# चंडीगढ़ और मोहाली में मुफ़्त आईफोन बांटने के दावे पर प्रशासन का सख्त पहरा, आयोजक पर लटकी कानूनी तलवार

> सोशल मीडिया पर आईफोन 17 बांटने की घोषणा करने वाले अमृतसर के व्यवसायी के कार्यक्रम पर चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन ने रोक लगा दी है। बिना पूर्व अनुमति के भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई और जेल की चेतावनी दी गई है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chandigarh-aura-mohali-men-mufta-iphone-bantane-ke-dave-para-prashasana-ka-sakhta-pahara-ayojaka-para-lataki-kanuni-talavara-35667 · **Language:** Hindi
**Tags:** चंडीगढ़ प्रशासन, मोहाली पुलिस, राकेश त्रेहान, आईफोन वितरण, बीएनएसएस धारा 163, सार्वजनिक सुरक्षा

सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ और मोहाली के जिला प्रशासन ने एक अजीबोगरीब प्रचार कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अमृतसर के रहने वाले व्यवसायी राकेश त्रेहान, जिन्हें सोशल मीडिया पर राजा डी किंग के नाम से भी जाना जाता है, ने 22 सितंबर को इन दोनों शहरों में लोगों के बीच स्मार्टफोन बांटने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह कार्यक्रम में आने वाले लोगों को आईफोन 17 और उसके बाद के आधुनिक मॉडल्स प्रसाद के तौर पर देंगे। हालांकि, इस तरह के बड़े आयोजन के लिए स्थानीय पुलिस अथवा प्रशासनिक विभागों से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

## प्रशासन का कड़ा रुख और भगदड़ की आशंका
चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम को किसी भी सूरत में अनुमति न दी जाए। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मुफ्त उपहार बांटने के दावों से अनियंत्रित भीड़ जमा हो सकती है, जिससे भगदड़ और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो जाएगा। यादव ने पूर्व घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि त्रेहान ने इससे पहले भी मुफ्त पेट्रोल का वितरण करने की घोषणा की थी। उस समय भी हजारों लोगों के जुटने की आशंका थी, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए अब शहर में ऐसे किसी भी कार्यक्रम पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।

## बिना मंजूरी कार्यक्रम करने पर कानूनी कार्रवाई
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोजक की तरफ से किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति के लिए अर्जी दाखिल नहीं की गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना इजाजत ऐसी बड़ी जनसभा का आयोजन करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का सीधा उल्लंघन होगा।

वहीं पड़ोसी जिले मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने भी स्थिति साफ करते हुए कहा कि उनके संज्ञान में ऐसी किसी मंजूरी वाले आयोजन की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि डिप्टी कमिश्नर कार्यालय से अनुमति लिए बिना जिले की सीमा में कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी ने नियमों को ताक पर रखकर ऐसा करने की कोशिश की, तो पुलिस तुरंत सख्त वैधानिक कदम उठाएगी।

## नियम तोड़ने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बीएनएसएस की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। कानूनी नियमों के अनुसार सामान्य उल्लंघन करने पर दोषी को छह महीने तक का साधारण कारावास, 2500 रुपये तक का आर्थिक जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। वहीं यदि इस तरह की गैर-कानूनी सभा से मानव जीवन, स्वास्थ्य अथवा सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है या दंगा भड़कने की आशंका बनती है, तो सजा की अवधि बढ़कर एक साल तक का कारावास और जुर्माना 5000 रुपये तक हो सकता है। अधिकारियों ने दोहराया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भीड़ जुटाने वाले अनधिकृत आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

## इसका आप पर असर
इस प्रशासनिक रोक से दोनों शहरों में सड़कों पर संभावित अफरा-तफरी और सुरक्षा जोखिमों को टाल दिया गया है।

- **चंडीगढ़ और मोहाली में:** स्थानीय नागरिकों को इस अनधिकृत कार्यक्रम के चलते संभावित भारी ट्रैफिक जाम और अनियंत्रित भीड़ से राहत मिलेगी। जो लोग मुफ्त फोन मिलने की उम्मीद में 22 सितंबर को इन स्थानों पर जाने की योजना बना रहे थे, उन्हें वहां जाने से बचना चाहिए क्योंकि कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
- **आयोजकों और जनता के लिए:** बड़े पैमाने पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले जिला प्रशासन और पुलिस से औपचारिक अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के भीड़ जुटाने पर छह महीने से एक साल तक की जेल और 2500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए:** इंटरनेट पर मुफ्त महंगे उपकरण या पेट्रोल बांटने जैसे लुभावने दावों के बहकावे में आने से बचना चाहिए। ऐसी घोषणाओं के पीछे प्रशासनिक मंजूरी की जांच किए बिना किसी सार्वजनिक स्थल पर एकत्र होना कानूनी रूप से जोखिम भरा हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
चंडीगढ़ और मोहाली प्रशासन ने यह सख्त कदम भगदड़ के खतरे और अनिवार्य कानूनी अनुमतियों की अनदेखी के चलते उठाया है।

- **भगदड़ और सुरक्षा का गंभीर जोखिम:** आईफोन जैसे महंगे गैजेट मुफ्त में बांटने की घोषणा से भारी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना थी। प्रशासन के अनुसार बिना तैयारी के इतनी बड़ी भीड़ जमा होने से भगदड़ और जनहानि का गंभीर खतरा पैदा हो जाता।
- **औपचारिक अनुमति का अभाव:** आयोजनकर्ता ने चंडीगढ़ या मोहाली के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय अथवा पुलिस विभाग में किसी भी अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया था। बिना प्रशासनिक मंजूरी के धारा 163 के तहत ऐसी सभाओं का आयोजन पूरी तरह गैर-कानूनी है।
- **पूर्व की घटनाओं का रिकॉर्ड:** आयोजक ने पहले भी हजारों लोगों को आकर्षित करने वाले मुफ्त पेट्रोल वितरण का ऐलान किया था। ऐसे पूर्व अनुभवों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार समय रहते कड़ा रुख अपनाया ताकि व्यवस्था न बिगड़े।

## सवाल-जवाब

### 1. मुफ़्त आईफोन बांटने का ऐलान किसने किया था?
यह घोषणा अमृतसर के व्यवसायी राकेश त्रेहान ने की थी, जिन्हें सोशल मीडिया पर राजा डी किंग के नाम से जाना जाता है।

### 2. यह कार्यक्रम कब और कहां आयोजित करने का दावा किया गया था?
यह कार्यक्रम 22 सितंबर को चंडीगढ़ और मोहाली में आयोजित करने की घोषणा की गई थी।

### 3. प्रशासन ने इस कार्यक्रम पर रोक क्यों लगाई?
अधिकारियों ने भारी भीड़ के कारण भगदड़ की आशंका और बिना पूर्व अनुमति के सभा आयोजित करने के चलते इस पर रोक लगाई।

### 4. बिना अनुमति के ऐसा कार्यक्रम करने पर क्या कानूनी सजा हो सकती है?
बीएनएस की धारा 223 के तहत सामान्य उल्लंघन पर छह महीने तक की जेल या 2500 रुपये जुर्माना और जान-माल के खतरे पर एक साल तक की जेल व 5000 रुपये जुर्माना हो सकता है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._