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  "type": "article",
  "title": "बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू, केरल के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट",
  "summary": "दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।",
  "content": "दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गर्जना और बिजली की चमक के साथ व्यापक वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने 22 अक्टूबर के लिए इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप के बड़े हिस्से में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।\n\nसमुद्र में बने निम्न दबाव का असर\nमौसम में आए इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से समुद्र से नमी युक्त हवाएं तेजी से जमीनी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। इसके परिणामस्वरूप तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट प्रभावी किया गया है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के विभिन्न हिस्सों में भी बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने के साथ भारी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।\n\nकेरल के दस जिलों में सतर्कता\nकेरल में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक एहतियाती कदम उठाए हैं। राज्य के पांच प्रमुख जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका सीधा अर्थ है कि इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। वहीं इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में येलो अलर्ट लागू किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इन येलो अलर्ट वाले जिलों में 24 घंटों के भीतर 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।\n\nद्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वी तट पर मौसम की चाल\nबंगाल की खाड़ी में सक्रिय इस चक्रवाती परिसंचरण का असर आने वाले कई दिनों तक महसूस किया जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 22 अक्टूबर से लेकर 27 अक्टूबर तक लगातार झमाझम बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इसके अतिरिक्त पूर्वी भारत के तटीय राज्य ओडिशा में भी 26 और 27 अक्टूबर के दौरान बादलों के बरसने की संभावना है। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के निवासियों को आंधी और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है।\n\nउत्तर और मध्य भारत में शुष्क रहेगा मौसम\nएक तरफ जहां दक्षिण भारत मानसूनी गतिविधियों की चपेट में है, वहीं देश के बाकी हिस्सों में स्थिति काफी हद तक शांत बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में इस पूरे सप्ताह मौसम में किसी खास फेरबदल की संभावना नहीं है। कोंकण क्षेत्र और गोवा में 22 अक्टूबर के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा बना रहेगा।\n\nदिल्ली में साफ आसमान और स्थिर तापमान\nराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसमी गतिविधियां पूरी तरह सामान्य रहने वाली हैं। शहर में दिनभर आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। दिल्ली में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से 19 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहेगा। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य स्तर के आसपास ही बना रहेगा, जिससे सुबह और शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास बना रहेगा।\n\nइसका आप पर असर\nदक्षिण भारत के राज्यों में रहने वाले नागरिकों और यात्रियों के दैनिक आवागमन पर इस मौसमी बदलाव का सीधा असर देखने को मिलेगा।\n\n• केरल और तमिलनाडु में: पांच जिलों में बहुत भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के चलते जलभराव और निचले इलाकों में यातायात बाधित हो सकता है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलजमाव की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा टालने की आवश्यकता होगी।\n• आंध्र और कर्नाटक में: 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का जोखिम है। किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।\n• द्वीप और तटीय इलाकों में: अंडमान-निकोबार में 27 अक्टूबर तक लगातार बारिश के चलते नौका संचालन और तटीय आवागमन प्रभावित रह सकता है। मछुआरों को खराब समुद्री मौसम के दौरान गहरे पानी में जाने से बचना चाहिए।\n• दिल्ली और उत्तर भारत में: दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क और सामान्य तापमान वाला बना रहेगा। सुबह-शाम के तापमान में 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के साथ हल्की ठंडक रहेगी, जिसके लिए लोगों को हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदक्षिण भारत में अचानक तेज बारिश का यह दौर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए मौसमी तंत्र के कारण शुरू हुआ है। समुद्र की सतह से उठी नमी प्रायद्वीपीय भूभाग की ओर तेजी से बढ़ रही है।\n\n• निम्न दबाव का क्षेत्र: तमिलनाडु के तटवर्ती दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव के क्षेत्र ने तटीय हवाओं को अपनी ओर खींचा है। इस प्रणाली के प्रभाव से समुद्र से लगातार बादलों का विशाल समूह तटवर्ती और आंतरिक दक्षिणी राज्यों की ओर बढ़ रहा है।\n• हवाओं की तेज गति: इस मौसमी तंत्र के केंद्र में हवा का दबाव कम होने से 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं बन रही हैं। यह तेज गति बादलों को संघनित कर तीव्र गर्जना और आकाशीय बिजली पैदा कर रही है।\n• उत्तर भारत में शुष्कता: उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या मानसूनी प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण मौसम पूरी तरह शांत और शुष्क बना हुआ है। इसके चलते दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में आसमान साफ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. केरल के किन जिलों में बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है?\nकेरल के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों में अत्यधिक बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।\n\n2. दक्षिण भारत में इस बारिश का मुख्य कारण क्या है?\nतमिलनाडु तट के निकट दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से दक्षिणी राज्यों में यह मानसूनी गतिविधि बढ़ी है।\n\n3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कब तक बारिश का अनुमान है?\nअंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 22 अक्टूबर से लेकर 27 अक्टूबर के दौरान झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है।\n\n4. दिल्ली में आज तापमान और मौसम कैसा रहने का अनुमान है?\nदिल्ली में आसमान साफ रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज होगा।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-10-22",
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