# सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के पुनर्वास पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा विस्तृत ब्योरा

> सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी ऐतिहासिक सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी को सेंट्रल विस्टा में दी जा रही जगह को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है और केंद्र सरकार से हलफनामा मांगा है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/central-secretariat-library-ke-punarvasa-para-supreme-court-sakhta-kendra-se-manga-vistrita-byora-43148 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुप्रीम कोर्ट, सेंट्रल विस्टा, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी, शास्त्री भवन, कर्तव्य भवन, ऐश्वर्या भाटी

देश की 135 साल पुरानी ऐतिहासिक सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के स्थानांतरण प्रस्ताव को लेकर शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार से सीधे सवाल किया है कि नए सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के भीतर इस प्रतिष्ठित पुस्तकालय के लिए कुल कितनी जगह तय की गई है। इस ऐतिहासिक धरोहर में 8.5 लाख से अधिक किताबों और दुर्लभ दस्तावेजों का अमूल्य संग्रह मौजूद है, लेकिन नई प्रशासनिक व्यवस्था में इसके लिए पर्याप्त स्थान न मिलने की आशंकाओं के बीच यह कानूनी हस्तक्षेप सामने आया है।

## पीठ ने मांगा केंद्र सरकार से विस्तृत शपथ पत्र
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ इस मामले की समीक्षा कर रही है। अदालत ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करके स्थिति स्पष्ट करे। पीठ ने कहा कि सरकार को अपने जवाब में पुस्तकालय के लिए आवंटित किए जा रहे कुल क्षेत्रफल का पूरा ब्योरा पेश करना होगा। अदालत यह भी जानना चाहती है कि क्या यह नई जगह केवल शास्त्री भवन में रखी किताबों के लिए ही पर्याप्त होगी या फिर आरके पुरम में गत्तों और कार्टनों में बंद पड़ी करीब 2 लाख किताबों को भी वहां सुरक्षित रखा जा सकेगा।

## कर्तव्य भवन में मात्र दो कमरों के आवंटन पर तीखी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को अवगत कराया कि सेंट्रल विस्टा योजना में पुस्तकालय के लिए बाकायदा जगह आवंटित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सेंट्रल विस्टा के निदेशक अदालत में मौजूद हैं और वे मौके पर ही पूरा विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं। हालांकि, अदालत ने मौखिक जानकारी के बजाय आधिकारिक शपथ पत्र पर जोर दिया।

जस्टिस कुमार ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर हम समाचार रिपोर्ट पर जाएं तो यह पुस्तकालय 1891 से है। कागज कम करने की बात अच्छी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मूल्यवान कागजात की देखभाल न करें। आप कर्तव्य भवन में सिर्फ 2 कमरे दे रहे हैं, बस इतना ही?” उन्होंने आगे सवाल उठाया, “आप आरके पुरम की 2 लाख किताबों को छोड़ रहे हैं?” मामले में अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरिप्रिया पद्मनाभन को न्यायमित्र यानी एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके।

## सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का दायरा
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक फैले 3 किलोमीटर के प्रशासनिक क्षेत्र का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पूरी योजना के तहत लोकसभा और राज्यसभा के लिए अधिक सीटों वाला एक बेहद आधुनिक और विशाल नया संसद भवन तैयार किया गया है। इसके अलावा पुराने राजपथ को अब कर्तव्य पथ के रूप में आधुनिक स्वरूप दिया गया है और उसके आसपास के परिसरों का कायाकल्प किया गया है। इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सचिवालय को नया रूप देकर विभिन्न मंत्रालयों के बिखरे हुए कार्यालयों को एक छत के नीचे एकीकृत करना है, जिसमें प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के नए आवास और कार्यालय परिसरों की योजना भी शामिल है। अब इस विशाल निर्माण के बीच 1891 से स्थापित ऐतिहासिक ज्ञान संपदा के संरक्षण पर अदालत की नजर है।

## इसका आप पर असर
इस न्यायिक हस्तक्षेप का सीधा असर राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और शोधार्थियों की पहुंच पर पड़ेगा।

- **भारत में:** देश भर के शोधार्थियों, इतिहासकारों और नीति निर्माताओं के लिए 8.5 लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का सुरक्षित रहना सुनिश्चित होगा। यदि यह संग्रह सुरक्षित रहता है तो राष्ट्रीय महत्व के पुराने रिकॉर्ड और संदर्भ सामग्री आने वाली पीढ़ियों के लिए सुलभ बनी रहेगी।
- **दिल्ली में:** राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय पुस्तकालय का उपयोग करने वाले पाठकों और शोधकर्ताओं को नई जगह पर बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। आरके पुरम में डिब्बों में बंद पड़ी 2 लाख किताबों को भी व्यवस्थित अलमारियों और अध्ययन कक्षों में जगह मिल सकेगी।
- **प्रशासनिक स्तर पर:** सरकारी निर्माण एजेंसियों को आधुनिक भवनों की योजना बनाते समय केवल कागजी फाइलों को कम करने पर ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के लिए वास्तविक जगह देने पर भी ध्यान देना होगा। केंद्र सरकार को अब अदालत के सामने ठोस योजना और स्थान का सटीक ब्योरा हलफनामे में रखना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिले थे कि सेंट्रल विस्टा के तहत 135 साल पुरानी लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त जगह नहीं रखी गई है।

- **सीधा कारण:** मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि विशाल संग्रह वाली सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी को कर्तव्य भवन में केवल दो कमरे दिए जा रहे हैं, जो इसके विशाल आकार के सामने बेहद कम हैं।
- **पुस्तकों का बिखराव:** वर्तमान में शास्त्री भवन की किताबों के अलावा आरके पुरम में लगभग 2 लाख किताबें पहले से ही कार्टनों में रखी हुई हैं, जिनकी सुरक्षा और रख-रखाव पर गंभीर संकट बना हुआ है।
- **अदालत का संज्ञान:** जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक डिजिटलीकरण के नाम पर 1891 से संजोई गई ऐतिहासिक सामग्री की अनदेखी नहीं की जा सकती।
- **आगे की प्रक्रिया:** केंद्र सरकार के विस्तृत हलफनामे और एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर अदालत तय करेगी कि नई इमारत में पुस्तकालय को कितना स्थान दिया जाना अनिवार्य होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में किस बात पर स्वतः संज्ञान लिया है?
सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के स्थानांतरण और उसके लिए पर्याप्त जगह आवंटित न होने के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लिया है।

### 2. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी की स्थापना कब हुई थी और इसमें कितनी किताबें हैं?
यह ऐतिहासिक लाइब्रेरी 1891 से संचालित है और इसके संग्रह में 8.5 लाख से अधिक पुस्तकें और दस्तावेज शामिल हैं।

### 3. अदालत ने आरके पुरम की किताबों को लेकर क्या सवाल उठाया?
अदालत ने पूछा कि क्या आवंटित जगह में आरके पुरम में कार्टनों में बंद पड़ी करीब 2 लाख किताबों को भी ठीक से रखा जा सकेगा।

### 4. इस मामले की सुनवाई कौन से जज कर रहे हैं?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ कर रही है।

### 5. कोर्ट ने मामले में किसे एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है?
अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरिप्रिया पद्मनाभन को इस मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._