चंदौली में गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन चौकस, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर में परखा तैयारी का हाल चंदौली में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर क्षेत्र में बाढ़ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत शिविर, पेयजल, दवाएं और मवेशियों के चारे की अग्रिम व्यवस्था के कड़े निर्देश दिए। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण चंदौली जिले में संभावित बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। बाढ़ के खतरे की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने धरातल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। उन्होंने मारुफपुर स्थित बाढ़ चौकी का दौरा किया और गंगा तटवर्ती इलाकों तथा घाटों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। ग्रामीणों के बीच पहुंचे मंत्री, हर संभव मदद की दी गारंटी तटीय इलाकों के निरीक्षण के दौरान राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद कायम किया और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि इस संकट की परिस्थिति में प्रदेश सरकार हर नागरिक के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने लोगों से घबराहट में न आने का अनुरोध किया और आश्वस्त किया कि शासन और प्रशासन पल-पल की परिस्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। राहत शिविर, दवाओं और पशुओं के चारे के अग्रिम इंतजाम के कड़े निर्देश निरीक्षण के बाद राज्य मंत्री ने प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ का पानी बस्तियों में फैलने से पहले ही तमाम बचाव उपाय पूरे कर लिए जाएं, ताकि जन-धन की क्षति को पूरी तरह रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और बाढ़ राहत शिविरों को पूरी तरह तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त शिविरों में स्वच्छ पेयजल, जीवनरक्षक दवाइयों, आवाजाही के लिए नावों और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे का अग्रिम प्रबंध सुनिश्चित करने पर बल दिया। जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी मौके पर मौजूद जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा को प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि पूरा तंत्र अलर्ट मोड पर है। तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारी लगातार अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं और कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इस स्थलीय निरीक्षण में एडीएम वित्त एवं राजस्व सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक अलर्ट और तैयारियों का आम लोगों की जिंदगी पर सीधा प्रभाव पड़ेगा: • भारत में: मानसून के मौसम में प्रमुख नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी से आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूती मिलती है और तटीय क्षेत्रों में जन-धन का नुकसान कम होता है। • चंदौली में: मारुफपुर और गंगा किनारे के निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को समय रहते राहत शिविर, पेयजल, दवाएं और पशु चारा मिल सकेगा, जिससे बाढ़ की स्थिति में तात्कालिक राहत मिलेगी। सवाल-जवाब 1. चंदौली में बाढ़ का अलर्ट क्यों जारी किया गया है? गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण चंदौली जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। 2. राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने चंदौली में किन स्थानों का निरीक्षण किया? राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर में स्थित बाढ़ चौकी और गंगा नदी के तटीय घाटों का निरीक्षण कर प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। 3. बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं? अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने, राहत शिविर सक्रिय करने, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त दवाइयां, नावें और पशुओं के चारे की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। 4. आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की क्या तैयारी है? जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के अनुसार, ब्लॉक व तहसील स्तर के अधिकारी क्षेत्रों का गश्त कर रहे हैं और आपात स्थिति के लिए समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। https://trendkia.com/national/chandauli-men-ganga-ka-jalastara-barhane-se-prashasana-chaukasa-rajya-mntri-hansraj-vishwakarma-ne-marufpur-men-parakha-taiyari-ka-16890 TrendKia — Har trend, sabse pehle.