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  "type": "article",
  "title": "आंतरिक विवादों और इस्तीफे के विरोध के बीच चुनाव आयोग ने नया कार्य विभाजन आदेश निकाला",
  "summary": "चुनाव आयोग में चले गतिरोध और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद आयोग ने नया वर्क ऑर्डर जारी किया है, जिसमें आईटी डीजी सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग डीईसी को तय की गई है।",
  "content": "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों और आंतरिक गतिरोध के शांत होने के बाद चुनाव आयोग ने अपने प्रशासनिक कामकाज के संचालन के लिए एक नया वर्क ऑर्डर निकाला है। 4 नवंबर को जारी किया गया यह आदेश 28 जुलाई के पिछले विवादित वर्क ऑर्डर के बाद आयोग के भीतर जिम्मेदारियों के पुनर्गठन की पहली औपचारिक व्यवस्था है। इस प्रशासनिक फेरबदल के जरिए आयोग के आगामी कामकाज के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।\n\nआईटी विभाग की रिपोर्टिंग व्यवस्था में बदलाव\nनए प्रशासनिक वर्क ऑर्डर में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक यानी आईटी डीजी सीमा खन्ना अब चुनाव आयोग के उप चुनाव आयुक्त यानी डीईसी को रिपोर्ट करेंगी। पूर्व में इस पद की रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर आयोग के शीर्ष स्तर पर काफी मतभेद उभरे थे, जिसे अब इस नए लिखित आदेश के जरिए व्यवस्थित किया गया है।\n\nजुलाई के वर्क ऑर्डर पर क्यों हुआ था टकराव\nइससे पहले 28 जुलाई को जारी किया गया वर्क ऑर्डर कभी ज़मीन पर लागू ही नहीं हो सका था। उस आदेश पर दोनों चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। 28 जुलाई के उस पत्र में प्रावधान किया गया था कि आईटी विभाग की पूरी जिम्मेदारी डीजी सीमा खन्ना संभालेंगी और वे सीधे आयोग को रिपोर्ट करेंगी। दोनों आयुक्तों के विरोध के बाद यह नया नियम ठंडे बस्ते में चला गया था, जिसके चलते डीजी सीमा खन्ना डीईसी के माध्यम से ही फाइलों को आगे बढ़ाती रही थीं।\n\nकैबिनेट सचिव तक पहुंचा था अफसरों की कार्यशैली का मामला\nजुलाई के आदेश के बाद उभरे तनाव के दौरान दोनों चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने मिलकर कैबिनेट सचिव को पत्र भी लिखा था। इस पत्र में आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए गए थे। 28 जुलाई का आदेश निष्प्रभावी रहने के कारण आयोग में पुरानी कार्यप्रणाली ही जारी रही, जिसके तहत आईटी प्रभाग की जिम्मेदारी तत्कालीन डीईसी संजय कुमार के पास बनी रही थी। 4 नवंबर का यह नया आदेश विवादों के बाद आंतरिक कार्य वितरण को पटरी पर लाने की पहली आधिकारिक कोशिश है।\n\nइसका आप पर असर\nचुनाव आयोग के भीतर प्रशासनिक व्यवस्था और रिपोर्टिंग ढांचे को औपचारिक रूप से स्पष्ट किया गया है।\n\n• प्रशासनिक स्पष्टता: आयोग के आंतरिक कामकाज में फाइलों के संचालन और आईटी विभाग की जवाबदेही अब उप चुनाव आयुक्त के माध्यम से तय हो गई है। इससे आयोग के भीतर उच्च स्तर पर निर्णयों की प्रक्रिया औपचारिक और निर्धारित नियमों के तहत चलेगी।\n• आंतरिक गतिरोध पर विराम: जुलाई से अटके कार्य वितरण के नए सिरे से तय होने से दैनिक प्रशासनिक कार्यों की रुकावटें दूर होंगी। चुनावी मशीनरी और तकनीकी प्रभाग के बीच आधिकारिक समन्वय सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा।\n• संस्थागत संतुलन: दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बाद नियमों को तय प्रक्रिया के अनुरूप रखा गया है। इससे आयोग के अधिकारियों और शीर्ष आयुक्तों के बीच समन्वय बना रहेगा।\n• सार्वजनिक व्यवस्था: चुनाव आयोग का प्रशासनिक तंत्र सामान्य रूप से काम करना शुरू करेगा। आगामी जिम्मेदारियों और तकनीकी कार्यों का निष्पादन तय व्यवस्था के तहत हो सकेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचुनाव आयोग में नया वर्क ऑर्डर शीर्ष स्तर पर हुए आंतरिक टकराव और प्रशासनिक गतिरोध के बाद जरूरी हो गया था।\n\n• 28 जुलाई के आदेश पर विरोध: पूर्व में 28 जुलाई को जारी कार्य विभाजन आदेश में आईटी डीजी को सीधे आयोग को रिपोर्ट करने को कहा गया था, जिस पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इस विरोध के कारण वह आदेश कभी जमीन पर लागू नहीं हो सका।\n• कैबिनेट सचिव को पत्र: चुनाव आयुक्त एस एस संधू और विवेक जोशी ने एक वरिष्ठ अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर कैबिनेट सचिव को संयुक्त पत्र भेजा था। इस पत्राचार के चलते पुराने आदेश निष्प्रभावी रहे और फाइलों का संचालन पुरानी व्यवस्था से ही होता रहा।\n• सीईसी के इस्तीफे से जुड़ा गतिरोध: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उससे जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रशासनिक कामकाज को सुचारू करने के लिए एक सर्वमान्य कार्य विभाजन की आवश्यकता थी। इसी वजह से 4 नवंबर को नया लिखित वर्क ऑर्डर जारी किया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चुनाव आयोग ने नया वर्क ऑर्डर कब जारी किया?\nचुनाव आयोग ने यह नया वर्क ऑर्डर 4 नवंबर को जारी किया।\n\n2. नए वर्क ऑर्डर में आईटी डीजी सीमा खन्ना की क्या जिम्मेदारी तय की गई है?\nनए आदेश के अनुसार आईटी डीजी सीमा खन्ना अब चुनाव आयोग के डीईसी (उप चुनाव आयुक्त) को रिपोर्ट करेंगी।\n\n3. 28 जुलाई का पुराना वर्क ऑर्डर क्यों लागू नहीं हो सका था?\nउस आदेश पर चुनाव आयुक्त एस एस संधू और विवेक जोशी ने सवाल उठाए थे, जिसके चलते वह लागू नहीं हो पाया था।\n\n4. 28 जुलाई के आदेश में आईटी विभाग को लेकर क्या व्यवस्था थी?\n28 जुलाई के आदेश में आईटी विभाग की जिम्मेदारी डीजी सीमा खन्ना को दी गई थी और उन्हें सीधे आयोग को रिपोर्ट करना था।\n\n5. चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को पत्र क्यों लिखा था?\nदोनों चुनाव आयुक्तों ने मिलकर एक अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था।\n\n6. 28 जुलाई से पहले आईटी विभाग का प्रभार किसके पास था?\n28 जुलाई के आदेश से पहले के निर्देशों के अनुसार आईटी विभाग की जिम्मेदारी तत्कालीन डीईसी संजय कुमार के पास थी।",
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  "publishedAt": "2026-11-05",
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