनावी रण और मतों की गिनती की तिथि\nशहरी शासन की विभिन्न कुर्सियों पर आसीन होने के लिए इस बार कुल 10,262 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। इन सभी की किस्मत का फैसला 3 नवंबर को मतपेटियों और मशीनों की आधिकारिक गणना के साथ उजागर होगा। संपूर्ण राज्य में वोटिंग संपन्न कराने के लिए निर्वाचन तंत्र द्वारा 11,378 पोलिंग बूथों की स्थापना की गई थी, जहां पंजीकृत 99.35 लाख नागरिक अपने अधिकार का प्रयोग करने के पात्र घोषित थे।\n\nशीर्ष पदों की बात करें तो 13 प्रमुख नगर निगमों में मेयर की कुर्सी पर आसीन होने के लिए 153 दावेदार संघर्षरत रहे। इसी तरह, 70 नगर पालिकाओं के भीतर चेयरपर्सन पद को हासिल करने के इरादे से 367 नेता चुनावी ताल ठोक रहे थे। यदि कॉर्पोरेटर वार्डों की तस्वीर देखें, तो निर्धारित 922 में से 804 वार्डों के भीतर कड़ा मुकाबला हुआ और वहां 3,077 उम्मीदवारों ने पसीना बहाया। बाकी बचे 118 वार्डों में किसी प्रतिद्वंद्वी के न होने या नाम वापसी की वजह से उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।\n\nतकनीकी रुकावट के बाद विजयवाड़ा के वार्ड 55 में अतिरिक्त समय\nविजयवाड़ा शहर के अंतर्गत वार्ड संख्या 55 में मतदान सुबह समय पर प्रारंभ नहीं हो सका। वहां तकनीकी अड़चनों और प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण पोलिंग प्रक्रिया करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हो पाई। मतदाताओं की लंबी कतारों और उनके अधिकारों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया।\n\nजिला कलेक्टर की ओर से भेजी गई तात्कालिक गुजारिश के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने मतदान की निर्धारित सीमा शाम 5 बजे से आगे बढ़ाकर रात 7:30 बजे तक कर दी। इस निर्णय का मूल उद्देश्य लाइन में खड़े सभी पंजीकृत वोटरों को अपने वोट डालने की पूरी सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि कोई भी नागरिक अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।\n\nप्रेस वार्ता में शिकायतों की जांच और 12 जिलों की समीक्षा\nरविवार ढलने के बाद विजयवाड़ा के केंद्रीय चुनाव कार्यालय में एक उच्च स्तरीय मीडिया वार्ता आयोजित हुई। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा ने स्थिति साफ करते हुए कहा, \"हर शिकायत को गंभीरता से लिया गया है।\" इस प्रेस कांफ्रेंस में राज्य चुनाव आयोग के सचिव ए मल्लिकार्जुन तथा पुलिस महानिरीक्षक राजा कुमारी भी मंच पर मौजूद रहीं। मुख्य आयुक्त ने खुलासा किया कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव संचालन में अनियमितताओं को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।\n\nविशेष तौर पर कडप्पा, अनंतपुर और पलनाडु क्षेत्रों से आई शिकायतों पर आयोग ने संबंधित जिला कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों से विस्तृत ब्योरा तलब किया है। पोलिंग के दौरान निर्वाचन आयोग पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए हुए था। अनिल चंद्र पुनेथा ने कुरनूल, चित्तूर, नेल्लोर, प्रकाशम, तिरुपति, अन्नमय्या, श्री सत्य साईं, कडप्पा, पलनाडु, नंदीयाल, मरकापुरम और अनंतपुर जैसे 12 संवेदनशील जिलों के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों से करीब पौन घंटे तक बातचीत करके जमीन पर शांति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीकाकुलम से लेकर गुंटूर तक के अधिकांश जनपदों में बिना किसी बड़ी रुकावट के मतदान सुचारू रूप से आगे बढ़ा।\n\nपुलिवेंदुला का गतिरोध और प्राथमिकियों पर पुलिसिया पड़ताल\nपुलिवेंदुला नगर निकाय के भीतर पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी और उनके कामकाज को लेकर राजनीतिक गुटों ने गंभीर आरोप जड़े थे। चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन आरोपों की सत्यता जांचने के लिए जिला पुलिस प्रमुख से सीधी बातचीत हुई है और उनकी जांच आख्या प्रस्तुत होने के उपरांत नियमानुसार दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।\n\nआईजी राजा कुमारी ने ब्योरा दिया कि पूरे प्रदेश में वोटिंग के दौरान कुल मिलाकर करीब 40 अप्रिय वाकये सामने आए हैं। इन सभी मामलों की गहन छानबीन की जा रही है और जहां भी आपराधिक तत्वों की संलिप्तता पाई गई, वहां 275 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पीठासीन अधिकारियों की सीलबंद रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और शिकायतों के आधार पर अंतिम कार्रवाई तय होगी।