आरटीआई खुलासा: 2007 से रेल मंत्रियों के 33 चार्टर्ड विमान दौरों पर खर्च हुए 8.90 करोड़ रुपये, लालू यादव ने भरीं सबसे ज्यादा उड़ानें तो सुरेश प्रभु की यात्राएं रहीं सबसे खर्चीली आरटीआई के आंकड़ों के अनुसार साल 2007 से अब तक रेल मंत्रियों की 33 चार्टर्ड उड़ानों पर सरकारी खजाने से 8.90 करोड़ रुपये खर्च हुए। लालू यादव ने सर्वाधिक 12 उड़ानें भरीं, जबकि सुरेश प्रभु का 4 उड़ानों का बिल 3.01 करोड़ रुपये रहा। भारत सरकार के रेल मंत्रालय में मंत्रियों द्वारा सरकारी खर्च पर की गई चार्टर्ड उड़ानों का ब्योरा एक सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन से सामने आया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2007 से लेकर अब तक विभिन्न रेल मंत्रियों ने कुल 33 बार चार्टर्ड प्लेन से यात्रा की है। इन उड़ानों पर सरकारी खजाने यानी जनता की कमाई से लगभग 8.90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आया है। इस रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा बार विमान का उपयोग करने वालों में लालू यादव का नाम सबसे ऊपर है, जबकि महज चार यात्राओं में ही सबसे बड़ा सरकारी बिल बनाने का रिकॉर्ड सुरेश प्रभु के नाम दर्ज हुआ है। लालू यादव की सबसे ज्यादा उड़ानें और सुरेश प्रभु का सबसे महंगा सफर RTI से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2007 के बाद से हुई 33 चार्टर्ड उड़ानों में से एक तिहाई से भी अधिक यात्राएं अकेले लालू यादव ने की हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कुल 12 बार चार्टर्ड विमान की सेवा ली। हालांकि, कुल उड़ानों की संख्या में शीर्ष पर रहने के बावजूद सबसे अधिक धनराशि खर्च करने का रिकॉर्ड उनके नाम नहीं है। खर्च के मामले में पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अन्य सभी मंत्रियों को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने अपने कार्यकाल में केवल 4 बार ही चार्टर्ड प्लेन से उड़ान भरी थी, लेकिन उनकी ये यात्राएं सबसे ज्यादा खर्चीली साबित हुईं। सुरेश प्रभु की एक विशेष यात्रा में कुल 13 दिनों का समय लगा था, जिसके कारण उस अकेली यात्रा और अन्य उड़ानों का मिलाकर कुल बिल 3.01 करोड़ रुपये आया। यह किसी भी रेल मंत्री द्वारा चार्टर्ड प्लेन पर किया गया अब तक का सबसे बड़ा खर्च है। हादसों और संकट के समय विमान का इस्तेमाल मंत्रियों द्वारा चार्टर्ड विमानों का उपयोग आमतौर पर आपातकालीन स्थितियों, जैसे प्राकृतिक आपदा, गंभीर रेल दुर्घटनाओं या आवश्यक सरकारी दायित्वों को पूरा करने के लिए किया जाता रहा है। आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि संकट के समय त्वरित पहुंचने के लिए मंत्रियों ने इस सुविधा का सहारा लिया • 2008 की बिहार बाढ़: लालू यादव ने बिहार में आई भीषण बाढ़ के दौरान स्थिति का जायजा लेने के लिए कई बार चार्टर्ड विमान से पटना और अन्य प्रभावित इलाकों का दौरा किया। • 2011 का हावड़ा-कालका मेल हादसा: दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन मंत्री केएच मुनियप्पा तुरंत चार्टर्ड प्लेन से कानपुर पहुंचे थे। • 2016 का कानपुर हादसा: रेल दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के लिए मनोज सिन्हा भी चार्टर्ड विमान से कानपुर गए थे। • 2023 का बालासोर हादसा: नरेंद्र मोदी सरकार में वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 