# चित्रकूट में मंदाकिनी किनारे लौटेगी बनारस जैसी भव्य आरती, नवरात्रि की द्वितीया से रामघाट पर फिर गूंजेंगे शंख

> चित्रकूट के रामघाट पर भीषण बाढ़ के बाद रुकी भव्य आरती नवरात्रि की द्वितीया तिथि से दोबारा शुरू होगी, जहां बनारस की तर्ज पर मां मंदाकिनी की महाआरती की तैयारियां की जा रही हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/chitrakoot-men-mandakini-kinare-lautegi-banaras-jaisi-bhavya-arati-navratri-ki-dvitiya-se-ramghat-para-phira-gunjenge-shnkha-40334 · **Language:** Hindi
**Tags:** चित्रकूट, रामघाट, मंदाकिनी नदी, मंदाकिनी आरती, नवरात्रि 2026, उत्तर प्रदेश बाढ़

धर्म नगरी चित्रकूट स्थित पावन रामघाट पर मंदाकिनी नदी के तट पर शाम ढलते ही गूंजने वाले मंत्रोच्चार, घंटियों की ध्वनि और भव्य आरती का आध्यात्मिक वैभव बहुत जल्द दोबारा लौटने जा रहा है। पिछले दिनों मंदाकिनी नदी के अप्रत्याशित जलस्तर और तेज बहाव ने इस पूरे तटवर्ती क्षेत्र की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया था, जिसके चलते यहां होने वाली भव्य सामूहिक आरती को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। शाम के वक्त हजारों की तादाद में जुटने वाले देशी-विदेशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह तट आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां लोग बनारस के गंगा घाटों की तर्ज पर आयोजित होने वाली भव्य आरती का दर्शन करने पहुंचते थे।

## प्रलयंकारी बहाव और जलभराव से हुआ था भारी नुकसान
धर्म नगरी में 29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में आई ऐतिहासिक बाढ़ ने रामघाट के बड़े हिस्से को जलमग्न कर दिया था। नदी का पानी तट के पास बने दो मंजिला आश्रमों, व्यावसायिक दुकानों और आवासीय मकानों तक में घुस गया था। पानी का तेज बहाव आरती स्थल पर रखे विशेष पूजा उपकरणों और सामग्रियों को अपने साथ बहा ले गया। इसके साथ ही तट पर स्थापित बड़ा साउंड सिस्टम, विद्युत सज्जा और लाइटिंग का पूरा ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस अप्रत्याशित तबाही के बाद सुरक्षा और अव्यवस्था के मद्देनजर नियमित भव्य आरती को स्थगित करना पड़ा था और केवल परंपरा को जीवित रखने के लिए शाम के समय एकल आरती की जा रही थी।

## पुनर्बहाली का काम तेज, नवरात्रि से भव्य आयोजन का फैसला
प्रशासन और स्थानीय जिलाधिकारी के सक्रिय सहयोग से अब रामघाट पर मलबा हटाने, तट की सफाई करने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। आरती प्रबंधन से जुड़े अश्वनी अवस्थी ने स्पष्ट किया कि आरती ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने व्यापक विमर्श के बाद आगामी नवरात्रि की द्वितीया तिथि से बनारस की तर्ज पर होने वाली भव्य आरती को विधिवत बहाल करने का फैसला किया है। तट पर नए सिरे से आवश्यक उपकरणों की स्थापना, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को भक्तिमय और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।

## वर्ष 2003 की आपदा की यादें और बहाली की उम्मीद
आरती प्रबंधन के अनुसार मंदाकिनी नदी में इस प्रकार का विकराल जलभराव वर्ष 2003 में भी देखा गया था। उस समय भी बाढ़ के पानी ने रामघाट के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया था और आरती की परंपरा प्रभावित हुई थी। अब वर्ष 2026 की इस बड़ी आपदा के बाद घाट पर जनजीवन और पर्यटन को पटरी पर लाने की पुरजोर कोशिशें जारी हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सीढ़ियों की मरम्मत, सुरक्षा घेरे और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि नवरात्रि के पावन पर्व पर महाआरती की पुनर्स्थापना के साथ ही धर्म नगरी चित्रकूट में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चहल-पहल अपनी पुरानी रंगत में वापस आ जाएगी।

