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  "title": "आजमगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 12052 लाभार्थियों को दीपावली तक पक्के मकान देने की तैयारी तेज",
  "summary": "आजमगढ़ जिले की 1810 ग्राम पंचायतों में 12,052 परिवारों को अगले 15 दिनों में आवास निर्माण की पहली किस्त जारी की जाएगी, जिससे त्योहार से पहले काम पूरा हो सके.",
  "content": "उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कच्चे मकानों में गुजर-बसर करने वाले और बेघर ग्रामीण परिवारों को पक्की छत मुहैया कराने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर काम तेज कर दिया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले की सभी 1810 ग्राम पंचायतों के लिए कुल 12,052 पक्के आवास बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. चिन्हित किए गए सभी पात्र परिवारों के बैंक खातों में अगले 15 दिनों के भीतर पहली वित्तीय किस्त की रकम सीधे अंतरित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है. स्थानीय प्रशासन का प्रयास है कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर आगामी दीपावली के त्योहार तक इन सभी 12,052 घरों का काम पूरी तरह मुकम्मल करा दिया जाए, ताकि गरीब परिवार अपने नए पक्के मकानों में त्योहार मना सकें.\n\nसघन सर्वेक्षण के बाद अपात्रों की छंटनी और पात्र सूची का निर्धारण\nजिले के ग्रामीण इलाकों में वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पिछले दो वर्षों के दौरान एक सघन स्थलीय पड़ताल अभियान चलाया गया था. परियोजना निदेशक सच्चिदानंद के मुताबिक, जनपद की 1810 ग्राम पंचायतों के दायरे में कुल 1,65,217 घरों का धरातल पर जाकर सत्यापन किया गया. स्थलीय जांच की इस कड़ी में जो परिवार योजना के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे या पहले से साधन संपन्न पाए गए, उन्हें पात्रता सूची से हटा दिया गया. इस व्यापक सत्यापन और छंटनी के बाद जिले भर में तकरीबन 1,12,000 पात्र लाभार्थी अंतिम सूची में बचे हैं. इन सभी पात्र परिवारों को तय वरीयता क्रम के अनुसार अलग-अलग चरणों में योजना का लाभ दिया जाएगा, जिसकी शुरुआत वर्तमान लक्ष्य से हो रही है.\n\nतीन किस्तों में ₹1,20,000 का अनुदान और मनरेगा व शौचालय की अतिरिक्त मदद\nयह योजना विशेष रूप से उन परिवारों को सहारा देती है जो पूरी तरह आवासविहीन हैं या घास-फूस और मिट्टी के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं. योजना के नियम के मुताबिक लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए कुल आर्थिक सहायता तीन अलग-अलग किस्तों में बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है.\n\n• प्रथम किस्त: नींव की खुदाई और भराई का बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए सबसे पहले ₹40,000 की राशि लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है.\n• दूसरी किस्त: जब नींव और दीवारें बनकर तैयार हो जाती हैं, तब छत ढलाई का काम पूरा करने के उद्देश्य से ₹70,000 की दूसरी किस्त दी जाती है.\n• तीसरी किस्त: छत पड़ने के बाद प्लास्टर कराने, खिड़की-दरवाजे लगाने और फर्श का काम पूरा करने के लिए अंतिम किस्त के तौर पर ₹10,000 दिए जाते हैं.\n\nमकान की इस कुल ₹1,20,000 की सहायता राशि के अतिरिक्त निर्माण कार्य में मदद देने के लिए मनरेगा योजना से 90 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान भी सीधे लाभार्थी को किया जाता है. इसके अलावा, जिन चिन्हित परिवारों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं है, उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए अलग से ₹12,000 की राशि प्रदान की जाती है.\n\nनए ऑनलाइन आवेदन की जरूरत नहीं, एआई और कंप्यूटरीकृत प्रणाली से वरीयता तय\nग्रामीण क्षेत्रों में योजना को लेकर अक्सर यह भ्रम रहता है कि क्या नए सिरे से फॉर्म भरना होगा. प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी नागरिक को अब कोई नया ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. पिछले सर्वेक्षण के दौरान ही प्रत्येक परिवार की सालाना आय, कच्चे मकान की स्थिति और परिवार के सदस्यों की संख्या से जुड़े आंकड़े डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर लिए गए थे. केंद्र सरकार के तय मानकों पर आधारित यह पूरा डेटा कंप्यूटर प्रणाली में सुरक्षित है, जहां आधुनिक कंप्यूटर प्रणाली और एआई तकनीक की मदद से स्वतः ही मेरिट और वरीयता सूची तैयार की जाती है. इस चयन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर मानवीय दखल संभव नहीं है. अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और सामान्य वर्ग के सभी पात्र लाभार्थियों को इसी तय वरीयता क्रम के मुताबिक चरणबद्ध ढंग से आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं.