BMD Phase-II टेस्ट कामयाब: 5,000 किलोमीटर दूर से दागी मिसाइल भी हवा में होगी ढेर, चीन और Pakistan की बढ़ी बेचैनी भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस के दूसरे चरण के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। 5,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाली मिसाइलों को उड़ान के बीच ही रोकने में सक्षम यह कवच देश की बहु-स्तरीय हवाई सुरक्षा को नई ताकत देगा। भारत ने अपने हवाई सुरक्षा कवच को एक और मजबूत परत देते हुए बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम के दूसरे चरण (BMD Phase-II) के परीक्षण कामयाबी के साथ पूरे कर लिए हैं। रक्षा क्षेत्र के जानकार इसे देश की रणनीतिक ताकत में बड़ी छलांग मान रहे हैं, क्योंकि पूरी तरह तैनात होने के बाद यह व्यवस्था भारत की बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली को ऐसी मजबूती देगी, जैसी पहले कभी नहीं रही। 5,000 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइलें भी आसमान में होंगी तबाह रिपोर्टों के मुताबिक, यह अत्याधुनिक प्रणाली 5,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को उड़ान के बीच में ही नष्ट करने में सक्षम है। इसी ताकत के दम पर भारत अपने पड़ोसी देशों चीन और Pakistan की लंबी दूरी की मिसाइलों को आसमान में ही रोककर ध्वस्त कर सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की DF-26 और DF-7 जैसी मिसाइलें इस सिस्टम के सामने आसानी से नाकाम हो जाएंगी, जबकि Pakistan की Shaheen सीरीज की मिसाइलों के लिए इस रक्षा कवच से बच निकलना लगभग नामुमकिन होगा। वायुमंडल के अंदर और बाहर — दोहरी घेराबंदी TrendKia के अनुसार, BMD Phase-II को इस तरह तैयार किया गया है कि वह दुश्मन की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को दो अलग-अलग स्तरों पर रोक सके — वायुमंडल के बाहर (एक्सो-एटमॉस्फेरिक) और वायुमंडल के भीतर (एंडो-एटमॉस्फेरिक)। इसका सीधा फायदा यह है कि किसी भी आती हुई मिसाइल को रोकने के लिए एक नहीं, बल्कि कई मौके मिलते हैं, जिससे उसे मार गिराने की संभावना कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। यह प्रणाली खासतौर पर चीन की मध्यम और अंतरमहाद्वीपीय श्रेणी की मिसाइलों, जैसे DF-26, और आने वाले समय की उन्नत मिसाइल प्रणालियों से पैदा होने वाले खतरों का जवाब देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। हालांकि सरकार या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किसी खास विदेशी मिसाइल को निशाना बताकर कोई आधिकारिक दावा नहीं किया है। Phase-I पहले से तैनात, Phase-II बढ़ाएगा दायरा भारत का BMD Phase-I पहले से ही सक्रिय है और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से देश की रक्षा कर रहा है। दूसरे चरण का मकसद इसी सुरक्षा को और आगे ले जाना है — यानी ज्यादा दूरी, ज्यादा रफ्तार और उन्नत तकनीक से लैस मिसाइलों को भी हवा में ही बेअसर करना। इस पूरे कार्यक्रम को भारत के बदलते सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। AD-1 और AD-2 इंटरसेप्टर — कार्यक्रम की रीढ़ इस कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा AD-1 और AD-2 इंटरसेप्टर मिसाइलें हैं। इनमें से AD-1 इंटरसेप्टर का कई बार सफल परीक्षण हो चुका है। सबसे खास बात यह रही कि इन परीक्षणों में सिर्फ नकली (डमी) लक्ष्य नहीं रखे गए, बल्कि सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command) की ओर से दागे गए असली बैलिस्टिक मिसाइल लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इससे इंटरसेप्टर की असल युद्ध जैसी परिस्थितियों में क्षमता परखी जा सकी। राजनाथ सिंह ने दी जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जून 2026 को इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा: DRDO ने अलग-अलग तरह के दुश्मन खतरों के खिलाफ देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली कई अहम तकनीकों का सफल प्रदर्शन किया है। लंबी दूरी के खतरों के विरुद्ध बहु-स्तरीय रक्षा का प्रदर्शन करने के लिए लगातार तीन उड़ान-परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए। 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयारी DRDO के मुताबिक, भारत की बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली ने अलग-अलग परीक्षणों के दौरान अपने तय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। इन परीक्षणों के जरिए कई अहम स्वदेशी तकनीकों की पुष्टि हुई, जिनका मकसद भविष्य की उन्नत मिसाइल चुनौतियों का सामना करना है। आज की आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलें लगातार तेज रफ्तार, लंबी दूरी, बेहतर गतिशीलता और भ्रमित करने वाले प्रतिरोधी उपायों (काउंटरमेजर्स) से लैस होती जा रही हैं। ऐसे माहौल में स्वदेशी इंटरसेप्टर प्रणाली का विकास भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की रीढ़ बन गया है। तैनाती का ब्योरा अभी गोपनीय BMD Phase-II के परिचालन तैनाती कार्यक्रम (Operational Deployment Programme) और इसकी तकनीकी बारीकियों को अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी इन सफल परीक्षणों ने साफ संकेत दे दिया है कि भारत एक व्यापक और पूरी तरह स्वदेशी मिसाइल रक्षा कवच की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानकार इसे देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली उपलब्धि मान रहे हैं। https://trendkia.com/national/bmd-phase-ii-testa-kamayaba-5-000-kilomitara-dura-se-dagi-misaila-bhi-hava-men-h-603 TrendKia — Har trend, sabse pehle.