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  "type": "article",
  "title": "चक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमा रेल यातायात, 6 राज्यों में दर्जनों एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें रद्द",
  "summary": "चक्रवाती तूफान अर्नब के खतरे को देखते हुए रेलवे ने 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच 26 से अधिक एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे हेल्पलाइन 139 पर स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।",
  "content": "देश के पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को आने वाले दिनों में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ेगा। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के खतरे को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रेनों को रद्द करने और उनके रास्तों में कटौती करने का निर्णय लिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेलवे बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच 6 प्रमुख राज्यों में रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। लंबी दूरी की एक्सप्रेस और स्थानीय पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले सभी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल जरूर जांच लें।\n\n6 राज्यों के रेल नेटवर्क पर पड़ेगा व्यापक असर\nरेलवे के इस एहतियाती फैसले का सबसे ज्यादा असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बीच चलने वाली ट्रेनों पर पड़ने वाला है। विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, संबलपुर, राउरकेला, कोरापुट, जगदलपुर, रायगड़ा, हावड़ा, सिकंदराबाद और पुणे जैसे प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले रेल मार्ग इन रद्द सेवाओं की चपेट में आए हैं। इन रूटों के जरिए अंतरराज्यीय सफर की योजना बना रहे यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए वास्तविक समय की जानकारी पर नजर रखनी होगी।\n\nलंबी दूरी की मुख्य लाइनों के अलावा, क्षेत्रीय इंटरसिटी और स्थानीय पैसेंजर सेवाओं पर भी भारी प्रभाव पड़ा है। विशाखापट्टनम-किरंडुल एक्सप्रेस और राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनें कई दिनों तक पूरी तरह बंद रहेंगी। इसके अलावा भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर, कटक, पारादीप और पलासा के बीच चलने वाली स्थानीय ट्रेनों को भी तूफान के संभावित प्रभाव के दौरान एहतियातन रोका गया है।\n\nरद्द की गई मुख्य एक्सप्रेस ट्रेनों का विवरण\nरेलवे प्रशासन ने विभिन्न तिथियों पर रद्द रहने वाली महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों की समयसारिणी और ट्रेन नंबर जारी किए हैं\n\n• ट्रेन नंबर 18515 और 18516: विशाखापट्टनम-किरंडुल एक्सप्रेस और किरंडुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक पूरी तरह रद्द रहेंगी।\n• ट्रेन नंबर 18107: राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 के बीच नहीं होगा।\n• ट्रेन नंबर 18108: जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक रद्द रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 18005: हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक निलंबित कर दी गई है।\n• ट्रेन नंबर 18006: जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक नहीं चलेगी।\n\nविशाखापट्टनम और कोरापुट रेल मार्ग पर निलंबन\nविशाखापट्टनम, कोरापुट और किरंडुल के बीच दैनिक आधार पर यात्रा करने वाले यात्रियों को भी निर्धारित तारीखों पर रेल सेवा न मिलने से परेशानी उठानी पड़ेगी। इस रेल खंड पर रद्द की गई ट्रेनों की सूची इस प्रकार है\n\n• ट्रेन नंबर 58538: विशाखापट्टनम-कोरापुट पैसेंजर 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक रद्द रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 58537: कोरापुट-विशाखापट्टनम पैसेंजर 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावित रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 18512: विशाखापट्टनम-कोरापुट एक्सप्रेस 30 अक्टूबर 2026 को रद्द रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 18511: कोरापुट-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस 31 अक्टूबर 2026 को नहीं चलाई जाएगी।\n• ट्रेन नंबर 58501 और 58502: विशाखापट्टनम-किरंडुल पैसेंजर और किरंडुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक रद्द रहेंगी।\n\nलंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन पर रोक\nओडिशा को पड़ोसी दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों से जोड़ने वाली कई प्रमुख सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों को भी सुरक्षा के लिहाज से रद्द किया गया है\n\n• ट्रेन नंबर 12703: हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस 29 अक्टूबर 2026 को रद्द रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 17015: भुवनेश्वर न्यू-सिकंदराबाद विशाखा एक्सप्रेस 29 अक्टूबर 2026 को नहीं चलेगी।\n• ट्रेन नंबर 20809: संबलपुर-नांदेड़ नागावली सुपरफास्ट एक्सप्रेस 30 अक्टूबर 2026 को रद्द कर दी गई है।\n• ट्रेन नंबर 22881: पुणे-भुवनेश्वर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 29 अक्टूबर 2026 को निलंबित रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 17244: रायगड़ा-गुंटूर एक्सप्रेस 28 अक्टूबर 2026 को रद्द रहेगी।\n\n27 अक्टूबर को रद्द की गई शुरुआती ट्रेनें\nचक्रवाती तूफान की शुरुआती चेतावनी के बाद 27 अक्टूबर 2026 को ही रेलवे ने 5 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को तात्कालिक प्रभाव से रद्द कर दिया था\n\n• ट्रेन नंबर 20810: नांदेड़-संबलपुर नागावली सुपरफास्ट एक्सप्रेस 27 अक्टूबर 2026 को रद्द रही।\n• ट्रेन नंबर 17016: सिकंदराबाद-भुवनेश्वर न्यू विशाखा एक्सप्रेस 27 अक्टूबर 2026 को नहीं चली।\n• ट्रेन नंबर 12704: सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस 27 अक्टूबर 2026 को निलंबित रही।\n• ट्रेन नंबर 22882: भुवनेश्वर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस 27 अक्टूबर 2026 को रद्द कर दी गई।\n• ट्रेन नंबर 17243: गुंटूर-रायगड़ा एक्सप्रेस 27 अक्टूबर 2026 को संचालित नहीं हुई।