कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजी कर डॉक्टर हत्याकांड में सीबीआई को 28 अगस्त तक नई स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश आरजी कर अस्पताल मर्डर केस में सीबीआई की जांच प्रगति रिपोर्ट पर कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने असंतोष जताया है। अदालत ने जांच एजेंसी को 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक ताजा स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। आरजी कर मर्डर केस की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की जांच की गति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अदालत में जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद न्यायाधीशों ने सवाल उठाया कि पीड़ित परिवार और जनता को न्याय के लिए कब तक प्रतीक्षा करनी होगी। बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया है कि सीबीआई 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे अदालत के समक्ष अपनी अगली स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। सीबीआई की प्रोग्रेस रिपोर्ट और डॉक्टरों से पूछताछ सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि घटना की रात पीड़िता के साथ भोजन करने वाले चार डॉक्टरों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, इनमें से कुछ डॉक्टरों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि शेष डॉक्टरों से भी जल्द ही पूछताछ पूरी कर ली जाएगी। अदालत ने इन बयानों के संदर्भ में एजेंसी को निर्देश दिए कि वह जांच के हर पहलू को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाए। कोर्ट रूम में खुलासे और 11:15 बजे के बाद की टाइमलाइन पीड़ित परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील जयंत नारायण चट्टोपाध्याय ने अदालत में कई महत्वपूर्ण बिंदु रेखांकित किए। उन्होंने कहा कि रात 11:15 बजे के बाद का घटनाक्रम अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है और जांचकर्ताओं को इसी समयावधि पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वकील ने आरोप लगाया कि पीड़िता ने उस रात जिन चार डॉक्टरों के साथ खाना खाया था, उनसे शुरुआत में पूछताछ नहीं की गई, जिससे रसूखदार लोगों को बचाने की आशंका पैदा होती है। इस दलील पर जस्टिस तीर्थंकर घोष ने टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया के दौरान किसे गवाह के रूप में शामिल करना है और किसे आरोपी बनाना है, इसका निर्णय पूरी तरह जांच एजेंसी का अधिकार क्षेत्र है। अदालत इस प्रकार के प्रशासनिक व तकनीकी मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। गवाहों के बयान और पूर्व में दर्ज एसआईटी जांच का भ्रम सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों को लेकर भी बेंच ने तीखे सवाल पूछे। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने डॉ. सौमित्र रॉय के बयान के संबंध में जानकारी मांगी, जिस पर सीबीआई ने बताया कि उनका बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका था। इस पर अदालत ने निर्देश दिया कि डॉ. सौमित्र रॉय के पुराने और हालिया दोनों बयानों को तुलनात्मक अध्ययन के लिए कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसके अतिरिक्त, अदालत ने सीबीआई द्वारा जांचे गए तीन पूरक हलफनामों और पीड़िता की माता जी से की गई पूछताछ का संज्ञान लिया। उस प्रत्यक्षदर्शी गवाह का बयान भी दर्ज किया गया है जिसने शव को नीचे लाते हुए देखा था। जब जस्टिस शंपा सरकार ने पूछा कि क्या यह बयान अदालत के निर्देशों पर दर्ज हुआ था, तो एडिशनल सॉलिसिटर General धीरज त्रिवेदी ने स्पष्ट किया कि यह बयान 8 जुलाई को ही दर्ज कर लिया गया था। अस्पताल की सूचना का समय और घटना स्थल की जांच का दायरा अदालत ने यह भी जानना चाहा कि पीड़ित परिवार को इस दुखद घटना की पहली जानकारी किस समय दी गई थी। सीबीआई ने जवाब में बताया कि आरजी कर अस्पताल प्रशासन की ओर से पीड़िता की माता जी को सुबह 9:30 बजे संपर्क कर सूचित किया गया था। पूर्व में एसआईटी द्वारा की गई जांच के दौरान पैदा हुए भ्रम का उल्लेख करते हुए डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि सीबीआई को वारदात स्थल से लेकर श्मशान घाट तक के पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से गहन जांच करनी चाहिए। एडिशनल सॉलिसिटर General धीरज त्रिवेदी ने पीठ को आश्वस्त किया कि सीबीआई मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से पड़ताल कर रही है और उठाए गए सभी आरोपों पर निष्पक्षता से काम जारी है। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला देश भर में चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा और आपराधिक जांच प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर चल रही बहसों को प्रभावित करता है। पश्चिम बंगाल में: कलकत्ता हाईकोर्ट के कड़े रुख से कोलकाता और राज्य भर के नागरिकों को मामले की निष्पक्ष जांच और समयबद्ध न्याय की उम्मीद मजबूत हुई है। सवाल-जवाब 1. कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की क्या समय-सीमा दी है? हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सीबीआई को 28 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। 2. पीड़िता के साथ डिनर करने वाले डॉक्टरों से पूछताछ पर सीबीआई ने क्या बताया? सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के साथ डिनर करने वाले चार डॉक्टरों में से कुछ के बयान दर्ज हो चुके हैं और बाकी से जल्द पूछताछ की जाएगी। 3. परिवार के वकील ने किस समय की टाइमलाइन पर सवाल उठाया? परिवार के वकील जयंत नारायण चट्टोपाध्याय ने दलील दी कि घटना की रात 11:15 बजे के बाद की टाइमलाइन अभी भी स्पष्ट नहीं है। 4. पीड़िता की मां को अस्पताल की ओर से पहली सूचना कब मिली थी? सीबीआई के अनुसार, आरजी कर अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता की मां को सुबह 9:30 बजे संपर्क किया था। https://trendkia.com/national/calcutta-high-court-ne-rg-kar-doktara-hatyakanda-men-cbi-ko-28-agasta-taka-nai-stetasa-riporta-saunpane-ka-diya-nirdesha-14412 TrendKia — Har trend, sabse pehle.