# चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, ओडिशा में सवा लाख से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए

> दक्षिण आंध्र प्रदेश के ओंगोल के निकट भयंकर चक्रवाती तूफान मुरासु के तट पार करने से तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है, वहीं पड़ोसी राज्य ओडिशा में बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chakravata-murasu-andhra-pradesh-ke-tata-se-takaraya-odisha-men-sava-lakha-se-adhika-loga-surakshita-nikale-gae-55451 · **Language:** Hindi
**Tags:** चक्रवात मुरासु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मौसम विभाग, एन चंद्रबाबू नायडू, आपदा प्रबंधन, ओंगोल

बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाके को पार कर चुका है। तट से टकराते समय हवा की प्रचंड गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों तक पहुंच गई, जिसके साथ हुई मूसलाधार वर्षा ने तटीय जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान के सीधे असर से कई कच्चे मकान ढह गए और भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, जहां संभावित खतरे वाले इलाकों से नागरिकों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाया जा रहा है।

## ओंगोल के निकट लैंडफॉल और हवा की रफ्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, तूफान ने तड़के 3:30 बजे से 5:30 बजे के दरम्यान नेल्लोर और नरसापुर के मध्यवर्ती क्षेत्र ओंगोल के करीब तट को पार किया। लैंडफॉल की प्रक्रिया के दौरान निरंतर हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि तूफानी झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति को छू रहे थे। सुबह 5:30 बजे के वक्त इस मौसमी तंत्र का केंद्र दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में ओंगोल के आसपास ही बना हुआ था।

उस समय यह मौसमी केंद्र बापटला से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कावली से करीब 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व तथा मछलीपट्टनम से तकरीबन 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम की दूरी पर अवस्थित था। मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार, यह तंत्र अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे इसकी तीव्रता घटने लगेगी। मंगलवार दोपहर तक यह कमजोर पड़कर सामान्य चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है, जिसमें हवा की चाल 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। तत्पश्चात मध्यरात्रि तक इसके गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना है, जब हवाएं घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएंगी और झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित हो जाएंगे।

## प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा निर्देश
तूफान की आमद के बाद तटीय इलाकों में बिगड़ती परिस्थितियों को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रशासनिक अमले को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आपदा प्रभावित बस्तियों में आम नागरिकों का सड़कों पर निकलना पूरी तरह रोका जाए। मुख्यमंत्री ने मानव जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए हर संभव एहतियाती उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।

## नागरिक सहायता के लिए व्हाट्सऐप सेवा
चक्रवात के कहर से जूझ रहे प्रभावित बाशिंदों की मदद के वास्ते आंध्र प्रदेश प्रशासन की रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी ने त्वरित सहायता तंत्र सक्रिय किया है। आपात स्थिति और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से 'मना मित्र' नामक व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म पर विशेष विकल्प उपलब्ध कराया गया है। तूफान प्रभावित क्षेत्रों के नागरिक बिजली आपूर्ति बाधित होने, वृक्षों के गिरने, दीवार ढहने अथवा जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे संपर्क कर सकते हैं।

नागरिकों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मोबाइल नंबर 9552300009 पर व्हाट्सऐप संदेश में 'Hi' लिखकर भेजना होगा। इसके बाद प्राप्त विकल्पों में से 'सर्विसेज' का चयन करके 'मुरासु साइक्लोन इश्यूज' पर जाना होगा, जहां 'रिपोर्ट इश्यू' पर क्लिक करते ही शिकायत दर्ज हो जाएगी। इस सीधे डिजिटल माध्यम का मकसद संकट के समय जनता और प्रशासन के मध्य अविलंब तालमेल बिठाकर बचाव और बहाली कार्यों को गति प्रदान करना है।

## ओडिशा के पांच जिलों में बड़े पैमाने पर निकासी
इधर ओडिशा में चक्रवात मुरासु के खतरों से निपटने के लिए अभूतपूर्व तैयारी देखी जा रही है। राज्य के दक्षिणी और आंतरिक जिले हाल ही में चक्रवात अर्नब के उपरांत हुई भीषण वर्षा और आकस्मिक बाढ़ के संकट से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि नए तूफान का संकट मंडराने लगा। परिस्थितियों की गंभीरता को भांपते हुए ओडिशा सरकार ने पांच संवेदनशील जिलों से अब तक कुल 1,60,021 लोगों को हटाकर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचा दिया है।

