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  "type": "article",
  "title": "चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ने के बाद दक्षिण के पांच बड़े शहरों में बारिश का अनुमान, हवा की गुणवत्ता भी स्वच्छ",
  "summary": "बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरासु कमजोर होने के बीच बेंगलुरु, चेन्नई, अमरावती, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जहां एक्यूआई अच्छा और संतोषजनक बना हुआ है।",
  "content": "बंगाल की खाड़ी के निकट बने चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने के साथ ही दक्षिण भारत के प्रमुख शहरी केंद्रों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु, चेन्नई, अमरावती, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में बादलों के डेरे के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बौछारें पड़ने का अनुमान जारी किया है। राहत की बात यह भी है कि इस मौसमी बदलाव के दौरान इन सभी पांचों प्रमुख महानगरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) काफी संतोषजनक और अच्छी श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को स्वच्छ आबोहवा मिल रही है।\n\nकर्नाटक के जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी\nकर्नाटक के दक्षिणी और आंतरिक इलाकों में मौसमी गतिविधियां काफी सक्रिय बनी हुई हैं। चामराजनगर, कोडागु और मैसूरु जिलों में अलग-अलग स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश या बादलों की तेज गड़गड़ाहट वाली बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मांड्या, रामनगर, हासन, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु शहरी, चिकमगलूरु, शिवमोगा और कोलार जिले के विभिन्न हिस्सों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।\n\nमौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह दौर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। 6 नवंबर, 7 नवंबर, 8 नवंबर, 9 नवंबर और 10 नवंबर तक इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला लगातार बने रहने की उम्मीद है। बेंगलुरु शहर के ताजा हालात को देखें तो आंशिक धूप और बादलों के बीच कुछ हिस्सों में बादलों की गर्जना देखी जा रही है। शहर में तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है और शाम ढलते-ढलते गरज के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। पूरे दिन के दौरान न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जहां हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।\n\nतटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और अमरावती में तूफानी हवाएं\nआंध्र प्रदेश के तटीय और दक्षिणी क्षेत्रों में चक्रवाती असर के चलते हवाओं की गति तेज रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में एक या दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज तूफानी हवाएं चलने और उनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।\n\nराजधानी अमरावती के मौसम की बात करें तो यहां आमतौर पर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। इस दौरान अमरावती में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।\n\nचेन्नई और हैदराबाद के मौसम का मिजाज\nतमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी मौसम नम और बादलों भरा बना रहेगा। शहर के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। चेन्नई में न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।\n\nतेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के लिए चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने से कोई खतरनाक या चिंताजनक चेतावनी नहीं है। शहर में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे, हालांकि एक-दो जगहों पर बारिश, गरज-चमक या फिर धूल भरी आंधी चलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हैदराबाद में पारा 23 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर से लेकर 33 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम स्तर के बीच बना रह सकता है।\n\nतिरुवनंतपुरम और केरल में पूर्वोत्तर मानसून की चाल\nतिरुवनंतपुरम और उसके आस-पास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ बार बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। यहां न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। वर्तमान समय में केरल के ऊपर पूर्वोत्तर मानसून की सक्रियता कमजोर दर्ज की गई है, फिर भी केरल और लक्षद्वीप के कुछ इलाकों में वर्षा दर्ज की गई है।\n\nहालिया दर्ज किए गए वर्षा आंकड़ों के अनुसार पथानमथिट्टा जिले के रानी एडब्ल्यूएस में सबसे अधिक 5 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इडुक्की जिले के मायलादुमपारा और पीरुमेदु में 4-4 सेमी, वायनाड के कुप्पडी में 3 सेमी वर्षा हुई। पथानमथिट्टा के कोन्नी और कुरुदामन्निल, कोट्टायम के कांजीरापल्ली और कुमारकोम, एर्नाकुलम के अलुवा और अलुवा एडब्ल्यूएस, त्रिशूर के मुनक्कल एडब्ल्यूएस तथा वायनाड के कुप्पडी एडब्ल्यूएस में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई। वहीं तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डा, कोट्टायम, वायनाड के अम्बालावायल, तिरुवनंतपुरम के थट्टाथुमाला एडब्ल्यूएस, कोल्लम के परिपल्ली एडब्ल्यूएस, इडुक्की के वेल्लाथूवल एडब्ल्यूएस व मीनकट एडब्ल्यूएस, कन्नूर के चेम्बेरी एडब्ल्यूएस और कासरगोड के पनाथुर एडब्ल्यूएस में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई है।