## इसका आप पर असर
चित्रकूट आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय कारोबारियों के लिए रामघाट पर भव्य आरती की बहाली अत्यंत महत्वपूर्ण है।

- **चित्रकूट में:** रामघाट पर नवरात्रि की द्वितीया से भव्य महाआरती शुरू होने से शाम के समय आध्यात्मिक रौनक लौटेगी। इसके चलते घाट किनारे पूजा सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों और स्थानीय नाव चालकों की आजीविका फिर से पटरी पर आ सकेगी।
- **तीर्थयात्रियों के लिए:** दर्शनार्थी अब फिर से बनारस की तर्ज पर होने वाली भव्य आरती का साक्षी बन सकेंगे। फिलहाल एकल आरती चल रही है, इसलिए सामूहिक महाआरती देखने के इच्छुक लोग नवरात्रि की द्वितीया से अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
- **सुरक्षा और स्वच्छता:** प्रशासन द्वारा घाट की सीढ़ियों से गाद हटाने और मरम्मत का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को फिसलन से बचाने और बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने के लिए नए सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
- **पर्यटन उद्योग:** शाम की भव्य आरती बहाल होने से धर्मशालाओं और होटलों की बुकिंग में दोबारा उछाल आने की संभावना है। बाढ़ के चलते मंद पड़े धार्मिक पर्यटन को इस फैसले से नई गति मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
मंदाकिनी नदी के उफान और जलप्रलय के कारण रामघाट पर होने वाली भव्य आरती को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।

- **बाढ़ का प्रकोप:** 29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में जलस्तर अचानक अत्यधिक बढ़ गया था जिसने तटवर्ती क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया था। नदी का पानी दो मंजिला ऊंचाई तक पहुंचने से घाट पर स्थित इमारतों और पूजा स्थलों में भारी जलभराव हो गया था।
- **आरती सामग्री का नुकसान:** तेज बहाव के चलते आरती का मुख्य पूजन सामान बह गया और भारी साउंड सिस्टम व विद्युत लाइटिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। उपकरणों और संसाधनों के नष्ट हो जाने के कारण सामूहिक रूप से बड़े स्तर पर आरती करना संभव नहीं रह गया था।
- **अतीत का अनुभव:** इससे पहले वर्ष 2003 में भी मंदाकिनी में इसी प्रकार की भीषण बाढ़ आई थी जिसने रामघाट की व्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया था। उसी ऐतिहासिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब स्थायी मरम्मत और सुरक्षित बहाली पर ध्यान दे रहा है।
- **प्रशासनिक पुनर्निर्माण:** जिला प्रशासन और आरती ट्रस्ट द्वारा घाटों की सफाई और उपकरणों के नए सिरे से इंस्टालेशन का काम पूरा होते ही नवरात्रि की द्वितीया से इसे दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. चित्रकूट में मंदाकिनी की भव्य आरती कब से दोबारा शुरू होगी?
आरती ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुसार यह भव्य आरती नवरात्रि की द्वितीया तिथि से दोबारा शुरू की जाएगी।

### 2. रामघाट पर भव्य आरती क्यों रोक दी गई थी?
29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण आरती का सामान बह गया था तथा साउंड सिस्टम और लाइटिंग को भारी नुकसान पहुंचा था।

### 3. वर्तमान में रामघाट पर आरती की क्या व्यवस्था है?
भव्य सामूहिक आरती रोके जाने के बाद से शाम के समय मां मंदाकिनी की केवल एकल आरती कराई जा रही है।

### 4. क्या पहले भी कभी बाढ़ से यहां की आरती प्रभावित हुई थी?
हां, आरती प्रबंधन के मुताबिक इससे पहले वर्ष 2003 में आई भीषण बाढ़ से भी रामघाट की व्यवस्थाएं और आरती प्रभावित हुई थीं।

### 5. घाटों पर व्यवस्थाएं सामान्य करने में कौन सहयोग कर रहा है?
स्थानीय प्रशासन और जिलाधिकारी के सहयोग से घाटों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य लगातार कराया जा रहा है।

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