बार-बार धंसती सड़क ने रोकी वसूली, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त होगा सफर एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बारिश में धंसने के बाद NHAI ने बुधवार को टोल वसूली अगले आदेश तक रोक दी और प्रोजेक्ट मैनेजर को हटा दिया। लखनऊ और कानपुर के बीच बने नए एक्सप्रेसवे पर गुजरने वाले वाहनों को फिलहाल एक भी रुपया टोल नहीं देना होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बुधवार को इस रास्ते पर टोल की वसूली अगले आदेश तक रोक देने का फैसला किया है। वजह है सड़क का बार-बार धंसना, जो बारिश शुरू होते ही एक के बाद एक जगह पर सामने आने लगा और सवारियों के साथ अफसरों की भी चिंता बढ़ा दी। अथॉरिटी ने साफ कहा है कि जब तक अगला आदेश नहीं आता, तब तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाली किसी भी गाड़ी से टोल नहीं लिया जाएगा। यानी दोनों शहरों के बीच सफर करने वाले लोगों को अगली सूचना तक मुफ्त आवाजाही मिलेगी। टोल शुरू होने के बीस दिन भी नहीं टिके इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली 13 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी। लेकिन वसूली शुरू हुए अभी बीस दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि सड़क कई जगह धंसने लगी। नई-नवेली सड़क का इस तरह बैठ जाना अपने आप में बड़ा सवाल है, क्योंकि लोग इसी को समय और पैसे की बचत मानकर इस पर चढ़े थे। NHAI ने क्या फैसला लिया लगातार धंसने की घटनाओं को देखते हुए अथॉरिटी ने दो बड़े कदम उठाए। पहला, टोल वसूली को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। दूसरा, एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को उनके पद से हटा दिया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच बैठा दी गई है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर इतनी जल्दी सड़क क्यों बैठ रही है। सफर कितने का पड़ता था टोल शुरू होने पर इस एक्सप्रेसवे पर कार के एक तरफ के सफर का शुल्क 275 रुपये रखा गया था। अगर कोई चालक 24 घंटे के भीतर वापसी करता तो उसे 135 रुपये की बचत मिलती, यानी आने-जाने का रास्ता कुछ सस्ता पड़ता। अब वसूली रुकने से यह पूरा शुल्क फिलहाल नहीं देना होगा। लोगों का भरोसा डगमगाया बार-बार धंसने की खबरों ने यात्रियों के मन में डर बैठा दिया। हालत यह हुई कि करीब 30 प्रतिशत गाड़ियां एक्सप्रेसवे छोड़कर दोबारा पुराने हाईवे पर लौट गईं। लोगों को लगा कि नई सड़क पर तेज रफ्तार में चलना जोखिम भरा हो सकता है। अफसरों की किरकिरी, स्पीड लिमिट पर विचार सड़क धंसने की घटनाओं से जुड़े अधिकारियों की खासी किरकिरी हुई है। हालात को संभालने के लिए एक्सप्रेसवे पर रफ्तार की सीमा घटाने पर भी विचार चल रहा है, ताकि जब तक मरम्मत और जांच पूरी न हो जाए, तब तक हादसों की गुंजाइश कम रहे। इसका आप पर असर • भारत में: बार-बार धंसती नई सड़क और अचानक रुकी टोल वसूली दिखाती है कि हाल में बने कई एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और जवाबदेही अब कड़ी जांच के घेरे में है। • उत्तर प्रदेश में: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों को फिलहाल टोल नहीं देना होगा, यानी हर एक तरफ के सफर पर 275 रुपये तक की बचत, लेकिन रफ्तार सीमा घट सकती है। सवाल-जवाब 1. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल क्यों रोका गया? बारिश में सड़क के कई हिस्से बार-बार धंसने की वजह से NHAI ने वसूली अस्थायी रूप से रोक दी है। 2. क्या अब इस एक्सप्रेसवे पर टोल देना पड़ेगा? नहीं, अगले आदेश तक इस रास्ते से गुजरने वाली किसी भी गाड़ी से टोल नहीं लिया जाएगा। 3. इस पर टोल वसूली कब शुरू हुई थी? टोल वसूली 13 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी और बीस दिन के भीतर ही सड़क धंसने लगी। 4. कार का टोल कितना था? कार के एक तरफ के सफर का शुल्क 275 रुपये था, और 24 घंटे में वापसी करने पर 135 रुपये की बचत मिलती थी। 5. प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ क्या हुआ? एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को उनके पद से हटा दिया गया है और पूरे मामले की जांच बैठाई गई है। 6. क्या लोग पुराने हाईवे पर लौट रहे हैं? हां, भरोसा डगमगाने से करीब 30 प्रतिशत गाड़ियां एक्सप्रेसवे छोड़कर दोबारा पुराने हाईवे पर चली गईं। https://trendkia.com/national/bara-bara-dhnsati-saraka-ne-roki-vasuli-lucknow-kanpur-eksapresave-para-aba-muphta-hoga-saphara-13979 TrendKia — Har trend, sabse pehle.