\n\nपांचों शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति\nबारिश और हवाओं के प्रवाह के चलते इन पांचों दक्षिणी नगरों में प्रदूषण का स्तर बेहद नियंत्रण में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीधे आंकड़ों के अनुसार बेंगलुरु का वायु गुणवत्ता सूचकांक 63 के साथ संतोषजनक बना हुआ है। शहर के भीतर बापूजी नगर में 47, हेब्बाल में 59, होम्बेगौड़ा नगर में 71, जयनगर 5वां ब्लॉक में 59 और सिल्क बोर्ड में 52 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो सभी संतोषजनक श्रेणी में आते हैं।\n\nचेन्नई का एक्यूआई भी 98 पर संतोषजनक पाया गया है। हालांकि तिरुवनंतपुरम की आबोहवा चेन्नई और बेंगलुरु से भी बेहतर और स्वच्छ है, जहां एक्यूआई 46 दर्ज किया गया जो अच्छी श्रेणी में आता है। अमरावती का प्रदूषण स्तर सबसे बेहतरीन स्थिति में है, जहां सूचकांक केवल 18 दर्ज हुआ है। वहीं हैदराबाद का एक्यूआई भी 54 के स्तर पर संतोषजनक स्थिति में बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nदक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।\n\n• भारत में: दक्षिण भारत के पांच प्रमुख व्यापारिक और आईटी केंद्रों में मौसम संबंधी व्यवधानों के चलते क्षेत्रीय उड़ानों और लंबी दूरी की यात्राओं पर मामूली असर पड़ सकता है। हालांकि इन शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रहने से प्रदूषण संबंधित स्वास्थ्य जोखिम काफी कम रहेगा।\n• बेंगलुरु में: शाम के समय गरज के साथ बौछारें पड़ने और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण सड़क यातायात धीमा हो सकता है। शहर में 10 नवंबर 2026 तक बारिश का यह सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहने का अनुमान है, जिससे दैनिक यात्रियों को छाते और रेनकोट साथ रखने की सलाह है।\n• चेन्नई में: आकाशीय बिजली और गरज-चमक के साथ बारिश होने से निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक रहने के बावजूद बारिश की फुहारें उमस और गर्मी से कुछ राहत प्रदान करेंगी।\n• तटीय आंध्र प्रदेश और अमरावती में: 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाले हवा के झोंकों के कारण खुले इलाकों और तटीय मार्गों पर आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। 18 एक्यूआई के साथ अमरावती में वायु गुणवत्ता अत्यंत स्वच्छ और स्वास्थ्य के लिए अनुकूल बनी हुई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के परस्पर प्रभाव के कारण दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का वातावरण तैयार हुआ है।\n\n• चक्रवाती प्रणाली का प्रभाव: चक्रवात मुरासु के बंगाल की खाड़ी के पास कमजोर पड़ने से समुद्री नमी का व्यापक प्रवाह तटीय और आंतरिक दक्षिणी राज्यों की ओर बढ़ा है। इस नमी के कारण विभिन्न शहरों में गरज के साथ बौछारें और तेज हवाओं की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।\n• पूर्वोत्तर मानसून की मौजूदगी: केरल और आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में पूर्वोत्तर मानसून की धाराएं सक्रिय हैं, भले ही उनकी गति इस समय अपेक्षाकृत कमजोर दर्ज की गई है। इस मौसमी तंत्र के चलते लक्षद्वीप और केरल के आंतरिक जिलों में रुक-रुक कर वर्षा दर्ज हो रही है।\n• वर्षा द्वारा वायु शोधन: चक्रवाती हवाओं के तेज प्रवाह और लगातार होने वाली छिटपुट बारिश ने वातावरण में तैरने वाले धूलकणों को साफ कर दिया है। इसी प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण बेंगलुरु, अमरावती, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई और हैदराबाद में वायु गुणवत्ता अच्छी और संतोषजनक बनी हुई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. किन पांच दक्षिणी शहरों में बारिश और बादलों का अनुमान है?\nबेंगलुरु, चेन्नई, अमरावती, हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम में 5 नवंबर 2026 को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है।\n\n2. कर्नाटक के किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है?\nचामराजनगर, कोडागु और मैसूरु जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है।\n\n3. बेंगलुरु में बारिश का दौर कब तक जारी रहने की उम्मीद है?\nमौसम विभाग के अनुसार बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में 10 नवंबर 2026 तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।\n\n4. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में हवा की रफ्तार कितनी हो सकती है?\nइन क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।\n\n5. केरल में किस स्थान पर सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई?\nपथानमथिट्टा जिले के रानी एडब्ल्यूएस में सबसे ज्यादा 5 सेमी बारिश दर्ज की गई है।\n\n6. इन पांचों शहरों में सबसे स्वच्छ वायु गुणवत्ता किस शहर की दर्ज की गई?\nअमरावती में सबसे स्वच्छ हवा दर्ज की गई, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मात्र 18 रहा।",
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