बनासकांठा में गूंजा 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' का नारा, खरगे के विवादित बयान पर गुजरात से तीखा पलटवार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पटना में की गई विवादित टिप्पणी के बाद बनासकांठा में जनसभा के दौरान जोरदार पलटवार देखने को मिला, जहां विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ राजनीतिक संदेश भी दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद देश के सियासी गलियारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस तीखी बयानबाजी का सीधा जवाब गुजरात के बनासकांठा की धरती से सामने आया है। वहां आयोजित एक विशाल जनसभा में युवाओं और स्थानीय जनता ने एक स्वर में नारा बुलंद करते हुए कहा कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस जनसमर्थन के जरिए विपक्षी खेमे को यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि जनता प्रधानमंत्री के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ी है। पटना के कार्यक्रम से शुरू हुआ सियासी विवाद इस पूरे राजनीतिक टकराव की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। उस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे वोटर लिस्ट रिवीजन के मसले पर अपनी बात रख रहे थे। उसी दौरान मंच के सामने मौजूद एक व्यक्ति ने यह टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने बेहद अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक करार देते हुए मोर्चा खोल दिया। भिलड़ी के मंच से हर्ष संघवी का आक्रामक रुख गुजरात के बनासकांठा अंतर्गत भिलड़ी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। खुद को देश के एक आम युवा नागरिक के तौर पर प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत माता-पिता को राजनीति के निम्न स्तर पर घसीटने का काम करती रही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का हर नागरिक पूरे विश्वास के साथ कह रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं और देश की बागडोर उनके सुरक्षित हाथों में है। कब तक जारी रहेगा यह सफर, संघवी ने गिनाए लक्ष्य उपमुख्यमंत्री ने जनता के इस नारे को राष्ट्र निर्माण और विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि जब तक भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की सूची में मजबूती से स्थापित नहीं हो जाता, तब तक यह नेतृत्व लगातार काम करता रहेगा। इसके अलावा जब तक देश के हर गरीब परिवार को पक्का मकान नहीं मिल जाता, लखपति दीदियों की संख्या नए कीर्तिमान स्थापित नहीं कर देती और भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं बन जाता, तब तक यह विकास यात्रा बिना रुके चलती रहेगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश से परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति के पूरी तरह समाप्त होने तक यह मिशन जारी रहेगा। बनासकांठा को मिले बड़े विकास उपहार राजनीतिक जवाब के साथ ही इस दौरे पर बनासकांठा क्षेत्र को भारी विकास सौगातें भी प्राप्त हुईं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि किसी दौर में गंभीर जल संकट और बिजली की भारी किल्लत झेलने वाला बनासकांठा आज देश के डेयरी क्षेत्र का प्रमुख पावरहाउस बनकर उभरा है। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की गई। साथ ही उन्नत पशुपालन और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ भी किया गया। नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 25 साल के ऐतिहासिक सफर का स्मरण करते हुए पूरे क्षेत्र में इस अवसर पर भारी उत्सव का माहौल देखने को मिला। इसका आप पर असर इस राजनीतिक घटनाक्रम और विकास घोषणाओं से किसानों एवं आम नागरिकों के लिए कई प्रत्यक्ष परिणाम सामने आए हैं। • किसानों के खातों में राशि: देश भर के करोड़ों लाभार्थी किसानों के खातों में पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त की राशि सीधी ट्रांसफर कर दी गई है। किसान अपने बैंक खातों और आधिकारिक पोर्टल पर जाकर भुगतान की पुष्टि कर सकते हैं। • पशुपालन और डेयरी विकास: भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर के शुरू होने से पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल सुधार तकनीकें मिलेंगी। इससे दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और डेयरी से जुड़े किसानों की आमदनी सुधरेगी। • बनासकांठा क्षेत्र में लाभ: बनासकांठा और आसपास के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई एवं डेयरी बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिली है। स्थानीय किसान आधुनिक अनुसंधान केंद्र के जरिए उन्नत तकनीकों का सीधा लाभ उठा सकेंगे। • राजनीतिक दिशा: राष्ट्रीय स्तर पर कल्याणकारी योजनाओं जैसे पक्के मकान और लखपति दीदी पहल के विस्तार को और गति मिलेगी। लक्षित लाभार्थियों को आने वाले समय में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक टकराव कांग्रेस अध्यक्ष के विवादित बयान और गुजरात में आयोजित विकास रैली के आपसी संयोग के कारण पैदा हुआ। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी ने इसे एक राष्ट्रीय सियासी बहस में बदल दिया। • पटना का मूल विवाद: बिहार की राजधानी पटना में मतदाता सूची संशोधन पर आयोजित सत्र में भाषण देते समय मल्लिकार्जुन खरगे ने एक दर्शक की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर अनुचित टिप्पणी कर दी थी। • बीजेपी का आक्रामक पलटवार: भारतीय जनता पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री के पारिवारिक सम्मान और मर्यादा पर सीधा प्रहार माना और अपने सार्वजनिक मंचों से इसके खिलाफ तीव्र अभियान शुरू किया। • बनासकांठा का ऐतिहासिक अवसर: यह जनसभा उस समय आयोजित हुई जब नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के 25 वर्ष पूरे होने का उपलक्ष्य था, जिससे इस मंच को राजनीतिक संदेश देने के लिए बेहद अनुकूल बना दिया गया। • चुनावी एवं नीतिगत संदर्भ: विकास के दावों और विपक्ष के हमलों के बीच कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को नेतृत्व की निरंतरता से जोड़ने की रणनीति के तहत यह शक्ति प्रदर्शन किया गया। सवाल-जवाब 1. विवाद की मुख्य वजह क्या थी? पटना में एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने वोटर लिस्ट रिवीजन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे विवाद शुरू हुआ। 2. गुजरात के बनासकांठा में कौन सा नारा गूंजा? बनासकांठा के भिलड़ी में आयोजित सभा में उमड़ी भीड़ ने एक सुर में 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' का नारा लगाकर प्रधानमंत्री का समर्थन किया। 3. हर्ष संघवी ने इस नारे के क्या कारण बताए? हर्ष संघवी ने कहा कि जब तक भारत शीर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था नहीं बन जाता, हर गरीब को पक्का घर नहीं मिलता और देश पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं होता, तब तक यह नेतृत्व जारी रहेगा। 4. बनासकांठा कार्यक्रम में कौन सी बड़ी सरकारी योजना की किस्त जारी हुई? इस कार्यक्रम के दौरान पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की गई और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ किया गया। https://trendkia.com/national/banaskantha-men-gunja-modi-kahin-nahin-jaenge-ka-nara-kharge-ke-vivadita-bayana-para-gujarat-se-tikha-palatavara-53553 TrendKia — Har trend, sabse pehle.