\n\nइसका आप पर असर\nआंध्र प्रदेश के 92 शहरी क्षेत्रों में नई स्थानीय सरकारों का गठन अंतिम चरण में पहुंच गया है, जिसका सीधा असर नागरिक सुविधाओं पर पड़ेगा।\n\n• आंध्र प्रदेश में: शहरी स्थानीय निकायों के 10,262 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 3 नवंबर की मतगणना के बाद हो जाएगा। इसके बाद 13 नगर निगमों और 79 नगर पालिकाओं में विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और स्थानीय बजट की बागडोर नए पार्षदों व मेयरों के हाथ होगी।\n• विजयवाड़ा के निवासियों के लिए: वार्ड 55 में मतदान का समय शाम 7:30 बजे तक बढ़ाकर तकनीकी देरी के शिकार सभी नागरिकों को वोट डालने की सुविधा दी गई। इससे उस वार्ड के नतीजे किसी भी कानूनी विवाद से बचकर पूरी तरह वैध रहेंगे।\n• कडप्पा, अनंतपुर और पलनाडु में: चुनावी झड़पों और शिकायतों को लेकर पुलिस ने 275 प्राथमिकियां दर्ज की हैं। असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों पर पुलिस प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।\n• मतदाताओं के मताधिकार पर: राज्य के 59 लाख से अधिक नागरिकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। इस जनादेश के जरिए 804 वार्डों में नागरिकों को सीधे अपने पसंदीदा जनप्रतिनिधि से स्थानीय समस्याएं सुलझाने का मौका मिलेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nआंध्र प्रदेश में शहरी निकायों के इस मतदान चरण में चुनावी सक्रियता के साथ छिटपुट विवाद इसलिए सामने आए क्योंकि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व की सीधी लड़ाई चल रही थी।\n\n• कड़ा स्थानीय मुकाबला: 13 नगर निगमों में मेयर और 70 पालिकाओं में चेयरपर्सन पदों के साथ सैकड़ों वार्डों में हजारों उम्मीदवार सीधे आमने-सामने थे। स्थानीय स्तर पर गली-मुहल्ले का प्रभाव स्थापित करने की इस होड़ ने कई पोलिंग बूथों पर तनाव और आपत्तियों को जन्म दिया।\n• तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां: विजयवाड़ा नगर निगम के वार्ड 55 में तकनीकी खामियों के कारण मतदान निर्धारित समय से ढाई घंटे की देरी से शुरू हो सका। इस देरी के चलते भीड़ जुटने से बचाने और मतदाताओं को अवसर देने के लिए समय सीमा को शाम 5 बजे से बढ़ाकर रात 7:30 बजे करना पड़ा।\n• पुलिवेंदुला और संवेदनशील जिलों में खींचतान: पुलिवेंदुला में पोलिंग एजेंटों की तैनाती को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए, जबकि कडप्पा, अनंतपुर और पलनाडु में तकरार हुई। आयोग ने कानून व्यवस्था संभालने के लिए 12 जिलों के कलेक्टरों के साथ लंबी समीक्षा की और 275 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव 2026 में कुल कितना मतदान दर्ज किया गया?\nराज्य के 92 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 60.96 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जिसमें 59,06,255 नागरिकों ने अपने मत डाले।\n\n2. इस चुनाव के परिणाम और मतों की गिनती कब होगी?\nसभी 10,262 प्रत्याशियों के चुनावी भविष्य का फैसला 3 नवंबर को होने वाली मतों की गिनती के बाद होगा।\n\n3. विजयवाड़ा के वार्ड 55 में वोटिंग का समय क्यों बढ़ाया गया था?\nवार्ड 55 में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से मतदान करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हुआ था, जिसके बाद जिला कलेक्टर के अनुरोध पर समय बढ़ाकर रात 7:30 बजे तक किया गया।\n\n4. मतदान के दौरान कितनी अप्रिय घटनाएं सामने आईं और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?\nचुनाव के दौरान लगभग 40 छिटपुट घटनाएं दर्ज हुईं, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न मामलों में कुल 275 एफआईआर दर्ज की हैं।\n\n5. कितने वार्डों में उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे?\nकुल 922 कॉर्पोरेटर वार्डों में से 118 वार्डों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि 804 वार्डों पर वोट डाले गए।",
  "url": "https://trendkia.com/national/andhra-pradesh-nikaya-chunava-men-59-lakha-se-adhika-vota-pare-275-prathamikiyon-ke-bicha-3-navnbara-ko-parinama-54843",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-11-02",
  "tags": [
    "आंध्र प्रदेश",
