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  "type": "article",
  "title": "आपराधिक रिकॉर्ड न होने पर NEET प्रदर्शनकारियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश",
  "summary": "सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों में गिरफ्तार जिन छात्रों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर फिलहाल सख्त कार्रवाई न हो। इससे पहले बिहार और असम सरकार भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने का फैसला ले चुकी हैं।",
  "content": "सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों में गिरफ्तार छात्रों को मंगलवार को बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई न हो।\n\nक्यों सड़कों पर उतरे थे छात्र\nपिछले कुछ समय से NEET परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया था, जिसके बाद इन छात्रों और उनसे जुड़े संगठनों की तरफ से अदालत का रुख किया गया।\n\nसुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया\nमंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जिन छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है और उन्हें रिहा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इस आदेश से प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बड़ी अंतरिम राहत मिली है।\n\nबिहार और असम में पहले से मिल रही थी राहत\nसुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से पहले ही बिहार सरकार पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और उन्हें जल्द रिहा करने का फैसला ले चुकी थी। यह फैसला CJP की चेतावनी के बाद लिया गया बताया जा रहा है। इसके एक दिन बाद असम में भी प्रदर्शनकारियों को इसी तरह की राहत दी गई और वहां भी दर्ज मामले वापस लिए जाने की बात कही गई। CJP की तरफ से भी एफआईआर वापसी को लेकर भरोसा दिलाया गया है।\n\nजंतर मंतर लाठीचार्ज और संसद मार्च का मामला भी कोर्ट में\nइसके अलावा जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जिसमें छात्रों पर पुलिस ज्यादती के आरोप लगाए गए हैं। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दो अलग याचिकाएं भी अदालत में दाखिल की गई हैं, जिनमें पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का आरोप है। इन याचिकाओं पर भी अहम सुनवाई होनी है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी, क्योंकि बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों पर अब सख्त पुलिस कार्रवाई नहीं होगी।\n• बिहार में: राज्य सरकार पहले ही प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का फैसला ले चुकी है, जिससे वहां गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए छात्रों को जल्द रिहाई मिल सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश कब दिया?\nमंगलवार को सुनवाई के दौरान।\n\n2. आदेश में क्या कहा गया है?\nबिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सख्त कार्रवाई न हो।\n\n3. यह प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हो रहे थे?\nNEET परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर।\n\n4. बिहार सरकार ने क्या फैसला लिया है?\nप्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और उन्हें जल्द रिहा करने का फैसला लिया है।\n\n5. असम में क्या स्थिति है?\nबिहार के बाद असम में भी प्रदर्शनकारियों को राहत देते हुए दर्ज मामले वापस लिए जाने की बात कही गई है।\n\n6. जंतर मंतर लाठीचार्ज मामला क्या है?\nछात्रों के प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जिसमें पुलिस ज्यादती के आरोप हैं।\n\n7. संसद मार्च से जुड़ी याचिकाओं में क्या आरोप हैं?\nइन याचिकाओं में पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।\n\n8. CJP का इस मामले में क्या रोल बताया जा रहा है?\nरिपोर्टों के मुताबिक CJP की चेतावनी के बाद ही राज्यों ने एफआईआर वापस लेने का फैसला लिया।",
  "url": "https://trendkia.com/national/aparadhika-rikorda-na-hone-para-neet-pradarshanakariyon-ki-rihai-ka-suprima-korta-ne-diya-adesha-11294",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-07-28",
  "tags": [
    "NEET पेपर लीक",
    "सुप्रीम कोर्ट",
    "प्रदर्शनकारी रिहाई",
    "FIR वापसी",
    "बिहार सरकार निर्णय",
    "जंतर मंतर लाठीचार्ज"
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  "site": "TrendKia"
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