# चिखली में पाला बदलने वाले राहुल बोंद्रे रुके, राहुल गांधी के फोन से बदला फैसला

> महाराष्ट्र के बुलढाणा स्थित चिखली से कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में जाने का फैसला टाल दिया है। राहुल गांधी से फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्होंने कांग्रेस में ही बने रहने की घोषणा की।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chikhli-men-pala-badalane-vale-rahul-bondre-ruke-rahul-gandhi-ke-phona-se-badala-phaisala-36460 · **Language:** Hindi
**Tags:** राहुल बोंद्रे, राहुल गांधी, चिखली, बुलढाणा, देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र राजनीति, कांग्रेस, बीजेपी

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट की राजनीति में सोमवार देर रात अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस के पूर्व विधायक और पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में शामिल होने की अपनी पूर्व योजना को अचानक टाल दिया है। इस बदलाव से ऐन पहले उनके समर्थक मुंबई पहुंच चुके थे और औपचारिक प्रवेश की रूपरेखा तैयार की जा चुकी थी।

## मुंबई में होने वाला था औपचारिक प्रवेश
राहुल बोंद्रे का बीजेपी में प्रवेश 22 सितंबर को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में तय माना जा रहा था। खुद बोंद्रे ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी में शामिल होने का संकेत सार्वजनिक किया था। इस घोषणा के बाद बुलढाणा से उनके तमाम समर्थक भी राजधानी मुंबई पहुंचने लगे थे और आयोजन की तैयारियां काफी तेजी से चल रही थीं। ऐन वक्त पर पार्टी स्तर पर हुई बातचीत ने इस पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी।

## फोन पर संवाद और नेतृत्व का आश्वासन
जैसे ही बोंद्रे के दल बदलने की जानकारी सामने आई, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व तुरंत सक्रिय हुआ। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वयं देर रात फोन कर राहुल बोंद्रे से सीधे संपर्क साधा और उन्हें जल्दबाजी में कोई भी कदम न उठाने को कहा। इस बातचीत के दौरान सामने आए विवरण के अनुसार, राहुल गांधी ने बोंद्रे को भरोसा दिलाया कि वह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं और कांग्रेस पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

## भावुक बोंद्रे ने जताया लड़ाई जारी रखने का संकल्प
बातचीत के दौरान राहुल बोंद्रे काफी भावुक नजर आए। उन्होंने नेतृत्व से स्पष्ट कहा कि शीर्ष स्तर से सीधे आए इस फोन ने उन्हें फिर से संघर्ष करने की शक्ति दी है। बोंद्रे ने यह भी जोड़ा कि चाहे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कितना भी नुकसान क्यों न उठाना पड़े, वह राहुल गांधी के साथ संघर्ष की इस जमीन पर टिके रहेंगे। इस भावुक संवाद के तुरंत बाद ही उन्होंने सत्ताधारी दल में जाने का अपना इरादा वापस ले लिया।

## संगठन स्तर पर समन्वय और कार्यकर्ताओं का जश्न
इस पूरे राजनीतिक समीकरण को साधने में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मध्यस्थता की भी प्रमुख भूमिका रही। बोंद्रे के संभावित पलायन की भनक लगते ही वरिष्ठ नेताओं ने समन्वय शुरू किया था, जो अंततः राहुल गांधी के सीधे हस्तक्षेप के साथ पूरा हुआ। फैसला पलटने की खबर मिलते ही बुलढाणा के चिखली, धाड़ और अमडापुर समेत कई इलाकों में कांग्रेस समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। जो चर्चा कुछ घंटे पहले पार्टी छोड़ने की थी, वह अब चिखली के नए राजनीतिक समीकरणों में बदल गई है।

## इसका आप पर असर
इस राजनीतिक फैसले से चिखली विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय सांगठनिक समीकरणों और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **महाराष्ट्र में:** विपक्षी गठबंधन के भीतर विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के दलबदल को रोकने के लिए शीर्ष नेतृत्व का सीधा संवाद काम आया है। यह कदम राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने में मददगार साबित होगा।
- **चिखली और बुलढाणा में:** राहुल बोंद्रे के कांग्रेस में बने रहने से स्थानीय संगठन का बिखराव टल गया है। जमीनी कार्यकर्ताओं को अब नए राजनीतिक नेतृत्व के बजाय अपने पुराने चेहरे के साथ ही अभियान जारी रखने का मौका मिलेगा।
- **स्थानीय मतदाताओं के लिए:** चिखली क्षेत्र में मतदाताओं के सामने दलीय विकल्प पहले की तरह स्पष्ट बने रहेंगे। किसी बड़े नेता के दल बदलने से होने वाला असमंजस अब इस क्षेत्र में समाप्त हो गया है।
- **बीजेपी के स्थानीय समीकरण:** 22 सितंबर को होने वाले प्रवेश के टलने से चिखली में सत्ताधारी गठबंधन को अपनी चुनावी रणनीति दोबारा तय करनी पड़ेगी। पार्टी को क्षेत्र में अपने पुराने कैडर और नए संभावित चेहरों के बीच फिर से तालमेल बनाना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक मोड़ तब आया जब कांग्रेस नेतृत्व ने एक वरिष्ठ क्षेत्रीय नेता के दलबदल की योजना को रोकने के लिए सीधे व्यक्तिगत स्तर पर दखल दिया।

- **दल बदलने की पूर्व घोषणा:** पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने सोशल मीडिया पर बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी और उनके समर्थक मुंबई पहुंच चुके थे। मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में 22 सितंबर को उनका प्रवेश कार्यक्रम निर्धारित किया गया था।
- **राज्य नेतृत्व का तुरंत सक्रिय होना:** जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने स्थिति को संभालने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू की। राज्य संगठन ने समय रहते मामले की गंभीरता को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया।
- **शीर्ष नेतृत्व का व्यक्तिगत हस्तक्षेप:** लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देर रात सीधे फोन कॉल करके बोंद्रे को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस व्यक्तिगत संवाद और आश्वासन के बाद ही बोंद्रे ने अपना फैसला वापस ले लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. राहुल बोंद्रे कौन हैं?
राहुल बोंद्रे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व जिलाध्यक्ष हैं।

### 2. राहुल बोंद्रे का बीजेपी में प्रवेश कब और कहां होना था?
उनका बीजेपी में प्रवेश 22 सितंबर को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में होना तय था।

### 3. राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में जाने का फैसला क्यों बदला?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के फोन कॉल और पार्टी द्वारा साथ खड़े रहने के आश्वासन के बाद उन्होंने फैसला बदल दिया।

### 4. इस मामले को सुलझाने में किस स्थानीय नेता की मध्यस्थता रही?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थता कर वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा।

### 5. फैसले के बाद कार्यकर्ताओं ने कहां जश्न मनाया?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुलढाणा जिले के चिखली, धाड़ और अमडापुर में मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।

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