# साइक्लोन अर्नब के असर से उत्तर प्रदेश में भारी तबाही और बिहार में बाढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बदला मौसम

> चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बावजूद उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से 29 लोगों की मौत हो गई है, जबकि बिहार में उफनती नदियों के कारण सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/cyclone-arnab-ke-asara-se-uttar-pradesh-men-bhari-tabahi-aura-bihar-men-barha-rajasthan-aura-madhya-pradesh-men-bhi-badala-mausama-39297 · **Language:** Hindi
**Tags:** साइक्लोन अर्नब, उत्तर प्रदेश बाढ़, बिहार बाढ़, मौसम विभाग, भारी बारिश, नेपाल बाढ़, यलो अलर्ट

चक्रवात अर्नब का असर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन इसके बावजूद देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। इस चक्रवाती सिस्टम के कमजोर पड़ने के बाद भी लगातार हो रही भारी बारिश, तेज हवाओं और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। इस प्राकृतिक बदलाव के कारण विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और भारी तबाही देखने को मिल रही है।

## बिहार में नदियों का बढ़ता जलस्तर और बाढ़ का खतरा
बिहार में चक्रवात अर्नब का प्रभाव अब कमजोर पड़ने लगा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का कहर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। पिछले 72 घंटों से हो रही लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में अधिकतम तापमान गिरकर लगभग 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को भी कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, 30 सितंबर तक बारिश के कमजोर होने की उम्मीद है, जिससे कई इलाकों में धूप खिलने के आसार हैं। दूसरी तरफ, नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने बिहार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बारिश के कारण गंडक और कोसी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के 17 जिलों के लगभग 6 हजार गांव प्रभावित हुए हैं और करीब 500 गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।

## उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन बेपटरी, 29 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत राज्य के लगभग 45 शहरों में पिछले 65 घंटों से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस आक्रामक रुख को देखते हुए प्रशासन ने 22 जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा और आंधी-तूफान की चपेट में आने से पिछले दो दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 29 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

## मध्य प्रदेश में सामान्य कोटे के करीब पहुंचा मानसून
मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम के कारण विशेष रूप से पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश से राज्य का मानसूनी आंकड़ा काफी सुधरा है। मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि मानसून के कुल निर्धारित कोटे का लगभग 95.4 प्रतिशत है। हालांकि, इस सुधार के बावजूद राज्य अभी भी आधिकारिक तौर पर सामान्य बारिश की श्रेणी में नहीं आ पाया है। मौसम विज्ञान के नियमों के अनुसार, 96 से 104 प्रतिशत तक की बारिश को ही सामान्य मानसून माना जाता है। ऐसे में सामान्य बारिश का लक्ष्य हासिल करने के लिए मध्य प्रदेश को अभी कुछ और दौर की मानसूनी बारिश की जरूरत होगी।

## राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 16 जिलों में अलर्ट
राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है, जिसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती सिस्टम है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है और मौसम विभाग ने रविवार को 16 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शनिवार को कोटा के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई और ओले भी गिरे। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले कुछ घंटों में राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

## इसका आप पर असर
मौसम में हुए इस बड़े बदलाव का सीधा असर विभिन्न राज्यों के निवासियों, किसानों और यात्रियों पर यात्रा में देरी और कृषि संबंधी नुकसान के रूप में पड़ रहा है।

- **यात्रा योजना:** उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासियों को जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ के कारण अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। उत्तर प्रदेश के प्रभावित 22 जिलों में यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन में रुकावट और सड़कों के बंद होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **कृषि प्रबंधन:** राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से सुरक्षित रखना चाहिए। मानसून के इस आखिरी दौर की बारिश से फसल को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए अनाज को सूखे और ढके हुए स्थानों पर रखना बेहद जरूरी है।
- **सुरक्षा सावधानियां:** गंडक और कोसी जैसी उफनती नदियों के पास रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए और निकासी के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिहार के बाढ़ प्रभावित 17 जिलों में स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है।
- **बिजली कटौती:** उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बिजली आपूर्ति में संभावित रुकावटों के लिए तैयार रहना चाहिए। 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे बिजली बहाली में समय लग सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
उत्तर और मध्य भारत में मौसम की यह गंभीर स्थिति एक कमजोर पड़ते चक्रवात और सक्रिय क्षेत्रीय मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्पन्न हुई है। इन कारकों ने मानसून के प्रभाव को सितंबर के अंत तक बढ़ा दिया है।

- **चक्रवात अर्नब का असर:** इसका मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब था, जो जमीनी इलाकों की ओर बढ़ा था। हालांकि अब यह चक्रवात कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसके अवशेष बादलों के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश हो रही है।
- **पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव:** राजस्थान और मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणाली के आपसी जुड़ाव ने मौसम को और अधिक संवेदनशील बना दिया। इन प्रणालियों के टकराने से वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई, जिसके कारण मरुस्थलीय इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई।
- **नेपाल में भारी बारिश:** नेपाल के तराई क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का पानी सीधे बिहार की ओर बहने वाली नदियों में आ गया। पानी की इस भारी मात्रा के कारण गंडक और कोसी नदियां उफान पर आ गईं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई।

## सवाल-जवाब

### 1. उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला कितने समय तक चला?
उत्तर प्रदेश के लगभग 45 शहरों में पिछले 65 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी रहा।

### 2. बिहार में इस समय कौन सी प्रमुख नदियां उफान पर हैं?
नेपाल के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बिहार में गंडक और कोसी नदियां उफान पर हैं।

### 3. उत्तर प्रदेश के कितने जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा है?
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

### 4. क्या मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर पर पहुंच गया है?
नहीं, मध्य प्रदेश में अब तक कोटे की 95.4 प्रतिशत बारिश हुई है, जो 96 से 104 प्रतिशत के सामान्य दायरे से थोड़ी कम है।

### 5. राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है?
राजस्थान के 16 जिलों के लिए मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक का यलो अलर्ट जारी किया है।

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