\n\nहीराखंड एक्सप्रेस के मार्ग में किया गया आंशिक बदलाव\nट्रेनों के पूर्ण निरस्तीकरण के अलावा, रेलवे ने कुछ ट्रेनों को जोखिम वाले तटीय और वनीय इलाकों से दूर रखने के लिए उनके रूट को छोटा करने का फैसला किया है। हीराखंड एक्सप्रेस का संचालन तूफान की अवधि में आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा\n\n• ट्रेन नंबर 18447: भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 के बीच जगदलपुर के बजाय रायगड़ा स्टेशन तक ही जाएगी। रायगड़ा से जगदलपुर के बीच यह सेवा निलंबित रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 18448: जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जगदलपुर के बजाय रायगड़ा स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी। जगदलपुर से रायगड़ा के बीच यात्रियों को स्वयं व्यवस्था करनी होगी।\n\nस्थानीय पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का निलंबन\nरेलवे प्रशासन की ओर से 27 अक्टूबर को जारी एक अन्य बुलेटिन में ओडिशा के तटीय जिलों में चलने वाली छोटी दूरी की पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को भी 28 और 29 अक्टूबर के लिए रद्द करने की घोषणा की गई है\n\n• ट्रेन नंबर 58406/58405: पारादीप-कटक-पारादीप पैसेंजर 28 अक्टूबर 2026 को रद्द रहेगी।\n• ट्रेन नंबर 68411/68412: भुवनेश्वर-ब्रह्मपुर-भुवनेश्वर मेमू 28 अक्टूबर 2026 को नहीं चलेगी।\n• ट्रेन नंबर 68445: कटक-पलासा मेमू 28 अक्टूबर 2026 को रद्द की गई है।\n• ट्रेन नंबर 68446: पलासा-कटक मेमू 29 अक्टूबर 2026 को संचालित नहीं होगी।\n\nयात्रियों के लिए सलाह और हेल्पलाइन जानकारी\nरेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों के संचालन की स्थिति जरूर देख लें। इसके लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम यानी NTES के डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त यात्री 24 घंटे उपलब्ध रहने वाले रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सही जानकारी हासिल कर सकते हैं। स्टेशनों पर भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए बिना कन्फर्म सूचना के स्टेशन न पहुंचने की हिदायत दी गई है।\n\nइसका आप पर असर\nचक्रवाती तूफान अर्नब के चलते ट्रेनों के रद्द होने से पूर्वी और मध्य भारत के यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ेगा।\n\n• भारत में: 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच चलने वाली कई लंबी दूरी की सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनें पूरी तरह प्रभावित रहेंगी। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम या हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए स्टेटस जरूर जांच लेना चाहिए।\n• ओडिशा में: राज्य के तटीय और अंदरूनी जिलों के बीच चलने वाली पैसेंजर और मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। स्थानीय यात्रियों को बस या अन्य सड़क साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।\n• आंध्र प्रदेश में: विशाखापट्टनम और किरंडुल, पलासा तथा गुंटूर के बीच आवाजाही करने वाली ट्रेनें कई दिनों तक ठप रहेंगी। यात्रियों को यात्रा की तारीख आगे बढ़ाने या टिकट रद्द कराकर रिफंड लेने की सलाह दी जाती है।\n• पश्चिम बंगाल में: हावड़ा से सिकंदराबाद और जगदलपुर की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द रहने से यात्रियों को परेशानी होगी। समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करना ही समझदारी होगी।\n• छत्तीसगढ़ में: जगदलपुर, किरंडुल और राउरकेला के बीच चलने वाली इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गई हैं। व्यावसायिक और निजी यात्रा करने वालों को सड़क मार्ग का विकल्प चुनना पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। रेलवे ने संभावित हादसों से बचने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निवारक कदम उठाया है।\n\n• सुरक्षा उपाय: तूफान के दौरान तेज हवाओं से रेलवे की ओवरहेड बिजली तारों और पटरियों पर पेड़ गिरने का जोखिम रहता है। ट्रेनों को रद्द करके संभावित दुर्घटनाओं और यात्रियों के फंसने की स्थिति को टाला जा रहा है।\n• भौगोलिक प्रभाव: ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के वन और पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करना तूफान के दौरान बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसी वजह से इन इलाकों से गुजरने वाली ट्रेनों को पहले ही रोक दिया गया है।\n• पूर्वानुमान और निगरानी: मौसम विभाग की चेतावनियों के आधार पर रेलवे प्रशासन ने संवेदनशील तारीखों का चयन किया है। परिस्थिति सामान्य होने और ट्रैक क्लियरेंस मिलने के बाद ही संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चक्रवात अर्नब के कारण कितनी ट्रेनें रद्द की गई हैं?\nरेलवे ने 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच 26 से अधिक प्रमुख एक्सप्रेस, पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है।\n\n2. किन-किन राज्यों की ट्रेन सेवाएं इस चक्रवात से प्रभावित होंगी?\nओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बीच चलने वाली रेल सेवाएं मुख्य रूप से प्रभावित रहेंगी।\n\n3. क्या हीराखंड एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द कर दी गई है?\nनहीं, भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस को रद्द करने के बजाय रायगड़ा स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया है।\n\n4. यात्री अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति कैसे जान सकते हैं?\nयात्री नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) की वेबसाइट, ऐप या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके अपनी ट्रेन का स्टेटस जांच सकते हैं।\n\n5. विशाखापट्टनम और किरंडुल के बीच ट्रेनें कब तक बंद रहेंगी?\nविशाखापट्टनम-किरंडुल एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें 27 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 के दौरान अलग-अलग निर्धारित तारीखों पर रद्द रहेंगी।",
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  "publishedAt": "2026-10-27",
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