चित्रकूट से बांदा का सफर होगा आसान, 86 करोड़ की लागत से सुधरेगा 70 किमी लंबा नेशनल हाईवे चित्रकूट और बांदा के बीच आवागमन को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 35 का कायाकल्प किया जा रहा है। इस परियोजना पर 86 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे एक घंटे में सफर पूरा हो सकेगा। धार्मिक नगरी चित्रकूट आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन अब बेहद सुगम होने जा रहा है। क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में बांदा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 35 के उन्नयन और बेहतर संपर्क मार्ग के विकास पर 86 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए पर्यटकों और आम यात्रियों का सफर काफी आसान हो जाएगा और इसकी प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। 70 किलोमीटर लंबे मार्ग का होगा कायाकल्प यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 35 चित्रकूट से बांदा की तरफ संचालित होता है, जिसे अब अत्याधुनिक मानकों के अनुसार संवारा जा रहा है। इस पूरी योजना के दायरे में कुल 70 किलोमीटर लंबा मार्ग आएगा, जिसका पूरी तरह नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त पेवमेंट को ठीक किया जाएगा, पांच टूटी-फूटी पुलियों का नए सिरे से निर्माण होगा और भरतकूप तथा शिवरामपुर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आरसीसी नाली बनाई जाएगी। इन विकास कार्यों से न केवल स्थानीय नागरिकों को फायदा पहुंचेगा, बल्कि दूर-दराज के शहरों से आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। सड़क सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर जोर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मार्ग पर कई सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाने के साथ-साथ आधुनिक रोड मार्किंग, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं ताकि इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुगमता से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग के सुधार कार्यों पर कुल 86.21 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ट्रक पार्किंग और ले-बाय की होगी विशेष व्यवस्था सड़क के रेनोवेशन के साथ-साथ यात्रियों और चालकों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके तहत कर्वी के पास एक आधुनिक ट्रक ले-बाय भी विकसित किया जाएगा, जिससे भारी वाहनों के सुरक्षित ठहराव और पार्किंग की मु मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। जिला प्रशासन के अनुसार इस परियोजना का कार्यक्षेत्र दो जिलों में फैला है, जिसमें आधा हिस्सा चित्रकूट जिले के अंतर्गत आता है और शेष आधा हिस्सा बांदा जिले में पड़ता है। इस परियोजना पर बहुत जल्द निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और काम पूरा होने के बाद यात्रियों को चित्रकूट पहुंचने में बेहद आसानी होगी। इसका आप पर असर इस सड़क परियोजना के पूरा होने से चित्रकूट और बांदा के बीच आवागमन करने वाले आम नागरिकों और पर्यटकों का समय बचेगा और सफर बेहद सुरक्षित हो जाएगा। • भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों से धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क नेटवर्क का सीधा लाभ मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है। • चित्रकूट में: स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को गड्ढा मुक्त और चौड़ी सड़क मिलेगी। भारी वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा बनने से शहर के भीतर जाम की समस्या से राहत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ यातायात के बढ़ते दबाव और पुराने पड़ चुके बुनियादी ढांचे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। खराब सड़कों और पुलियों के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए प्रशासन ने इस नई योजना को अमलीजामा पहनाया है। • सड़क का नवीनीकरण: मार्ग के 70 किलोमीटर लंबे हिस्से में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और समय के साथ हुए नुकसान को ठीक करना अनिवार्य हो गया था। क्षतिग्रस्त पेवमेंट और पुरानी पुलियों की बदहाली से यात्रा जोखिम भरी हो रही थी। • यात्री सुरक्षा: सड़क हादसों को रोकने और वाहनों के आवागमन को निर्बाध बनाने के लिए आधुनिक सुरक्षा उपाय जैसे क्रैश बैरियर और साइन बोर्ड जरूरी माने गए। • भारी वाहनों का दबाव: मालवाहक और भारी वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण सुरक्षित ठहराव के लिए ट्रक ले-बाय की दरकार थी, जिसे इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। सवाल-जवाब 1. इस सड़क परियोजना के तहत कुल कितनी लंबाई के मार्ग का सुधार किया जा रहा है? इस परियोजना के अंतर्गत कुल 70 किलोमीटर लंबे मार्ग का नवीनीकरण किया जा रहा है। 2. इस राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधार कार्य पर कुल कितना खर्च किया जा रहा है? इस पूरे मार्ग के उन्नयन और विकास पर 86.21 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 3. इस परियोजना के दायरे में कौन-कौन से मुख्य क्षेत्र शामिल हैं? इस परियोजना में चित्रकूट से बांदा मार्ग, भरतकूप और शिवरामपुर के आबादी वाले क्षेत्र तथा कर्वी का इलाका शामिल है। 4. यात्रियों की सुरक्षा के लिए सड़क पर क्या इंतजाम किए जाएंगे? सड़क सुरक्षा के लिए मेटल बीम क्रैश बैरियर, आधुनिक रोड मार्किंग और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। 5. भारी वाहनों की पार्किंग के लिए क्या सुविधा बनाई जा रही है? कर्वी के निकट एक नया ट्रक ले-बाय विकसित किया जाएगा, जिससे भारी वाहनों के सुरक्षित ठहराव की सुविधा मिलेगी। 6. इस परियोजना का कार्यक्षेत्र किन जिलों में फैला है? इस परियोजना का आधा हिस्सा चित्रकूट जिले में और आधा हिस्सा बांदा जिले में आता है। 7. इस मार्ग के सुधार को लेकर किस अधिकारी ने जानकारी दी है? चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने इस मार्ग के सुधार कार्यों की जानकारी दी है। https://trendkia.com/national/chitrakoot-se-banda-ka-safar-hoga-asan-86-crore-ki-lagat-se-sudharega-70-km-lamba-national-highway-57568 TrendKia — Har trend, sabse pehle.