छह देशों की यात्रा पर निकलेंगे जयशंकर, यूएनएससी सदस्यता की दौड़ भी होगी शुरू विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार से कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम के दौरे पर रवाना होंगे, जिसमें यूएनएससी की स्थायी सदस्यता का अभियान और भारत-यूरोपीय संघ की तकनीकी परिषद की बैठक भी शामिल है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार से छह देशों के लंबे दौरे पर निकल रहे हैं. इस यात्रा में कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम शामिल हैं और यह पांच जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी. पहले चार दिन खाड़ी देशों में पांच जुलाई से 10 जुलाई तक जयशंकर चार खाड़ी देशों, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान का दौरा करेंगे. गौर करने वाली बात यह है कि यह दौरा उस वक्त हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने क्या कहा विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जयशंकर पांच से 10 जुलाई तक कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. मंत्रालय के मुताबिक, इन चारों देशों में जयशंकर अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों और वहां के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे. एमईए ने साफ किया कि यह यात्रा चारों देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और गहरा करने पर केंद्रित रहेगी. साथ ही, इस दौरान क्षेत्रीय हालात और दोनों पक्षों के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत होगी. न्यूयॉर्क में यूएनएससी सदस्यता की दावेदारी खाड़ी देशों का दौरा पूरा करने के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क रवाना होंगे. यहां वह साल 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की सीट के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. यानी भारत की सदस्यता की दावेदारी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा. आखिरी पड़ाव ब्रसेल्स, भारत-यूरोपीय संघ की तकनीकी परिषद दौरे के आखिरी चरण में जयशंकर बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स पहुंचेंगे. यहां वह 14 और 15 जुलाई को तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक के दौरान वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के अपने समकक्षों से भी बातचीत करेंगे. एमईए ने अपने बयान में इसकी पुष्टि की है. टीटीसी क्यों अहम है भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद यानी टीटीसी की शुरुआत 2022 में हुई थी. इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में आपसी सहयोग और तालमेल को आसान बनाना है. तीसरी बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक स्तर पर तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर देशों के बीच साझेदारियां तेजी से अहम होती जा रही हैं. इसका आप पर असर इस दौरे का सीधा असर आम भारतीयों की रोज़मर्रा की जिंदगी पर तुरंत नजर न आए, लेकिन इसके दूरगामी नतीजे जरूर होंगे. • भारत में: यूएनएससी की सीट के लिए भारत का अभियान अगर आगे बढ़ता है, तो इससे वैश्विक मंच पर भारत की आवाज और मजबूत होगी. • खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए: कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं, ऐसे में इन देशों के साथ रिश्ते मजबूत होने से उनकी सुरक्षा, नौकरी और वीजा जैसे मसलों पर बेहतर सहयोग की उम्मीद बढ़ती है. • टेक और कारोबार जगत के लिए: यूरोपीय संघ के साथ एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से भारत की टेक इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स को नए मौके मिल सकते हैं. सवाल-जवाब 1. जयशंकर की यह यात्रा कब से कब तक चलेगी? यह यात्रा 5 जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी. 2. जयशंकर किन-किन देशों का दौरा करेंगे? वह कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम जाएंगे. 3. खाड़ी देशों की यात्रा किस संदर्भ में हो रही है? यह यात्रा अमेरिका और ईरान के बीच हाल के शांति समझौते के बाद बदलते क्षेत्रीय हालात के बीच हो रही है. 4. न्यूयॉर्क में जयशंकर क्या करेंगे? वह 13 जुलाई को 2028-29 के कार्यकाल के लिए यूएनएससी में भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे. 5. ब्रसेल्स में जयशंकर किस बैठक में हिस्सा लेंगे? वह 14 और 15 जुलाई को तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में शामिल होंगे. 6. टीटीसी की शुरुआत कब और क्यों हुई थी? टीटीसी की शुरुआत 2022 में एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसी अहम तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने के लिए हुई थी. https://trendkia.com/national/chhaha-deshon-ki-yatra-para-nikalenge-jaishankar-unsc-sadasyata-ki-daura-bhi-hogi-shuru-4787 TrendKia — Har trend, sabse pehle.