# बांसुरी स्वराज के पुराने भाषण क्लिप पर ऋतिक रोशन की टिप्पणी से छिड़ी नई राजनीतिक बहस

> राहुल गांधी के पितृसत्ता विरोधी बयान पर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज द्वारा वंदे मातरम् गाने की चुनौती देने वाले पुराने वीडियो पर अभिनेता ऋतिक रोशन ने आश्चर्य जताते हुए टिप्पणी की है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/bansuri-swaraj-ke-purane-bhashana-klipa-para-hrithik-roshan-ki-tippani-se-chhiri-nai-rajanitika-bahasa-40301 · **Language:** Hindi
**Tags:** बांसुरी स्वराज, ऋतिक रोशन, राहुल गांधी, रुचिरा चतुर्वेदी, वंदे मातरम्, सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर कई हफ्ते पुराना एक सियासी बयान अचानक दोबारा सुर्खियों में आ गया है, जिसकी वजह फिल्म अभिनेता ऋतिक रोशन का एक संक्षिप्त रिएक्शन बना है। यह पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। अगस्त के महीने में राहुल गांधी ने पितृसत्तात्मक मानसिकता को समाप्त करने का आह्वान किया था, जिसके जवाब में बीजेपी सांसद ने उन्हें राष्ट्रगीत की पूरी पंक्तियां गाने की खुली चुनौती दे डाली थी। इस क्लिप के इंटरनेट पर फिर से प्रसारित होने के बाद जब बॉलीवुड अभिनेता ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई, तो आम यूजर्स के बीच भी इन दोनों मुद्दों के अजीबोगरीब जुड़ाव को लेकर चर्चा तेज हो गई।

## छात्र संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी का संबोधन
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 22 अगस्त को पुणे में आयोजित हुए 'छात्रों की गूंज' नामक एक मंच से हुई थी। इस परिचर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कॉलेज जाने वाली युवतियों और छात्रों के साथ विस्तृत बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने समाज में महिलाओं के दमन और नियंत्रण को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था पर कड़े प्रहार किए थे। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि प्राचीन रूढ़िवादी संहिता जैसी सोच नारियों की स्वतंत्रता को सीमित करके उन पर बंदिशें थोपने का प्रयास करती है। समाज में व्याप्त इस प्रभुत्ववादी सोच को जड़ से उखाड़ फेंकने का संदेश देते हुए उन्होंने पितृसत्तात्मक ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने पर जोर दिया था।

इसी संवाद के दौरान राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर घटित विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण भी सामने रखा था। उनका कहना था कि अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विवाद में केवल छात्राओं को ही घेरे में लिया गया, जबकि लड़कों ने भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुरुष वर्ग ऐसी अमर्यादित भाषा बोलता है, तो जिम्मेदारी तय करते समय उनके साथ अलग पैमाना क्यों अपनाया जाता है। उनका यह संदर्भ उस पूर्व वीडियो की पृष्ठभूमि में आया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं तथा अपनी दिवंगत माता पर की गई अशोभनीय टिप्पणियों को असहज करने वाला बताया था, यद्यपि बाद में उन्होंने विद्यार्थियों को क्षमा करने का उल्लेख भी किया था।

## बांसुरी स्वराज की चुनौती और विवाद
पुणे में दिए गए इस वक्तव्य के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा जवाबी हमला बोला था। इसी क्रम में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की बातों को राष्ट्रगीत के साथ जोड़ दिया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर चुनौती देते हुए कहा था कि जो लोग पितृसत्ता खत्म करने का उपदेश देते हैं, उन्हें पहले मंच पर आकर पूरा 'वंदे मातरम्' गाकर सुनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए रेखांकित किया कि उनके कार्यक्रमों में इस राष्ट्रीय गीत के केवल शुरुआती दो छंद ही गाए जाते हैं। हालांकि, अपनी इस दलील के दौरान उन्होंने यह तार्किक आधार स्पष्ट नहीं किया कि महिलाओं के अधिकारों या पितृसत्ता के विरोध का राष्ट्रगीत के गायन से क्या आंतरिक संबंध है।

## रुचिरा चतुर्वेदी का वीडियो शेयर और अभिनेता की प्रतिक्रिया
सांसद के इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्टी में सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन की राष्ट्रीय संयोजक रुचिरा चतुर्वेदी ने करीब एक माह पूर्व इस प्रेस वार्ता का वीडियो साझा किया था। उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए जनता से यही प्रश्न पूछा था कि सामाजिक पितृसत्ता को चुनौती देने और राष्ट्रगीत गाने के बीच का वास्तविक संबंध क्या है। इसी वीडियो क्लिप पर हाल ही में अभिनेता ऋतिक रोशन की नजर पड़ी और उन्होंने इस पर अचंभित होकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

> ## ऋतिक रोशन ने अपनी टिप्पणी में लिखा, “अरे, क्या ये सच है? वाह.”
अभिनेता का यह संक्षिप्त कमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ ही समय में उनकी इस टिप्पणी को 10 हजार से अधिक यूजर्स ने लाइक किया, जबकि 100 से ज्यादा लोगों ने इस पर अपने त्वरित जवाब लिखे।

