# अनुभवी फाइटर पायलट एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने ईस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली

> 3,200 घंटे से अधिक लड़ाकू उड़ान अनुभव वाले एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने 1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है.

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/anubhavi-phaitara-payalata-eyara-marshala-mehtab-singh-deswal-ne-eastern-air-command-ki-kamana-snbhali-54773 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय वायु सेना, मेहताब सिंह देसवाल, पूर्वी वायु कमान, रक्षा समाचार, फाइटर पायलट, राष्ट्रीय सुरक्षा

भारतीय वायु सेना के बेहद अनुभवी सैन्य अधिकारी एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने 1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का दायित्व ग्रहण कर लिया है. इस शीर्ष कमान पर नियुक्ति मिलने से ठीक पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर की अहम जिम्मेदारी निभा रहे थे. उनके पास लड़ाकू अभियानों और रणनीतिक वायु रक्षा का लंबा तजुर्बा है, जिससे पूर्वोत्तर सेक्टर में भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

## तीन दशकों से अधिक का शानदार सेवा काल
देसवाल की सैन्य यात्रा 14 जून 1989 को शुरू हुई थी, जब उन्हें भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन दिया गया. अपने साढ़े तीन दशक से अधिक के करियर में उन्होंने आसमान में 3,200 घंटे से अधिक समय तक कई तरह के लड़ाकू विमान उड़ाए हैं. वह एयर डिफेंस तथा आक्रामक स्ट्राइक अभियानों के माहिर रणनीतिकार माने जाते हैं. इसके साथ ही वह क्वालिफाइड पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर के रूप में युवा पायलटों को युद्ध कौशल सिखाने का अनुभव भी रखते हैं. उनकी बुनियादी सैन्य शिक्षा नेशनल डिफेंस एकेडमी में हुई, जिसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च रक्षा अध्ययन पूरा किया.

## फील्ड और प्रशासनिक मोर्चों पर व्यापक अनुभव
अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने अग्रिम पंक्ति के कमान दायित्वों से लेकर उच्च प्रशासनिक पदों को सफलतापूर्वक संभाला है. वह दो अहम फ्लाइंग बेस पर एयर ऑफिसर कमांडिंग के पद पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने पूरे बेस के ऑपरेशंस का मार्गदर्शन किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में भी लड़ाकू अभियानों का नेतृत्व किया है.

## राजनयिक मिशन और शीर्ष मुख्यालय में भूमिका
उनकी क्षमताओं का विस्तार केवल घरेलू सैन्य कमान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. वह पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग में एयर अटैशे के पद पर तैनात रहे, जहां उन्होंने संवेदनशील द्विपक्षीय माहौल में राजनयिक और सामरिक भूमिका निभाई. नई दिल्ली स्थित एयर हेडक्वार्टर में उन्होंने डायरेक्टर जनरल (वेपन सिस्टम्स) के पद पर काम करते हुए वायु सेना के आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रबंधन में योगदान दिया. उनके इसी असाधारण समर्पण और राष्ट्र सेवा को मान्यता देते हुए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से अलंकृत किया जा चुका है.

पूर्वी सीमाओं पर मौजूदा सुरक्षा परिदृश्यों के बीच उनकी यह नियुक्ति रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि उनका विशाल लड़ाकू तजुर्बा और प्रशासनिक दक्षता अब इस पूरी कमान को दिशा देगी.

## इसका आप पर असर
यह नियुक्ति भारत की सामरिक सीमाओं की चौकसी और सैन्य तैयारियों को मजबूत करती है.

- **पूर्वोत्तर सीमा सुरक्षा:** पूर्वी कमान के नए नेतृत्व से चीन सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्यों में हवाई निगरानी और सुरक्षा तंत्र को उच्च स्तरीय परिचालन अनुभव मिलेगा. इससे संवेदनशील इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और लड़ाकू तत्परता बेहतर होगी.
- **रणनीतिक रक्षा संतुलन:** फाइटर पायलटिंग और आधुनिक वेपन सिस्टम्स में महारत रखने वाले अधिकारी की कमान मिलने से तीनों सेनाओं के संयुक्त तालमेल और आधुनिक हवाई रक्षा को नई दिशा मिलेगी. यह देश की समग्र सुरक्षा व्यवस्था के लिए विश्वास बढ़ाने वाला कदम है.
- **वायु सेना का आंतरिक प्रशिक्षण:** एक क्वालिफाइड पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर के कमान प्रमुख बनने से कमान के तहत तैनात पायलटों के कौशल संवर्धन को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा. इससे अग्रिम मोर्चों पर तैनात फाइटर स्क्वाड्रनों की मारक क्षमता में इजाफा होगा.
- **नागरिक सुरक्षा और स्थिरता:** सीमावर्ती राज्यों में मजबूत और अनुभवी सैन्य नेतृत्व स्थानीय आबादी में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का गहरा विश्वास पैदा करता है. इससे देश के नागरिकों को अपनी सीमाओं की अभेद्यता का भरोसा मिलता है.

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय वायु सेना में नियमित संगठनात्मक फेरबदल और वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के तहत यह शीर्ष नियुक्ति की गई है.

- **वरिष्ठता और सेवाकाल का क्रम:** भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल को उनकी सेवा वरिष्ठता और उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर 1 नवंबर 2026 को पूर्वी वायु कमान का प्रमुख नियुक्त किया गया. यह सैन्य पदानुक्रम में होने वाला एक निर्धारित कमान परिवर्तन है.
- **विशाल परिचालन और रणनीतिक अनुभव:** देसवाल के पास 3,200 घंटे से अधिक का लड़ाकू उड़ान अनुभव, दो एयर बेस और एक फाइटर स्क्वाड्रन की कमान तथा एयर हेडक्वार्टर में वेपन सिस्टम्स संभालने का लंबा तजुर्बा है. यही व्यापक योग्यता उन्हें पूर्वी क्षेत्र जैसे संवेदनशील थिएटर के नेतृत्व के लिए उपयुक्त बनाती है.
- **पूर्व पदस्थापना का समापन:** इससे पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. उस कार्यकाल के बाद उन्हें पदोन्नत कर पूर्वी कमान का सर्वोच्च दायित्व सौंपा गया है.

## सवाल-जवाब

### 1. एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने कौन सा नया पदभार संभाला है?
उन्होंने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायु सेना की पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला है.

### 2. पूर्वी कमान संभालने से पहले वह किस पद पर तैनात थे?
इससे पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे.

### 3. एयर मार्शल देसवाल को वायु सेना में कब कमीशन मिला था?
उन्हें 14 जून 1989 को भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था.

### 4. उनके पास लड़ाकू विमान उड़ाने का कितना अनुभव है?
उनके पास विभिन्न लड़ाकू विमानों को उड़ाने का 3,200 घंटे से अधिक का शानदार अनुभव है.

### 5. उन्हें कौन-से प्रमुख सैन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं?
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और वायु सेना मेडल (VM) से सम्मानित किया गया है.

### 6. विदेश में उन्होंने कौन सा महत्वपूर्ण राजनयिक दायित्व निभाया था?
वह पाकिस्तान में स्थित भारतीय दूतावास में एयर अटैशे के महत्वपूर्ण पद पर तैनात रह चुके हैं.

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