यह निकासी अभियान विशेष रूप से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट तथा कंधमाल जिलों में संचालित किया जा रहा है। इन पांचों जिलों के प्रशासन ने कुल 3,33,752 नागरिकों को जोखिम भरे क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का विस्तृत लक्ष्य तय किया है। निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने और किसी भी संभावित अनहोनी से जनसाधारण को बचाने के लिए मैदानी स्तर पर रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं।

## इसका आप पर असर
इस भीषण चक्रवाती तूफान से तटीय इलाकों में बिजली, यातायात और आवास संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

- **तटीय आंध्र प्रदेश में:** चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को तेज हवाओं और जलभराव के कारण घरों के अंदर रहने की सख्त सलाह दी गई है। पेड़ गिरने या बिजली गुल होने पर नागरिक 9552300009 पर व्हाट्सऐप संदेश भेजकर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- **ओडिशा के दक्षिणी जिलों में:** गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट और कंधमाल के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। बाढ़ और बारिश के खतरे को देखते हुए नागरिकों को स्थानीय राहत कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
- **देशभर के यात्रियों के लिए:** आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय मार्गों पर रेल और सड़क यातायात प्रभावित होने की प्रबल आशंका है। तटीय क्षेत्रों की ओर यात्रा की योजना बना रहे लोगों को मौसम सामान्य होने तक अपना सफर टालने की सलाह दी जाती है।
- **मछुआरों और तटीय कामगारों के लिए:** समुद्र में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल रही हैं। सभी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने और अपनी नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की आवश्यकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मुरासु अनुकूल मौसमी दशाओं के चलते तीव्र होकर आंध्र प्रदेश के तटीय भूभाग से टकराया है।

- **सीधा कारण:** समुद्री दबाव तंत्र के अत्यधिक सघन होने से बना गंभीर चक्रवाती तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए ओंगोल के निकट तट को पार कर गया। तट पार करते समय तेज हवाओं और मानसूनी नमी ने मूसलाधार बारिश तथा तेज आंधी की स्थिति उत्पन्न कर दी।
- **परिस्थितिजन्य पृष्ठभूमि:** ओडिशा और आसपास के तटीय क्षेत्र हाल ही में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आई बाढ़ से जूझ रहे थे। उसी आर्द्र मौसमी तंत्र के बीच मुरासु के आने से दक्षिणी जिलों में आपदा का दोहरा खतरा बढ़ गया।
- **आगे का पूर्वानुमान:** जमीन पर आने के बाद घर्षण के प्रभाव से तूफान धीरे-धीरे अपनी शक्ति खोएगा। यह दोपहर तक सामान्य चक्रवात और फिर आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर शांत हो जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. चक्रवात मुरासु ने किस स्थान पर और कब लैंडफॉल किया?
चक्रवात मुरासु ने मंगलवार तड़के 3:30 से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और नरसापुर के मध्य ओंगोल के निकट तट पार किया।

### 2. लैंडफॉल के समय हवा की गति कितनी दर्ज की गई?
लैंडफॉल के दौरान निरंतर हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचे।

### 3. आंध्र प्रदेश में तूफान प्रभावित लोग सहायता के लिए कैसे संपर्क कर सकते हैं?
नागरिक व्हाट्सऐप नंबर 9552300009 पर 'Hi' भेजकर, फिर 'Services' और 'Murasu Cyclone Issues' चुनकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

### 4. ओडिशा में किन जिलों से लोगों को निकाला जा रहा है?
ओडिशा सरकार गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट और कंधमाल जिलों से निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।

### 5. ओडिशा में अब तक कितने लोगों को निकाला गया है और कुल लक्ष्य क्या है?
ओडिशा में अब तक 1,60,021 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि प्रशासन ने कुल 3,33,752 लोगों को निकालने का लक्ष्य तय किया है।

### 6. मौसम विभाग के अनुसार तूफान आगे चलकर कैसा रहेगा?
यह तूफान दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान और फिर आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा, जिससे हवा की गति घटकर 55-65 किमी/घंटा रह जाएगी।

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