    "निकाय चुनाव",
    "मतदान",
    "अनिल चंद्र पुनेथा",
    "विजयवाड़ा",
    "मतगणना"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia",
  "whatItMeansForYou": "आंध्र प्रदेश के 92 शहरी क्षेत्रों में नई स्थानीय सरकारों का गठन अंतिम चरण में पहुंच गया है, जिसका सीधा असर नागरिक सुविधाओं पर पड़ेगा।\n\n• आंध्र प्रदेश में: शहरी स्थानीय निकायों के 10,262 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 3 नवंबर की मतगणना के बाद हो जाएगा। इसके बाद 13 नगर निगमों और 79 नगर पालिकाओं में विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और स्थानीय बजट की बागडोर नए पार्षदों व मेयरों के हाथ होगी।\n• विजयवाड़ा के निवासियों के लिए: वार्ड 55 में मतदान का समय शाम 7:30 बजे तक बढ़ाकर तकनीकी देरी के शिकार सभी नागरिकों को वोट डालने की सुविधा दी गई। इससे उस वार्ड के नतीजे किसी भी कानूनी विवाद से बचकर पूरी तरह वैध रहेंगे।\n• कडप्पा, अनंतपुर और पलनाडु में: चुनावी झड़पों और शिकायतों को लेकर पुलिस ने 275 प्राथमिकियां दर्ज की हैं। असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों पर पुलिस प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।\n• मतदाताओं के मताधिकार पर: राज्य के 59 लाख से अधिक नागरिकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। इस जनादेश के जरिए 804 वार्डों में नागरिकों को सीधे अपने पसंदीदा जनप्रतिनिधि से स्थानीय समस्याएं सुलझाने का मौका मिलेगा।",
  "whyItHappened": "आंध्र प्रदेश में शहरी निकायों के इस मतदान चरण में चुनावी सक्रियता के साथ छिटपुट विवाद इसलिए सामने आए क्योंकि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व की सीधी लड़ाई चल रही थी।\n\n• कड़ा स्थानीय मुकाबला: 13 नगर निगमों में मेयर और 70 पालिकाओं में चेयरपर्सन पदों के साथ सैकड़ों वार्डों में हजारों उम्मीदवार सीधे आमने-सामने थे। स्थानीय स्तर पर गली-मुहल्ले का प्रभाव स्थापित करने की इस होड़ ने कई पोलिंग बूथों पर तनाव और आपत्तियों को जन्म दिया।\n• तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां: विजयवाड़ा नगर निगम के वार्ड 55 में तकनीकी खामियों के कारण मतदान निर्धारित समय से ढाई घंटे की देरी से शुरू हो सका। इस देरी के चलते भीड़ जुटने से बचाने और मतदाताओं को अवसर देने के लिए समय सीमा को शाम 5 बजे से बढ़ाकर रात 7:30 बजे करना पड़ा।\n• पुलिवेंदुला और संवेदनशील जिलों में खींचतान: पुलिवेंदुला में पोलिंग एजेंटों की तैनाती को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए, जबकि कडप्पा, अनंतपुर और पलनाडु में तकरार हुई। आयोग ने कानून व्यवस्था संभालने के लिए 12 जिलों के कलेक्टरों के साथ लंबी समीक्षा की और 275 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई।",
  "questionsAndAnswers": [
    {
      "question": "आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव 2026 में कुल कितना मतदान दर्ज किया गया?",
      "answer": "राज्य के 92 शहरी स्थानीय निकायों में कुल 60.96 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जिसमें 59,06,255 नागरिकों ने अपने मत डाले।"
    },
    {
      "question": "इस चुनाव के परिणाम और मतों की गिनती कब होगी?",
      "answer": "सभी 10,262 प्रत्याशियों के चुनावी भविष्य का फैसला 3 नवंबर को होने वाली मतों की गिनती के बाद होगा।"
    },
    {
      "question": "विजयवाड़ा के वार्ड 55 में वोटिंग का समय क्यों बढ़ाया गया था?",
      "answer": "वार्ड 55 में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से मतदान करीब ढाई घंटे देरी से शुरू हुआ था, जिसके बाद जिला कलेक्टर के अनुरोध पर समय बढ़ाकर रात 7:30 बजे तक किया गया।"
    },
    {
      "question": "मतदान के दौरान कितनी अप्रिय घटनाएं सामने आईं और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?",
      "answer": "चुनाव के दौरान लगभग 40 छिटपुट घटनाएं दर्ज हुईं, जिसके बाद पुलिस ने विभिन्न मामलों में कुल 275 एफआईआर दर्ज की हैं।"
    },
    {
      "question": "कितने वार्डों में उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे?",
      "answer": "कुल 922 कॉर्पोरेटर वार्डों में से 118 वार्डों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि 804 वार्डों पर वोट डाले गए।"
    }
  ]
}