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  "type": "article",
  "title": "चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में बढ़ा कुनबा, मुरादाबाद से लाए गए दो नए तेंदुए",
  "summary": "चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में मुरादाबाद वन प्रभाग से रेस्क्यू किए गए दो नर तेंदुओं को सुरक्षित छोड़ा गया है। इसके बाद रिजर्व में तेंदुओं की कुल संख्या बढ़कर 92 हो गई है।",
  "content": "उत्तर प्रदेश के चित्रकूट स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी कड़ी में मुरादाबाद वन प्रभाग से बचाकर लाए गए दो नर तेंदुओं को यहां के कल्याणपुर वीट क्षेत्र में स्थित धारकुंडी मार्ग के जंगलों में पूरी सुरक्षा के साथ खुले में छोड़ दिया गया है। इन दोनों वन्यजीवों को पहले मुरादाबाद के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया था, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों की देखरेख में उन्हें सुरक्षित रूप से इस नए ठिकाने पर पहुंचाया गया।\n\nमुरादाबाद से रेस्क्यू किए गए दोनों तेंदुए\nवन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें से पहला नर तेंदुआ मुरादाबाद वन प्रभाग की ठाकुरद्वारा रेंज के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र से पकड़ा गया था। इस जानवर को 17 अगस्त को पिंजरे की मदद से कैद किया गया था। स्वास्थ्य परीक्षण और जरूरी जांच के बाद विशेषज्ञों ने इसकी उम्र लगभग 3 साल आंकी। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के बाद ही इसे वापस खुले प्राकृतिक माहौल में भेजने का फैसला लिया गया था।\n\nवहीं, दूसरे नर तेंदुए को मुरादाबाद वन प्रभाग के ही ग्राम सरकंडा परम इलाके से 22 अगस्त को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक इस दूसरे तेंदुए की उम्र करीब 8 वर्ष है। पकड़े जाने के बाद इसे भी पिंजरे में सुरक्षित रखकर उचित देखभाल मुहैया कराई गई थी और अंततः दोनों को एक साथ रानीपुर टाइगर रिजर्व स्थानांतरित कर दिया गया।\n\nतेंदुओं के लिए मुफीद है नया प्राकृतिक ठिकाना\nइन दोनों नर तेंदुओं को मानिकपुर प्रथम रेंज के अंतर्गत आने वाले रानीपुर टाइगर रिजर्व की कल्याणपुर वीट में धारकुंडी मार्ग के बीहड़ और सुनसान इलाके में छोड़ा गया है। वन विभाग के जानकारों का मानना है कि यह जंगल तेंदुओं के रहने और उनके प्राकृतिक विकास के लिए बेहद अनुकूल और सुरक्षित स्थान है। जैसे ही पिंजरे के दरवाजे खोले गए, दोनों तेंदुए तेजी से जंगल की घनी झाड़ियों की तरफ निकल गए।\n\nतेंदुओं को छोड़ने के दौरान मौजूद रहे अधिकारी\nइस पूरी प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के कई वरिष्ठ और मैदानी अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें मानिकपुर प्रथम रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, मारकुंडी प्रथम रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी मनोज कुमार यादव, वन दरोगा उदय कुमार, इसके अलावा वन रक्षक जीत और वन रक्षक मिथलेश शामिल रहे, जिनकी देखरेख में यह अभियान पूरा हुआ।\n\nरिजर्व में अब पहुंच गई तेंदुओं की संख्या\nरानीपुर टाइगर रिजर्व में बीते कुछ सालों से तेंदुओं की आबादी में लगातार सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस रिजर्व क्षेत्र में इससे पहले लगभग 90 तेंदुओं का कुनबा मौजूद था। अब इन दो नए नर तेंदुओं को सुरक्षित जंगल में बसाए जाने के बाद यहाँ तेंदुओं की कुल संख्या बढ़कर करीब 92 तक पहुँच गई है।\n\nइसका आप पर असर\nरानीपुर टाइगर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।\n\n• भारत में: देश भर के संरक्षित जंगलों में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को लेकर चल रहे प्रयासों को और मजबूती मिलती है।\n• चित्रकूट में: स्थानीय क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या बढ़ने से वन विभाग ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों को जंगल के करीब सतर्क रहने की सलाह दी है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nवन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों के पास मानवीय गतिविधियों और शहरीकरण के दबाव के कारण तेंदुओं के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके बाद प्रशासन उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर संरक्षित जंगलों में छोड़ता है।\n\n• मानवीय इलाकों से बचाव: मुरादाबाद प्रभाग के ठाकुरद्वारा और सरकंडा परम क्षेत्रों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद विभाग ने उन्हें सुरक्षित पकड़ने का अभियान चलाया था।\n• अनुकूल आवास की तलाश: रेस्क्यू किए गए स्वस्थ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक व्यवहार और जीवित रहने के अनुकूल माहौल देने के लिए रानीपुर जैसे घने रिजर्व जंगलों में भेजा जाता है।\n• सुरक्षित पुनर्वास: विभागीय निगरानी में रखने और स्वास्थ्य की पूरी जांच करने के बाद ही इन जानवरों को बीहड़ और सुरक्षित जंगलों में छोड़ा गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रानीपुर टाइगर रिजर्व में कुल कितने तेंदुए हो गए हैं?\nदो नए नर तेंदुओं को छोड़ने के बाद रानीपुर टाइगर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या बढ़कर करीब 92 हो गई है।\n\n2. इन दोनों तेंदुओं को किस जगह से रेस्क्यू किया गया था?\nइन दोनों नर तेंदुओं को मुरादाबाद वन प्रभाग के अलग-अलग क्षेत्रों से रेस्क्यू किया गया था।\n\n3. पहला तेंदुआ किस तारीख को और कहाँ से पकड़ा गया था?\nपहला नर तेंदुआ मुरादाबाद वन प्रभाग की ठाकुरद्वारा रेंज से 17 अगस्त को पिंजरे में कैद किया गया था।\n\n4. दूसरे तेंदुए की उम्र कितनी बताई गई है?\nदूसरे नर तेंदुए की उम्र लगभग 8 वर्ष बताई गई है, जिसे 22 अगस्त को ग्राम सरकंडा परम क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था।\n\n5. तेंदुओं को रानीपुर टाइगर रिजर्व में कहाँ छोड़ा गया है?\nदोनों तेंदुओं को मानिकपुर प्रथम रेंज के अंतर्गत आने वाली कल्याणपुर वीट के धारकुंडी मार्ग के बीहड़ क्षेत्र में छोड़ा गया है।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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    "रानीपुर टाइगर रिजर्व",
    "चित्रकूट वन्यजीव",
    "तेंदुआ रेस्क्यू",
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    "उत्तर प्रदेश वन विभाग"
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