## सोशल मीडिया पर तंज और व्यापक प्रतिक्रियाएं
ऋतिक रोशन के इस संवाद में शामिल होते ही डिजिटल मंचों पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। अनेक यूजर्स ने इस बात पर चुटकी ली कि कैसे राजनेता एक गंभीर सामाजिक समस्या को पूरी तरह से असंबंधित देशभक्ति के मुद्दे में बदल देते हैं। एक यूजर ने व्यंग्य करते हुए टिप्पणी की कि यदि संगीत में अपनी कला सुधारनी हो, तो क्या किसी को पिज्जा का ऑर्डर देना चाहिए। वहीं अन्य नागरिकों ने संजीदगी से लिखा कि महिला सशक्तिकरण अथवा नारीवादी विमर्श और राष्ट्रीय चेतना दोनों बिल्कुल भिन्न विषय हैं। बांसुरी स्वराज के बयान में इन दोनों बिल्कुल अलग-अलग बातों को एक ही तराजू में तौलने की कोशिश की गई थी, जिसका कोई ठोस तर्क अभी तक सामने नहीं आया है।

## इसका आप पर असर
यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल युग में राजनेताओं के पुराने और अतार्किक बयानों पर सार्वजनिक हस्तियों की एक छोटी सी टिप्पणी भी मतदाताओं के बीच गंभीर समीक्षा को जन्म दे सकती है।

- **आम नागरिकों के लिए:** यह विवाद दिखाता है कि सार्वजनिक बहसों में वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए कैसे भावनात्मक विषय लाए जाते हैं। जागरूक नागरिकों को किसी भी नेता के दावों में तर्क और समाधान की मांग करनी चाहिए।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए:** प्रमुख हस्तियों द्वारा रीशेयर किए गए बयानों से जनसंवाद की दिशा तेजी से बदल सकती है। ऑनलाइन सामग्री पर प्रतिक्रिया देते समय संदर्भ और तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।
- **राजनीतिक जवाबदेही के लिए:** महिला सुरक्षा और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों को प्रतीकात्मक देशभक्ति से जोड़ने पर सवाल उठने लगे हैं। इससे राजनीतिक दलों पर मुद्दों पर आधारित ठोस बहस करने का दबाव बढ़ता है।
- **युवा मतदाताओं के लिए:** शैक्षणिक परिसरों में उठाई गई चिंताओं और लैंगिक भेदभाव की चर्चा राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रही है। युवा वर्ग अपनी आवाज उठाने और दोहरे मापदंडों पर सवाल करने के लिए प्रेरित हो रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद तब दोबारा भड़का जब एक विपक्षी नेता द्वारा साझा किए गए पुराने प्रेस कॉन्फ्रेंस क्लिप पर एक जाने-माने अभिनेता ने सार्वजनिक रूप से अचरज जताया। इसके पीछे राजनीतिक बयानबाजी और उसके संदर्भ की एक पूरी शृंखला शामिल थी।

- **सीधा कारण:** अभिनेता ऋतिक रोशन ने बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के पुराने वीडियो पर हैरान होते हुए टिप्पणी की, जिससे यह मामला अचानक इंटरनेट पर वायरल हो गया। इस संक्षिप्त प्रतिक्रिया ने लाखों उपयोगकर्ताओं का ध्यान सांसद के अजीबोगरीब तर्क की ओर खींचा।
- **शुरुआती घटनाक्रम:** 22 अगस्त को पुणे में छात्रों से बात करते हुए राहुल गांधी ने पितृसत्ता को खत्म करने और महिलाओं पर नियंत्रण का विरोध करने का आह्वान किया था। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बांसुरी स्वराज ने उन्हें पूरा राष्ट्रगीत गाने की चुनौती दे दी थी।
- **विपक्षी दल का हस्तक्षेप:** कांग्रेस की डिजिटल पदाधिकारी रुचिरा चतुर्वेदी ने करीब एक महीने पहले इस वीडियो को यह पूछते हुए शेयर किया था कि इन दोनों मुद्दों का क्या संबंध है। यही वीडियो बाद में अभिनेता के सामने आया और बहस का केंद्र बन गया।

## सवाल-जवाब

### 1. ऋतिक रोशन ने किस मुद्दे पर टिप्पणी की?
ऋतिक रोशन ने बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के उस पुराने बयान पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को पितृसत्ता तोड़ने के जवाब में पूरा 'वंदे मातरम्' गाने की चुनौती दी थी।

### 2. अभिनेता ने अपनी टिप्पणी में क्या लिखा था?
ऋतिक रोशन ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा था, 'अरे, क्या ये सच है? वाह.'

### 3. राहुल गांधी ने पितृसत्ता पर बयान कहां दिया था?
राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान युवा महिलाओं से संवाद करते हुए यह बयान दिया था।

### 4. बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस के बारे में क्या दावा किया था?
बांसुरी स्वराज ने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम्' के केवल दो छंद ही गाती है।

### 5. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर किसने साझा किया था?
इस वीडियो क्लिप को कांग्रेस की डिजिटल कम्युनिकेशन संयोजक रुचिरा चतुर्वेदी ने करीब एक महीने पहले पोस्ट किया था।

### 6. ऋतिक रोशन के कमेंट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
उनके कमेंट को 10 हजार से ज्यादा लाइक्स मिले और कई यूजर्स ने पितृसत्ता और राष्ट्रगीत को आपस में जोड़ने के तर्क पर सवाल उठाए।

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