बेंगलुरु में पास आउट हुआ सीआईएसएफ की पहली महिला क्यूआरटी का बैच, मिला आतंकवाद रोधी और कॉम्बैट ट्रेनिंग का जिम्मा बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन से सीआईएसएफ का पहला महिला क्विक रिएक्शन टीम बैच 28 जुलाई 2026 को पास आउट हुआ। महिला कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल और आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक नया अध्याय लिखा है। 28 जुलाई 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान बल के पहले महिला क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) बैच ने अपना कठिन प्रशिक्षण सफलता के साथ पूरा कर लिया। यह पहला जत्था बेंगलुरु में स्थित 10वीं रिजर्व बटालियन से पास आउट हुआ है, जिसके साथ ही महिला कमांडोज अब देश के सबसे संवेदनशील स्थानों की अग्रिम पंक्ति में तैनात होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अत्याधुनिक युद्ध कौशल और क्लोज-क्वार्टर बैटल का प्रशिक्षण इस विशेष ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य महिला कमांडोज को सामान्य सुरक्षा जिम्मेदारियों से आगे ले जाकर विशेष सुरक्षा अभियानों के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण प्रक्रिया के दौरान कड़ा अभ्यास कराया गया, जिसमें क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन्स और बेहद विषम परिस्थितियों का सामना करने के गुर शामिल हैं। इसके साथ ही इन महिला जवानों को विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के हथियारबंद खतरे और आपात स्थिति का त्वरित व सटीक जवाब दिया जा सके। बेंगलुरु की 10वीं रिजर्व बटालियन बनी आधिकारिक प्रशिक्षण केंद्र पासिंग आउट परेड के ऐतिहासिक अवसर पर एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई। बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक रूप से बल का 'महिला क्यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र' घोषित कर दिया गया है। इस कदम से भविष्य में भी महिला जवानों को उच्च स्तरीय कॉम्बैट ट्रेनिंग और त्वरित प्रतिक्रिया अभियानों के लिए सुव्यवस्थित रूप से तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए सीआईएसएफ की एयरपोर्ट सेक्टर की एडीजी बिनीता ठाकुर ने बल में महिलाओं के बढ़ते योगदान की सराहना की। "देश की सुरक्षा में महिलाएं अब सिर्फ साथ देने वाली नहीं, बल्कि आगे बढ़कर नेतृत्व भी कर रही हैं," बिनीता ठाकुर ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की मजबूत और विस्तारित होती भागीदारी का एक नया आरंभ है। इसका आप पर असर भारत में: देश के हवाई अड्डों और प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी, जिससे नागरिकों को बेहतर सुरक्षा का अनुभव मिलेगा। बेंगलुरु में: 10वीं रिजर्व बटालियन को विशेष प्रशिक्षण केंद्र का दर्जा मिलने से शहर में सीआईएसएफ की सुरक्षा बुनियादी संरचना और संसाधन सुदृढ़ होंगे। सवाल-जवाब 1. सीआईएसएफ का पहला महिला क्यूआरटी बैच कहां से पास आउट हुआ? यह बैच 28 जुलाई 2026 को बेंगलुरु स्थित सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन से पास आउट हुआ। 2. महिला क्यूआरटी कमांडोज को किस तरह की ट्रेनिंग दी गई है? कमांडोज को क्लोज-क्वार्टर बैटल, टैक्टिकल ऑपरेशन्स, विषम परिस्थितियों से निपटने और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया गया है। 3. 10वीं रिजर्व बटालियन को क्या नई पहचान दी गई है? 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक तौर पर सीआईएसएफ का 'महिला क्यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र' घोषित किया गया है। 4. इस पासिंग आउट परेड की तारीख क्या थी? पासिंग आउट परेड का आयोजन 28 जुलाई 2026 को किया गया था। 5. बिनीता ठाकुर ने इस ऐतिहासिक कदम के बारे में क्या कहा? एडीजी बिनीता ठाकुर ने कहा कि महिलाएं अब सुरक्षा क्षेत्र में सिर्फ सहयोग नहीं दे रहीं, बल्कि आगे रहकर नेतृत्व कर रही हैं। प्रेरणा और सबक प्रेरणा और सीख: • रूढ़ियों को तोड़ना: कठिन प्रशिक्षण और कॉम्बैट भूमिकाओं को अपनाकर महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं। • कड़ी मेहनत और अनुशासन: विशेष सुरक्षा ऑपरेशन्स के लिए आवश्यक दक्षता निरंतर अभ्यास से प्राप्त होती है। • समान अवसर: सही प्रशिक्षण और समर्थन मिलने पर महिलाएं उच्च जोखिम वाली सुरक्षा जिम्मेदारियां कुशलता से संभाल सकती हैं। https://trendkia.com/national/bengaluru-men-pasa-auta-hua-cisf-ki-pahali-mahila-qrt-ka-baicha-mila-atnkavada-rodhi-aura-kombaita-treninga-ka-jimma-11941 TrendKia — Har trend, sabse pehle.