# चक्रवात अर्नब के असर से उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

> चक्रवाती तूफान अर्नब की तीव्रता कम होने के बाद भी उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विस्तृत इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chakravata-arnab-ke-asara-se-uttara-aura-madhya-bharata-men-badalega-mausama-kai-rajyon-men-teja-andhi-aura-barisha-ki-chetavani-53679 · **Language:** Hindi
**Tags:** मौसम अपडेट, आईएमडी अलर्ट, चक्रवात अर्नब, बारिश की चेतावनी, दिल्ली का मौसम, मध्य प्रदेश मौसम

मौसम तंत्र में आए बड़े बदलाव के चलते देश के एक बड़े भूभाग पर बादलों की आवाजाही और बौछारों का सिलसिला तेज होने जा रहा है। चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत भले ही पहले के मुकाबले घट चुकी हो, लेकिन इसका असर अब भी कई राज्यों के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार, 31 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार के विस्तृत इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब तथा राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। शनिवार को राजधानी दिल्ली के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मौसम करवट ले सकता है।

## मध्य भारत में बिजली कड़कने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का जोखिम
मध्य भारत के राज्यों में मौसमी उथल-पुथल अधिक प्रभावी रहने के आसार बने हुए हैं। अनुमान के मुताबिक 31 अक्टूबर से 4 नवंबर की अवधि में पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। इस दौरान वातावरण में तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके अतिरिक्त इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है, जिसके झोंके कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलावा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में मेघ बरसने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

## प्रायद्वीपीय भारत और तटीय इलाकों में मौसमी गतिविधियां
दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी आगामी दिनों तक नम हवाओं का प्रवाह बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। इन तटीय इलाकों में सामान्य तौर पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ मौकों पर यह तेज होकर 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वातावरण में मौजूद इस नमी से तटीय पट्टियों में दिन के तापमान में हल्की गिरावट महसूस की जा सकती है।

## उत्तर प्रदेश के लिए पूर्वानुमान और सुरक्षा परामर्श
उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम का मिजाज मिलाजुला नजर आएगा। 31 अक्टूबर के साथ-साथ 1 और 2 नवंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 1 नवंबर से आसमान साफ होने और मौसम के शुष्क बने रहने की उम्मीद है। खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के समय लोगों को खुले में जाने के बजाय पक्के मकानों के भीतर रहने, बड़े पेड़ों के नीचे पनाह न लेने तथा जलभराव वाले रास्तों और उफनती नदियों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

## दिल्ली में पारे का मिजाज और सतही हवाएं
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। तापमान के विश्लेषण के अनुसार दिन का अधिकतम पारा 26°C से 28°C के दायरे में सिमट सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C के बीच दर्ज होने की उम्मीद है। दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से 3.1°C से 5.0°C तक कम रह सकता है, जिससे दिन में सामान्य से अधिक ठंडक का अहसास होगा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य के लगभग बराबर यानी -1.5°C से 1.5°C के अंतर पर स्थिर रहेगा। सुबह के वक्त मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

## इसका आप पर असर
खराब मौसम, तेज हवाओं और अचानक तापमान गिरने से दैनिक आवागमन और बाहरी कार्यों में व्यापक व्यवधान पड़ सकता है।

- **भारत में प्रभाव:** विभिन्न राज्यों में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच यात्रा योजनाओं में देरी हो सकती है। कृषि कार्यों से जुड़े किसान कटी हुई फसलों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर भंडारण का इंतजाम करें।
- **मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में:** 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले झक्कड़ों और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए ग्रामीण व खुले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते बैकअप व्यवस्था तैयार रखें।
- **दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में:** अधिकतम पारे में सामान्य से 3.1°C से 5.0°C तक की तेज गिरावट के कारण दिन में ठंडी हवा का अहसास बढ़ेगा। बदलते तापमान को ध्यान में रखते हुए सुबह व शाम के समय हल्के गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दें।
- **तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में:** तटीय कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 50 किमी प्रति घंटे तक की झोंके वाली हवाओं के चलते मछुआरों और नाव चालकों को तटवर्ती निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। निचले शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने पर यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक सूचनाओं की जांच अवश्य करें।

## ऐसा क्यों हुआ
चक्रवाती तूफान अर्नब के मुख्य केंद्र के कमजोर होने के बावजूद उसके अवशेष और वायुमंडलीय नमी कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी हलचल पैदा कर रहे हैं।

- **सीधा कारण:** चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद हवा में मौजूद भारी नमी और दबाव प्रणालियों के टकराव ने उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बादलों का व्यापक तंत्र सक्रिय कर दिया है। हवाओं के साथ आ रही यह नमी विभिन्न राज्यों में बारिश और झक्कड़ों की वजह बन रही है।
- **मौसम की अनुकूल परिस्थितियां:** बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों से लगातार नम हवाओं का प्रवेश प्रायद्वीपीय और मध्य भारत की ओर हो रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम से चलने वाली सतही हवाओं के संपर्क से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा रही है।
- **पूर्व चक्रवाती प्रणालियों का स्वरूप:** उष्णकटिबंधीय चक्रवात जब तटीय इलाकों से आगे बढ़कर कमजोर पड़ते हैं, तब भी उनका डिप्रेशन कई दिनों तक मैदानी क्षेत्रों में भारी वर्षा कराता है। पूर्व में भी ऐसे चक्रवातों के अवशेष कई राज्यों में अप्रत्याशित आंधी-तूफान लाते रहे हैं।
- **आगामी बदलाव:** पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में 1 नवंबर से शुष्क हवाओं के प्रभावी होने के साथ ही मौसम साफ होने की ओर बढ़ेगा, जबकि मध्य और दक्षिण भारत में 4 से 5 नवंबर तक नम मौसम का दौर जारी रहेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. 31 अक्टूबर को देश के किन हिस्सों में बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर भारत तथा उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में बारिश हो सकती है।

### 2. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम की स्थिति कैसी रहेगी?
31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच दोनों राज्यों में भारी बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का अनुमान है, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

### 3. दक्षिण भारत के तटीय राज्यों के लिए क्या पूर्वानुमान है?
31 अक्टूबर से 5 नवंबर के दौरान केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे (कुछ स्थानों पर 50 किमी प्रति घंटे) की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

### 4. उत्तर प्रदेश में मौसम कब तक खराब रहने की उम्मीद है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर, 1 और 2 नवंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।

### 5. दिल्ली में तापमान और हवा का क्या हाल रहेगा?
दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम यानी 26°C से 28°C और न्यूनतम तापमान 15°C से 17°C रहेगा, जबकि सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

### 6. आंधी-तूफान के दौरान मौसम विभाग ने क्या सुरक्षा सावधानियां बताई हैं?
लोगों को घरों के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों और उफान पर चल रही नदियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

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