# बारिश-भूस्खलन से जूझ रहे मुर्शिदाबाद में अब धरती डोली, देर रात दहशत में लोग

> पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद शनिवार देर रात रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए.

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/barisha-bhuskhalana-se-jujha-rahe-murshidabad-men-aba-dharati-doli-dera-rata-dahashata-men-loga-28405 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुर्शिदाबाद भूकंप, पश्चिम बंगाल, भूस्खलन, रिक्टर स्केल, राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र, न्यू फराक्का रेल रूट, धुलियान फराक्का

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले को इस हफ्ते प्रकृति से जरा भी राहत नहीं मिली. पिछले कई दिनों से हो रही भारी से बहुत भारी बारिश ने जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन ला दिया था, जिसमें एक भूस्खलन ने न्यू फराक्का रेल रूट तक ठप कर दिया, जिसे मरम्मत टीमों ने कड़ी मेहनत के बाद दोबारा चालू किया. हालात संभलते, इससे पहले ही शनिवार देर रात अचानक धरती हिल उठी और रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता के भूकंप ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी.

## रात 10:24 बजे आया झटका, जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक मुर्शिदाबाद में भूकंप ठीक रात 10 बजकर 24 मिनट पर दर्ज हुआ. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई, जो आमतौर पर महसूस तो हो जाती है लेकिन बड़ा नुकसान करने वाली नहीं मानी जाती. हैरानी की बात यह रही कि भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से महज करीब 10 किलोमीटर नीचे था, और NCS ने इसका केंद्र बिंदु मुर्शिदाबाद जिले में ही दर्ज किया. इतने अचानक आए झटके के बावजूद अब तक किसी तरह की चोट या नुकसान की खबर सामने नहीं आई है.

## धुलियान-फराक्का के बीच झटकों से लोग घरों से बाहर भागे
स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके सबसे ज्यादा धुलियान और फराक्का के बीच वाले इलाके में महसूस हुए, यही वे इलाके हैं जो हफ्तों से बारिश और भूस्खलन की मार झेल रहे थे. देर रात आए इन झटकों ने ज्यादातर लोगों को नींद से जगा दिया और वे तब तक घरों से बाहर खड़े रहे जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि उनके घर सुरक्षित हैं. पहले से भूस्खलन और रेल सेवा बाधित होने की मार झेल चुकी आबादी के लिए यह भूकंप, भले ही तीव्रता में हल्का रहा हो, एक नई चिंता लेकर आया. जिला प्रशासन हो या NCS, दोनों में से किसी ने भी भूकंप से जुड़ी किसी जनहानि या नुकसान की पुष्टि नहीं की है.

## बंगाल बेसिन में क्यों बार-बार दर्ज होते हैं ऐसे झटके
भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और उसके आसपास फैला बंगाल बेसिन लंबे समय से भूकंपीय गतिविधियों वाले क्षेत्र में गिना जाता रहा है. दशकों में आए कई बड़े भूकंपों के झटके इस बेसिन तक पहुंच चुके हैं, और विशेषज्ञों के मुताबिक यह इलाका आज भी कई सक्रिय भ्रंश क्षेत्रों यानी फॉल्ट लाइनों के असर में है. यही वजह है कि यहां आने वाले छोटे-मोटे भूकंपों को पूरी तरह असामान्य नहीं माना जा सकता, भले ही यह झटका भूस्खलन और भारी बारिश से जूझ रहे जिले के लिए बेहद मुश्किल वक्त में आया हो.

## इसका आप पर असर
यह भूकंप हल्की तीव्रता का रहा, लेकिन बारिश और भूस्खलन से पहले ही जूझ रहे इलाके के लिए यह याद दिलाता है कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी सावधानियां क्यों जरूरी हैं.

- **भारत में:** देश के भूकंप संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को याद रखना चाहिए कि घर में टॉर्च, जरूरी दस्तावेज और पानी जैसी आपातकालीन किट तैयार रखना कितना जरूरी है. रिक्टर स्केल पर 3.7 जैसी हल्की तीव्रता भी देर रात अचानक आए तो घबराहट पैदा कर सकती है, इसलिए भूकंप के दौरान क्या करें इसकी बुनियादी जानकारी हर परिवार को होनी चाहिए.
- **मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल में:** धुलियान और फराक्का इलाके के लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहना होगा, क्योंकि भूस्खलन और बारिश से कमजोर हुई जमीन पर हल्के झटके भी असर डाल सकते हैं. जिन घरों या रास्तों को भूस्खलन से नुकसान पहुंचा है, वहां प्रशासन की जांच पूरी होने तक एहतियात बरतना बेहतर रहेगा.
- **रेल यात्रियों के लिए:** न्यू फराक्का रूट पहले ही भूस्खलन से प्रभावित हो चुका है, ऐसे में इस रूट पर सफर करने वालों को यात्रा से पहले ट्रेन के समय और रूट की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए.
- **स्थानीय प्रशासन पर नजर:** चूंकि अभी तक नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी लोगों को स्थानीय प्रशासन और NCS की तरफ से आने वाली किसी भी आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए.

## सवाल-जवाब

### 1. मुर्शिदाबाद में भूकंप कब आया?
शनिवार देर रात 10 बजकर 24 मिनट पर.

### 2. भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
रिक्टर स्केल पर 3.7.

### 3. भूकंप का केंद्र कहां था?
NCS के मुताबिक केंद्र मुर्शिदाबाद जिले में ही, जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था.

### 4. क्या भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
अब तक किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है.

### 5. भूकंप से पहले मुर्शिदाबाद में और क्या हुआ था?
भारी बारिश की वजह से जिले में भूस्खलन हुआ था, जिससे न्यू फराक्का रेल रूट बाधित हो गया था.

### 6. झटके सबसे ज्यादा कहां महसूस हुए?
धुलियान और फराक्का के बीच वाले इलाके में.

### 7. क्या बंगाल में पहले भी भूकंप आते रहे हैं?
हां, विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल बेसिन भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र रहा है और यहां पहले भी बड़े भूकंपों का असर पहुंच चुका है.

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