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  "type": "article",
  "title": "आजमगढ़ में नगर पालिका खुद संभालेगी कचरा संग्रहण, व्हाट्सएप पर दर्ज होगी शिकायत और तय हुआ 50 रुपये शुल्क",
  "summary": "आजमगढ़ नगर पालिका प्रशासन ने शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन खुद संचालित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नागरिकों को व्हाट्सएप पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी और 50 रुपये प्रति माह शुल्क तय किया गया है।",
  "content": "आजमगढ़ में साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने और उसे बेहतर ढंग से लागू करने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत शहर में घर-घर कचरा उठाने की प्रक्रिया को एक बार फिर से शुरू किया जा रहा है और नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा भी दी जाएगी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के सभी 25 वार्डों में सफाई का एक नया और ठोस ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर पूरे क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा।\n\nनिजी कंपनियों के बजाय खुद कमान संभालेगी नगर पालिका\nआजमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में पहले भी घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन वह कुछ ही दिनों के संचालन के बाद ठप हो गई थी। किसी निजी एजेंसी के काम छोड़ देने के बाद से यह सेवा लंबे समय से बंद पड़ी थी। अब नगर विकास विभाग की मंशा के मुताबिक नगर पालिका किसी भी निजी कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय अपने खुद के संसाधनों का इस्तेमाल कर इस पूरी व्यवस्था को संचालित करेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां भेजी जाएंगी और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर वाहन पर दो कर्मियों की तैनाती की जाएगी।\n\n50 रुपये मासिक शुल्क और दीवार पर लिखे जाएंगे नंबर\nपहले जहाँ निजी कंपनी हर उपयोगकर्ता से लगभग 100 रुपये वसूल करती थी, वहीं अब नगर पालिका ने इस शुल्क को घटाकर मात्र 50 रुपये प्रति माह कर दिया है, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग से दरें निर्धारित की जाएंगी। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए इन सरकारी दरों को सार्वजनिक भी किया जाएगा। अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनके इलाके में गाड़ी का चालक या सुपरवाइजर कौन है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने एक विशेष योजना बनाई है जिसके तहत हर वार्ड के 10 प्रमुख स्थानों पर वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। इन दीवारों पर वाहन चालक, सुपरवाइजर और इंस्पेक्टर के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जाएंगे।\n\nव्हाट्सएप पर शिकायत और कचरा डंपिंग की समस्या का समाधान\nस्थानीय निवासी किसी भी प्रकार की गंदगी या अन्य सफाई संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर दीवार पर लिखे गए नंबरों का उपयोग करके सीधे व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। वहीं शहर की पुरानी जेल के पास कूड़ा डंप किए जाने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एक सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट है, जहाँ शहर का कचरा रोजाना इकट्ठा करके मझगवां में स्थित स्थाई डंपिंग यार्ड में भेजा जाता है। हालांकि बरसात के मौसम में वहाँ पानी जमा होने से बदबू और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था के फिर से पटरी पर आने से इस स्थान पर कूड़े का दबाव 80 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और कचरा सीधे स्थाई डंपिंग यार्ड तक पहुँचेगा। इससे शहर के बीचों-बीच कचरा जमा होने और दुर्गंध की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।\n\nइसका आप पर असर\nइस नई पहल का सीधा असर आजमगढ़ के शहरी इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और स्वच्छता पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: देश के विभिन्न स्थानीय निकायों द्वारा स्वच्छता सेवाओं का प्रत्यक्ष संचालन नागरिकों के लिए नगर निगम सेवाओं को अधिक जवाबदेह और किफायती बनाता है।\n• आजमगढ़ में: शहर के सभी 25 वार्डों के रहवासियों को अब घर-घर कचरा उठाने की सुविधा मात्र 50 रुपये प्रति माह के किफायती शुल्क पर मिल सकेगी।\n• शिकायत निवारण: स्थानीय लोग अब अपनी सफाई संबंधी समस्याओं और शिकायतों को सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।\n• पारदर्शिता: हर वार्ड में प्रमुख स्थानों पर ड्राइवरों और सुपरवाइजरों के नाम व नंबर लिखे होने से अवैध वसूली पर रोक लगेगी और जवाबदेही तय होगी।\n• पर्यावरण और स्वास्थ्य: पुरानी जेल के पास सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट पर कचरे का दबाव 80 प्रतिशत कम होने से आसपास के इलाकों में बदबू और जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nनगर पालिका प्रशासन को यह कदम उठाने के लिए पूर्व में निजी एजेंसियों के काम छोड़कर चले जाने और शहर की सफाई व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने के कारण मजबूर होना पड़ा।\n\n• निजी एजेंसी की विफलता: पूर्व में संचालित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रक्रिया कुछ ही दिनों में बंद हो गई थी क्योंकि निजी संचालक ने काम बीच में ही छोड़ दिया था।\n• विभाग की मंशा: उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग के निर्देशों के अनुरूप अब प्रशासन किसी बाहरी कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग कर रहा है।\n• सार्वजनिक शिकायतें: शहर के बीच पुरानी जेल के पास कचरा डंप किए जाने और बरसात के मौसम में वहां पानी भरने से फैलने वाली बदबू ने प्रशासन को स्थाई समाधान ढूंढने के लिए प्रेरित किया।\n• अवैध वसूली रोकना: पूर्व में अधिक शुल्क वसूले जाने और ड्राइवरों की पहचान गुप्त रहने की वजह से पैदा होने वाली अराजकता को समाप्त करने के लिए यह ढांचागत बदलाव किया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आजमगढ़ में नई कचरा संग्रहण व्यवस्था कितने वार्डों में लागू की जा रही है?\nयह नई व्यवस्था आजमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के सभी 25 वार्डों में लागू की जा रही है।\n\n2. इस सेवा के लिए नागरिकों को कितना मासिक शुल्क देना होगा?\nनागरिकों को इस घर-घर कचरा संग्रहण सेवा के लिए मात्र 50 रुपये प्रति माह शुल्क देना होगा।\n\n3. स्थानीय लोग अपनी शिकायतें किस माध्यम से दर्ज करा सकेंगे?\nस्थानीय लोग वार्ड की दीवारों पर लिखे गए नंबरों पर व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे।\n\n4. पुरानी जेल के पास बनाए गए डंपिंग पॉइंट पर कचरे में कितनी कमी आएगी?\nघर-घर कचरा संग्रहण पटरी पर आने से पुरानी जेल के पास कचरे का दबाव 80 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।\n\n5. यह पूरी व्यवस्था जमीन पर कब तक पूरी तरह लागू हो जाएगी?\nयह नया सफाई ढांचा आगामी 15 दिनों के भीतर पूरे नगर पालिका क्षेत्र में सुचारू रूप से लागू हो जाएगा।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-26",
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    "आजमगढ़",
    "नगर पालिका",
    "कचरा प्रबंधन",
    "स्वच्छता अभियान",
    "उत्तर प्रदेश"
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  "site": "TrendKia"
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