बालासोर में दोस्ती बनी दुश्मनी: पत्नी पर शक में कारोबारी ने दोस्त को मारकर 21 दिन तक जमीन में छिपाए रखा शव ओडिशा के बालासोर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दोस्त के बीच कथित अवैध संबंध के शक में दोस्त की हत्या कर दी और शव को दूसरे जिले में दफना दिया, जिसे करीब 21 दिन बाद बरामद किया गया। ओडिशा के बालासोर जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। यहां दो गहरे दोस्तों के बीच की रिश्तेदारी शक और रंजिश में बदल गई और इसका अंत एक की हत्या के रूप में हुआ। आरोपी ने अपनी पत्नी और अपने ही करीबी मित्र के बीच अवैध संबंध होने के शक में उस दोस्त को मौत के घाट उतार दिया, फिर सबूत मिटाने के लिए शव को एक सुनसान जगह जमीन में दबा दिया। यह राज करीब 21 दिन बाद तब खुला जब पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गड्ढा खुदवाकर सड़ चुका शव बाहर निकाला। कहां और किसके साथ हुई वारदात यह मामला बालासोर जिले के नीलगिरि ब्लॉक के जामुना गांव का है। मारे गए व्यक्ति की पहचान इसी गांव के निवासी बीरेन्द्र बेहरा के रूप में हुई है। आरोपी बिरेन मढ़ेई उसका करीबी दोस्त था, और दोनों के बीच गहरी दोस्ती मानी जाती थी। शक की जड़ कहां थी परिवार और जांच के मुताबिक, दोस्ती के इस रिश्ते में दरार तब पड़ी जब बिरेन मढ़ेई की पत्नी और बीरेन्द्र बेहरा के बीच कथित अवैध संबंध की बात सामने आई। इसी विवाद को लेकर गांव में पहले भी तनाव हो चुका था। मामला इतना बढ़ा कि इसे सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बैठानी पड़ी। पंचायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया और विवाद को खत्म मान लिया गया था। हालांकि आरोप है कि ऊपरी तौर पर समझौता हो जाने के बावजूद बिरेन मढ़ेई के मन में नाराजगी बनी रही। बताया जाता है कि वह कई मौकों पर बीरेन्द्र को जान से मारने की धमकी तक दे चुका था। नौकरी का झांसा और अपहरण घटनाक्रम 25 मई को उस वक्त शुरू हुआ जब एक फोन कॉल के जरिए बीरेन्द्र बेहरा को डंपर चलाने के काम के बहाने कप्तीपदा बुलाया गया। रोजगार मिलने की उम्मीद में बीरेन्द्र घर से निकल पड़े, लेकिन रास्ते में जामुना चौक के पास उनका कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उनका कोई अता-पता नहीं चला। जब बीरेन्द्र देर तक घर नहीं लौटे तो परिवार की चिंता बढ़ गई। उनकी पत्नी सावित्री बेहरा ने 31 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि बीरेन्द्र को उनका दोस्त बिरेन मढ़ेई बुलाकर अपने साथ कहीं ले गया था, उसके बाद से उनका संपर्क टूट गया। बाद में मृतक के भाई ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तलाश तेज हुई। पूछताछ में टूटा आरोपी पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की तो शुरुआती छानबीन में ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। शक की सुई बिरेन मढ़ेई की ओर घूमी और पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। लगातार सवाल-जवाब के बाद आरोपी टूट गया और उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। जांच में क्या सामने आया पूछताछ में पता चला कि बिरेन मढ़ेई बीरेन्द्र को अपने ससुराल के पास ले गया था और वहीं उसकी हत्या कर दी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, हत्या के बाद शव को मयूरभंज जिले के उदला क्षेत्र की एक सुनसान जगह ले जाकर गड्ढा खोदकर दफना दिया गया ताकि अपराध की किसी को भनक तक न लगे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस घटनास्थल पहुंची। मजिस्ट्रेट और बरमपुर पुलिस की मौजूदगी में जमीन की खुदाई कराई गई, जिसमें बीरेन्द्र बेहरा का बुरी तरह सड़-गल चुका शव बरामद हुआ। कई दिनों तक जमीन में दबे रहने के कारण शव की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। आगे की जांच पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच तेज कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हत्या की साजिश किस तरह रची गई, इसमें और कौन-कौन शामिल था, और अपहरण से लेकर शव दफनाने तक की पूरी कड़ी कैसे जुड़ी। दोस्ती, कथित अवैध संबंध, अपहरण और फिर हत्या की इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। इसका आप पर असर • भारत में: घरेलू और रिश्तों के विवाद कैसे जानलेवा रंजिश में बदल सकते हैं, यह मामला इसकी गंभीर चेतावनी है और समय रहते कानूनी मदद लेने की अहमियत बताता है। • ओडिशा (बालासोर) में: स्थानीय लोगों के लिए यह चिंता का विषय है कि नौकरी का झांसा देकर अपहरण जैसी वारदातें हो रही हैं, इसलिए अनजान बुलावे पर सतर्क रहना जरूरी है। सवाल-जवाब 1. बालासोर में किसकी हत्या हुई और आरोपी कौन है? जामुना गांव के निवासी बीरेन्द्र बेहरा की हत्या हुई, और आरोपी उनका करीबी दोस्त बिरेन मढ़ेई है। 2. हत्या के पीछे क्या वजह बताई जा रही है? आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी और बीरेन्द्र बेहरा के बीच अवैध संबंध हैं, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। 3. शव कहां और कितने दिन बाद मिला? शव को मयूरभंज जिले के उदला क्षेत्र की एक सुनसान जगह दफनाया गया था और करीब 21 दिन बाद खुदाई कर बरामद किया गया। 4. बीरेन्द्र को घर से कैसे बुलाया गया था? 25 मई को एक फोन कॉल के जरिए डंपर चलाने के काम के बहाने उन्हें कप्तीपदा बुलाया गया, और रास्ते में जामुना चौक के पास उनका अपहरण कर लिया गया। https://trendkia.com/national/balasora-men-dosti-bani-dushmani-patni-para-shaka-men-karobari-ne-dosta-ko-marak-1056 TrendKia — Har trend, sabse pehle.