# चित्रकूट के मंदिरों में गुटखा बेचने पर लगेगी पाबंदी, मड़फा और सोमनाथ से शुरू हुई सफाई की मुहिम

> चित्रकूट जिला प्रशासन ने धार्मिक स्थलों को गुटखा-तंबाकू मुक्त और स्वच्छ बनाने की बड़ी पहल शुरू की है। मड़फा, सोमनाथ और भरत मंदिर से इस अभियान की शुरुआत कर दुकानों और पार्किंग शुल्क से सफाई कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chitrakoot-ke-mandiron-mein-gutkha-bechne-par-lagegi-pabandi-madha-aur-somnath-se-shuru-hui-safai-ki-muhim-21565 · **Language:** Hindi
**Tags:** चित्रकूट, गुटखा बैन, मंदिर स्वच्छता, पुलकित गर्ग, मड़फा मंदिर, धार्मिक स्थल

धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रमुख मठों, मंदिरों और पावन स्थलों को पूरी तरह स्वच्छ तथा गुटखा-तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब इन धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों और गुटखे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिसरों और उनके आसपास के इलाकों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत मंदिरों के समीप संचालित होने वाली दुकानों तथा वाहन पार्किंग स्थलों से एक निश्चित शुल्क वसूला जाएगा और प्राप्त होने वाली इसी आय से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि स्वच्छता व्यवस्था लगातार सुचारू बनी रहे।

प्रशासन की इस सक्रियता के पीछे मुख्य वजह मड़फा मंदिर की सीढ़ियों और मुख्य परिसर में लगातार सामने आ रही गंदगी की शिकायतें थीं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते मंदिर परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा था। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह मंदिर के आसपास स्थित दुकानों और वहां वाहन खड़ा करने वाले लोगों से तय शुल्क की वसूली करे। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में गुटखे के सेवन और उसके प्रबंध पर रोक लगाने के पुख्ता निर्देश भी दिए गए हैं। पार्किंग और दुकानों से एकत्र किए जाने वाले इस शुल्क का उपयोग विशेष रूप से सफाई कर्मियों की तैनाती के लिए किया जाएगा जिससे हर समय पवित्र वातावरण कायम रखा जा सके।

इस पूरे विषय पर विस्तार से बताते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने स्पष्ट किया कि अमूमन देखा जाता है कि मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु गुटखा खाकर उसके पाउच और पन्नी इधर-उधर फेंक देते हैं। इस आदत के कारण न केवल इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सुंदरता धूमिल होती है बल्कि भारी गंदगी भी फैलती है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अब एक चरणबद्ध अभियान की शुरुआत करने जा रहा है जिसकी शुरुआत सबसे पहले मड़फा मंदिर, सोमनाथ मंदिर और भरत मंदिर से की जा रही है। इन चुनिंदा मंदिरों के आसपास अब गुटखा और तंबाकू बेचने वाली किसी भी दुकान को संचालित नहीं होने दिया जाएगा और यदि निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई दुकान पाई जाती है तो दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासन की इस व्यापक योजना के तहत केवल मड़फा ही नहीं बल्कि सोमनाथ मंदिर के आसपास भी दुकानदारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भंडारा लगाने वाले लोगों से एक सामान्य शुल्क लेकर सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इन सभी स्थलों पर विशेष सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो नियमित रूप से मंदिर के रास्तों और परिसरों की अच्छी तरह सफाई करेंगे ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान एक स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सके। प्रशासन की मंशा यह है कि यह स्वच्छता अभियान केवल कुछ गिने-चुने मंदिरों तक सीमित न रहे बल्कि धीरे-धीरे चित्रकूट के सभी प्रमुख मठ-मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को इस नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाए। इसके साथ ही तमाम धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द गुटखा और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक सुनिश्चित की जाएगी ताकि चित्रकूट की पवित्रता और स्वच्छता हमेशा बरकरार रहे।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** धार्मिक स्थलों पर तंबाकू और गुटखा उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने से देश भर के तीर्थ क्षेत्रों में स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए एक सकारात्मक मिसाल कायम होती है।
- **चित्रकूट में:** मड़फा, सोमनाथ और भरत मंदिर के आसपास दुकानें और पार्किंग शुल्क से सफाई कर्मचारियों की तैनाती होने से श्रद्धालुओं को स्वच्छ और कचरा-मुक्त वातावरण मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. चित्रकूट में मंदिरों को गुटखा मुक्त बनाने की पहल की शुरुआत किन मंदिरों से की जा रही है?
इस स्वच्छता अभियान की शुरुआत सबसे पहले मड़फा मंदिर, सोमनाथ मंदिर और भरत मंदिर से की जा रही है।

### 2. मंदिर परिसरों में सफाई कर्मचारियों के वेतन और खर्च की व्यवस्था कैसे की जाएगी?
मंदिर के आसपास संचालित होने वाली दुकानों और वाहन पार्किंग स्थलों से शुल्क वसूल कर उसी आय से सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।

### 3. चित्रकूट में इस स्वच्छता और एंटी-गुटखा अभियान का नेतृत्व कौन कर रहा है?
यह अभियान जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है।

### 4. मंदिर के आसपास गुटखा बेचने वाली दुकानों के मिलने पर प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा?
जांच के दौरान यदि मंदिर के समीप ऐसी दुकानें पाई जाती हैं तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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