\n\nइसका आप पर असर\nआजमगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे घरों में रह रहे 12,052 गरीब परिवारों को पक्के घर का निर्माण शुरू करने के लिए सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा.\n\n• आजमगढ़ में: चिन्हित 12,052 लाभार्थियों के बैंक खातों में अगले 15 दिनों में ₹40,000 की पहली किस्त पहुंच जाएगी. इससे परिवारों को सामग्री खरीदने और दीपावली तक मकान का निर्माण पूरा कराने में सहूलियत होगी.\n• अतिरिक्त आर्थिक मदद: आवास सहायता के अलावा लाभार्थियों को मनरेगा के जरिए 90 मानव दिवस की मजदूरी और शौचालय के लिए ₹12,000 अलग से मिलेंगे. इससे निर्माण के दौरान परिवार पर मजदूरी और सफाई व्यवस्था का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.\n• आवेदन की स्थिति: किसी भी ग्रामीण नागरिक को नए सिरे से ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं है. पहले से दर्ज सर्वे डेटा के आधार पर योग्य परिवारों को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे स्वतः चुना जा रहा है.\n• पारदर्शिता का लाभ: पूरी चयन सूची एआई और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से तैयार होने के कारण बिचौलियों का दखल पूरी तरह समाप्त हो गया है. पात्र लाभार्थियों को तय वरीयता क्रम के अनुसार बिना किसी सिफारिश के सहायता राशि मिलेगी.\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह प्रशासनिक कदम जिले भर में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को समयबद्ध वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है.\n\n• सघन स्थलीय सत्यापन: पिछले दो वर्षों के दौरान 1810 ग्राम पंचायतों में 1,65,217 मकानों का भौतिक सर्वे किया गया था. जांच में अपात्र पाए गए लोगों को सूची से बाहर कर 1,12,000 वास्तविक पात्र परिवारों की पारदर्शी सूची तैयार की गई.\n• वार्षिक लक्ष्य निर्धारण: चालू वित्तीय वर्ष के तहत जिले के लिए 12,052 आवासों का प्रशासनिक कोटा तय किया गया. लक्ष्य तय होने के बाद पात्र परिवारों को त्योहार से पहले लाभ देने के लिए तेजी से स्वीकृतियां जारी की गईं.\n• डिजिटल प्राथमिकता प्रणाली: केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज आय और कच्चे मकान की स्थिति के आधार पर एआई तकनीक से वरीयता सूची बनाई गई. इसी ऑटोमेटेड मेरिट सूची के आधार पर वित्तीय वितरण का चरण शुरू किया गया है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आजमगढ़ में चालू वित्तीय वर्ष के लिए कितने आवासों का लक्ष्य तय किया गया है?\nजिले की 1810 ग्राम पंचायतों में चालू वित्तीय वर्ष के लिए कुल 12,052 पक्के आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.\n\n2. लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त कब तक भेजी जाएगी?\nप्रशासनिक स्वीकृति के बाद अगले 15 दिनों के भीतर चयनित सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली किस्त पहुंच जाएगी.\n\n3. योजना के तहत पहली किस्त में कितनी राशि दी जाती है?\nनींव की खुदाई और भराई कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त के तौर पर ₹40,000 की राशि दी जाती है.\n\n4. आवास निर्माण के लिए कुल सहायता राशि किन किस्तों में मिलती है?\nकुल सहायता तीन किस्तों में मिलती है: पहली किस्त ₹40,000, दूसरी किस्त छत के लिए ₹70,000 और तीसरी किस्त प्लास्टर व फर्श के लिए ₹10,000.\n\n5. क्या योजना के तहत मजदूरी और शौचालय के लिए भी अलग से मदद मिलती है?\nहां, लाभार्थियों को मनरेगा से 90 मानव दिवस की मजदूरी और शौचालय निर्माण के लिए अलग से ₹12,000 दिए जाते हैं.\n\n6. क्या लाभार्थियों को आवास पाने के लिए कोई नया ऑनलाइन आवेदन करना होगा?\nनहीं, किसी नए आवेदन की जरूरत नहीं है; पूर्व सर्वेक्षण डेटा और कंप्यूटर प्रणाली द्वारा तय वरीयता सूची के आधार पर ही आवास आवंटित हो रहे हैं.",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-10-12",
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