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  "title": "बहराइच में 22 करोड़ की सौगात, गोलवाघाट पर बनेगा नया पुल और महाराणा प्रताप चौक तक दौड़ेगी फोरलेन सड़क",
  "summary": "बहराइच में गोलवाघाट से महाराणा प्रताप चौक तक 22 करोड़ की लागत से फोरलेन डिवाइडर युक्त सड़क और गोलवाघाट पर 120 मीटर लंबा नया वन-वे पुल बनेगा, जिससे जाम की पुरानी समस्या से राहत मिलेगी।",
  "content": "बहराइच के लोगों का बरसों पुराना इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। शहर को लखनऊ राजमार्ग से जोड़ने वाले व्यस्त गोलवाघाट इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। यहां करीब 22 करोड़ रुपये खर्च कर गोलवाघाट से महाराणा प्रताप चौक तक डिवाइडर वाली फोरलेन सड़क बिछाई जाएगी और गोलवाघाट पर एक नया पुल भी खड़ा किया जाएगा। यही रास्ता रोज हजारों लोगों के आने-जाने का मुख्य जरिया है, इसलिए इस परियोजना से सीधे तौर पर एक बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा।\n\nआजादी से पहले से अब तक, गोलवाघाट पुल का सफर\nइस पुल की कहानी समझने के लिए वक्त को अंग्रेजों के दौर तक पीछे ले जाना होगा। ब्रिटिश शासनकाल में लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच को आपस में जोड़ने के मकसद से अंग्रेजों ने गोलवाघाट पर लकड़ी का पुल तैयार करवाया था और उसी से आवाजाही चलती थी। देश आजाद हुआ तो आबादी का दबाव बढ़ने लगा और लकड़ी की जगह यहां पक्का पुल बनाया गया। समय बीतने के साथ वह पक्का पुल भी जर्जर हो गया, तब उसके बगल में पुराने ढांचे से थोड़ा चौड़ा एक सिंगल लाइन पुल बना दिया गया।\n\nलेकिन शहर लगातार फैलता गया, नई बस्तियां बसती गईं और आज की भीड़ के सामने यह मौजूदा पुल भी छोटा और संकरा पड़ चुका है। सिंगल रोड होने की वजह से यहां आए दिन ट्रैफिक जाम लगा रहता है। इसी परेशानी को देखते हुए अब 120 मीटर लंबे वन-वे पुल के निर्माण का फैसला लिया गया है।\n\n22 करोड़ से शुरू होगा निर्माण\nफोरलेन सड़क और नए पुल को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की लंबी कोशिशें अब रंग लाती दिख रही हैं। बहराइच के सांसद आनंद कुमार गौड़ ने खुद इस दिशा में पहल की है और अधिकारियों को काम तेज रफ्तार से पूरा करने के निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि कागजी औपचारिकताएं जल्द निपटाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।\n\nजाम से राहत और कारोबार को रफ्तार\nसंकरे पुल की वजह से रोजमर्रा का जाम तो परेशानी का सबब है ही, सबसे ज्यादा दिक्कत नवरात्रि, दशहरा और विसर्जन जैसे पर्वों पर होती है। दरअसल पास में ही सरयू नदी का तट है और इसी तट के किनारे मरी माता मंदिर स्थित है। नवरात्रि में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और विसर्जन के दौरान भी लोगों का तांता लगा रहता है, जिससे एक बड़ी आबादी जाम में फंस जाती है। माना जा रहा है कि डिवाइडर युक्त वन-वे पुल और चौड़ी सड़क बन जाने के बाद इन सभी मुश्किलों से निजात मिलेगी और आवाजाही आसान होने के साथ-साथ इलाके के कारोबार को भी नई गति मिलेगी।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: शहरों को राजमार्गों से जोड़ने वाले पुराने संकरे पुलों की जगह चौड़ी सड़कें और पुल बनने से रोजाना के सफर में लगने वाला समय और जाम घटता है।\n• बहराइच में: गोलवाघाट से महाराणा प्रताप चौक तक फोरलेन सड़क और नया 120 मीटर लंबा पुल बनने के बाद रोज आने-जाने वालों और नवरात्रि, दशहरा व विसर्जन में मरी माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बहराइच की इस परियोजना पर कितना खर्च आएगा?\nइस परियोजना पर करीब 22 करोड़ रुपये की लागत आएगी।\n\n2. नई सड़क और पुल कहां से कहां तक बनेंगे?\nफोरलेन डिवाइडर युक्त सड़क गोलवाघाट से महाराणा प्रताप चौक तक बनेगी और नया वन-वे पुल गोलवाघाट पर बनाया जाएगा।\n\n3. नया पुल कितना लंबा होगा?\nनया वन-वे पुल 120 मीटर लंबा होगा।\n\n4. इस काम के लिए किसने पहल की है?\nबहराइच के सांसद आनंद कुमार गौड़ ने पहल कर अधिकारियों को काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/national/baharaicha-men-22-karora-ki-saugata-golavaghata-para-banega-naya-pula-aura-mahar-1122",
  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-06-16",
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    "बहराइच विकास",
    "गोलवाघाट पुल",
    "फोरलेन सड़क",
    "22 करोड़ परियोजना",
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    "उत्तर प्रदेश"
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