आजमगढ़ के एकलव्य घाट पर 1.80 करोड़ रुपये से संवरेंगे दो आधुनिक पार्क, नगर पालिका ने शुरू किया निर्माण आजमगढ़ नगर पालिका ने अमृत 1.0 योजना के तहत मड़िया स्थित एकलव्य घाट के कायाकल्प की शुरुआत कर दी है, जहाँ 1.80 करोड़ रुपये से उत्तरी और दक्षिणी पार्क तैयार किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर में स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से नगर पालिका प्रशासन ने मड़िया स्थित एकलव्य घाट का कायाकल्प शुरू किया है। इस परियोजना के माध्यम से नदी तट के आसपास रहने वाली आबादी और शहरवासियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित मनोरंजक स्थल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे परिवार और बच्चे शाम के समय यहाँ सुकून से टहल सकें। विकास कार्यों की जमीनी शुरुआत के साथ ही घाट परिसर को नया रूप देने की तैयारियां युद्धस्तर पर संचालित की जा रही हैं। अमृत 1.0 योजना से मिली वित्तीय स्वीकृति और पार्क निर्माण की योजना इस विकास परियोजना की आधिकारिक रूपरेखा साझा करते हुए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि घाट के व्यवस्थित सौंदर्यीकरण का काम औपचारिक तौर पर शुरू हो चुका है। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे कार्य को अमृत 1.0 योजना के तहत शासन की मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति के अंतर्गत एकलव्य घाट पर दो अलग-अलग हिस्सों में पार्कों का निर्माण कराया जाएगा, जिन्हें उत्तरी पार्क और दक्षिणी पार्क के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से एक पार्क के संपूर्ण विकास पर लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। मनोरंजन, रोशनी और आधुनिक जनसुविधाओं से लैस होगा परिसर शासन की प्राथमिकताओं और दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्माण एजेंसी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने में जुटी है। पार्क परिसर में आने वाले आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आकर्षक फव्वारे लगाए जाएंगे और पूरे क्षेत्र को रोशन करने के लिए डेकोरेटिव लाइट्स की स्थापना की जाएगी। बच्चों के शारीरिक खेलकूद और मनोरंजन के लिए विशेष प्ले-एरिया विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने के लिए विस्तृत पैमाने पर पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए घाट की सीढ़ियों को नए सिरे से ठीक किया जा रहा है, पाथवे पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही हैं और रात के समय अंधेरे से निपटने के लिए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था की जा रही है। नागरिक सुविधाओं का विस्तार और मुख्य घाट की भावी योजना आगंतुकों और स्नानार्थियों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए घाट परिसर में आधुनिक चेंजिंग रूम और नए शौचालयों का निर्माण भी शामिल किया गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के अनुसार पार्कों का निर्माण कार्य आगामी 5 से 10 दिनों के भीतर पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा, जिसके बाद इसे आम नागरिकों के सैर-सपाटे और मॉर्निंग वॉक के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य घाट के पुनरुद्धार को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। यह तकनीकी रिपोर्ट अंतिम रूप से स्वीकृत होते ही मुख्य घाट के नवीनीकरण और उससे जुड़े अतिरिक्त निर्माण कार्यों को गति दी जाएगी। इसका आप पर असर इस सौंदर्यीकरण से आजमगढ़ शहर के लोगों को स्वच्छ वातावरण और बच्चों के लिए सुरक्षित खेलकूद की आधुनिक जगह मिलेगी। • आजमगढ़ में: मड़िया और आसपास के मोहल्लों के निवासियों को टहलने के लिए खुला हरा-भरा पार्क और सुरक्षित घाट मिलेगा। अगले 5 से 10 दिनों में पार्क का काम पूरा होने के बाद लोग सुबह-शाम परिवार संग यहाँ समय बिता सकेंगे। • आगंतुकों के लिए: घाट पर स्नान करने और घूमने आने वाले नागरिकों को नए चेंजिंग रूम और आधुनिक शौचालय की सुविधा मिलेगी। इससे महिलाओं और बुजुर्गों को घाट पर बुनियादी असुविधाओं से मुक्ति मिलेगी। • शाम की सुरक्षा: सीढ़ियों की मरम्मत, इंटरलॉकिंग टाइल्स और डेकोरेटिव लाइट्स लगने से अंधेरे और फिसलने का खतरा दूर होगा। आम नागरिक रात के समय भी बिना किसी डर के नदी तट पर आ-जा सकेंगे। • मुख्य घाट क्षेत्र: केंद्रीय घाट के कायाकल्प के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो रही है। इस परियोजना के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर छोटे दुकानदारों और विक्रेताओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। ऐसा क्यों हुआ आजमगढ़ शहर में नदी तटों की बदहाली को दूर करने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नगर पालिका ने केंद्र और राज्य सरकार की शहरी विकास प्राथमिकताओं के तहत यह पहल की है। • अमृत योजना की स्वीकृति: केंद्र पोषित अमृत 1.0 योजना के तहत नगर निकायों को पार्कों और जल संरचनाओं के सुधार के लिए धन आवंटित किया गया है। इसी नीति के अंतर्गत आजमगढ़ नगर पालिका को 1.80 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी प्राप्त हुई है। • सार्वजनिक पार्कों की कमी: मड़िया क्षेत्र में बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए सुसज्जित हरित स्थलों का अभाव था। नगर पालिका ने अप्रयुक्त घाट क्षेत्र को दो अलग-अलग पार्कों में बदलकर इस जरूरत को पूरा करने का निर्णय लिया। • घाटों की बुनियादी बदहाली: पुरानी सीढ़ियों, प्रकाश व्यवस्था के अभाव और गंदगी के कारण आम लोग यहाँ आने से बचते थे। इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए शौचालय, चेंजिंग रूम, इंटरलॉकिंग और सजावटी रोशनी की योजना बनाई गई। • मुख्य घाट की व्यापक योजना: केवल पार्क तक सीमित न रहकर समूचे घाट को विकसित करने के लिए तकनीकी डीपीआर तैयार की जा रही है। अंतिम स्वीकृति मिलने पर मुख्य घाट का नवीनीकरण दूसरे चरण में शुरू होगा। सवाल-जवाब 1. आजमगढ़ में एकलव्य घाट का विकास किस योजना के तहत किया जा रहा है? एकलव्य घाट पर पार्कों का सौंदर्यीकरण और विकास कार्य अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत बजट से किया जा रहा है। 2. इस पार्क परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है? नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के अनुसार एक पार्क के विकास के लिए लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत तय की गई है। 3. एकलव्य घाट पर आम लोगों और बच्चों के लिए क्या सुविधाएं तैयार की जा रही हैं? यहाँ फव्वारे, डेकोरेटिव लाइट्स, बच्चों का खेल क्षेत्र, हरियाली, इंटरलॉकिंग पाथवे, सीढ़ियों की मरम्मत, चेंजिंग रूम और आधुनिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। 4. पार्क का निर्माण कार्य कब तक पूरा होने की संभावना है? नगर पालिका प्रशासन के अनुसार पार्कों का निर्माण आगामी 5 से 10 दिनों में पूरा कर इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। 5. मुख्य घाट के नवीनीकरण को लेकर क्या योजना बनाई गई है? मुख्य घाट के जीर्णोद्धार के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जिसके मंजूर होते ही आगे का काम शुरू होगा। https://trendkia.com/national/azamgarh-ke-eklavya-ghat-para-1-80-karora-rupaye-se-snvarenge-do-adhunika-parka-nagara-palika-ne-shuru-kiya-nirmana-35745 TrendKia — Har trend, sabse pehle.