1 बार चार्टर्ड प्लेन का उपयोग किया है। उन्होंने जून 2023 में ओडिशा के बालासोर में हुए दुखद ट्रेन हादसे के तुरंत बाद दुर्घटनास्थल पर पहुंचने के लिए यह उड़ान भरी थी, जिस पर 25 लाख रुपये की लागत आई थी। वायुसेना से IRCTC तक: कैसे बदला विमान बुकिंग का तरीका मंत्रियों के लिए चार्टर्ड विमानों की बुकिंग और उपलब्धता की व्यवस्था में समय के साथ बड़ा बदलाव आया है। पहले के वर्षों में जब भी किसी रेल मंत्री को आपात स्थिति में उड़ान भरनी होती थी, तो उनके लिए विमान की व्यवस्था सीधे भारतीय वायुसेना के माध्यम से की जाती थी। हालांकि, पीयूष गोयल के रेल मंत्री बनने के बाद इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया। उनके कार्यकाल से चार्टर्ड प्लेन की बुकिंग का जिम्मा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम यानी IRCTC को सौंप दिया गया, जिसके बाद से IRCTC ही इन उड़ानों का प्रबंधन करता है। रेल मंत्रालय को भारतीय राजनीति में हमेशा से सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक मंत्रालयों में गिना जाता रहा है। साल 2016 से पहले तक आम बजट से अलग संसद में अलग से रेल बजट पेश किया जाता था। देश का सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता होने और विशाल नेटवर्क के संचालन के कारण इस मंत्रालय के प्रमुख को विशेष सुविधाएं और अधिकार प्राप्त होते हैं, जिनमें संकट के समय चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल भी शामिल है। इसका आप पर असर क्या पड़ता है इसका प्रभाव: • भारत भर के नागरिकों के लिए: यह जानकारी दर्शाती है कि करदाताओं के पैसे का उपयोग आपात स्थितियों और प्रशासनिक कार्यों के लिए किस प्रकार किया जाता है और सरकारी खर्च की पारदर्शिता को बढ़ावा देती है। • रेल यात्रियों के लिए: संकट और ट्रेन हादसों के समय मंत्रियों द्वारा चार्टर्ड प्लेन से तुरंत मौके पर पहुंचने से राहत कार्यों की गति और निगरानी पर असर पड़ता है। सवाल-जवाब 1. वर्ष 2007 से रेल मंत्रियों की चार्टर्ड उड़ानों पर कितना खर्च हुआ? वर्ष 2007 से अब तक रेल मंत्रियों द्वारा की गई 33 चार्टर्ड उड़ानों पर लगभग 8.90 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 2. किस रेल मंत्री ने सबसे ज्यादा बार चार्टर्ड प्लेन का इस्तेमाल किया? लालू यादव ने सबसे ज्यादा 12 बार चार्टर्ड प्लेन का उपयोग किया, जो कुल उड़ानों का एक तिहाई से अधिक है। 3. सबसे ज्यादा खर्च किस रेल मंत्री की चार्टर्ड यात्रा पर आया? सुरेश प्रभु की 4 चार्टर्ड उड़ानों पर सबसे ज्यादा 3.01 करोड़ रुपये का खर्च आया, जिसमें एक 13 दिवसीय यात्रा भी शामिल थी। 4. वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कितनी बार चार्टर्ड प्लेन से सफर किया? अश्विनी वैष्णव ने अपने कार्यकाल में केवल 1 बार जून 2023 के बालासोर ट्रेन हादसे के समय चार्टर्ड प्लेन का उपयोग किया, जिसकी लागत 25 लाख रुपये थी। 5. चार्टर्ड प्लेन की बुकिंग की प्रक्रिया में क्या बदलाव आया है? पहले चार्टर्ड प्लेन भारतीय वायुसेना के जरिए बुक किए जाते थे, लेकिन पीयूष गोयल के कार्यकाल के बाद से यह बुकिंग IRCTC के माध्यम से की जाती है। https://trendkia.com/national/aratiai-khulasa-2007-se-rela-mntriyon-ke-33-chartarda-vimana-dauron-para-kharcha-hue-8-90-karora-rupaye-lalu-yadav-ne-bharin-sabas-18361 TrendKia — Har trend, sabse pehle.