# दक्षिण और पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी, उत्तर-पश्चिम भारत से विदा हुआ मानसून

> कई राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो चुकी है, जबकि दक्षिणी और पूर्वोत्तर इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-10-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/dakshina-aura-purvottara-men-bhari-barisha-ki-chetavani-uttara-pashchima-india-se-vida-hua-monsoon-42563 · **Language:** Hindi
**Tags:** मौसम विभाग, मानसून वापसी, बारिश अलर्ट, येलो अलर्ट, दिल्ली मौसम, केरल मौसम

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से विदाई ले चुका है, जिसमें उत्तर भारत के शेष क्षेत्र, समूचा गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई इलाके शामिल हैं। मानसून की इस वापसी के बावजूद मौसम संबंधी हलचलें पूरी तरह थमी नहीं हैं। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और झोंकेदार हवाओं का सिलसिला देखने को मिल सकता है। मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।

## दक्षिणी राज्यों और पूर्वोत्तर में तेज हवाओं का प्रकोप
चार अक्टूबर रविवार के दिन केरल, तमिलनाडु, कराइकल, पुडुचेरी और माहे के क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत के विस्तृत हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज आंधी का असर बना रह सकता है। इसके अलावा 5 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ पानी बरसने की संभावना जताई गई है।

## पहाड़ी इलाकों में नया दौर और मध्य भारत में हलचल
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच वर्षा का एक ताजा दौर शुरू होने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही 6 से 8 अक्टूबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मध्य भारत के क्षेत्रों में 6 और 7 अक्टूबर को मौसम अचानक करवट ले सकता है, जहां छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान सामान्य तौर पर 40 से 50 किमी/घंटा और कुछ चुनिंदा स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

## दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के मैदानी इलाकों का हाल
उत्तर भारत के मैदानी भागों में फिलहाल मौसम काफी हद तक साफ बना हुआ है। दिल्ली में धूप खिली रहने और मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना है, जहां हवा की रफ्तार 20 से 22 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी परिस्थितियां स्थिर हैं और राज्य भर में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। 4 से 9 अक्टूबर की अवधि के लिए पूर्वी या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।

## इसका आप पर असर
मौसम में आ रहे बदलाव से दक्षिणी और पहाड़ी इलाकों में यात्रा और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम बना रहेगा।

- **दैनिक आवाजाही:** केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 4 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ बारिश होने से सड़कों पर जलभराव और यातायात धीमा हो सकता है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए।
- **पहाड़ी यात्राएं:** 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जाने वाले पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक होने वाली बारिश और फिसलन के कारण पहाड़ी मार्गों पर सफर में देरी हो सकती है।
- **कृषि और फसलें:** मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में मानसून की विदाई से खेतों में खड़ी फसलों की कटाई और सुखाने के काम में तेजी लाई जा सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-7 अक्टूबर को तेज हवाओं से खुले में रखे अनाज को सुरक्षित करना जरूरी होगा।
- **राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र:** दिल्ली और आसपास 4 और 5 अक्टूबर को शुष्क और धूप वाला मौसम रहेगा, जिससे बाहरी गतिविधियों में कोई व्यवधान नहीं आएगा। हालांकि 6 और 7 अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना को देखते हुए छाता साथ रखना मददगार होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
देश के बड़े भूभाग से दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्वाभाविक वापसी के साथ-साथ क्षेत्रीय वायुमंडलीय प्रणालियों के सक्रिय होने से यह मौसमी विषमता देखने को मिल रही है।

- **मानसून की वापसी:** उत्तर भारत, गुजरात और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में नमी की कमी होने से दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से पीछे हटा है। इसके चलते इन मैदानी क्षेत्रों में वायु शुष्क हो गई है और धूप का प्रभाव बढ़ गया है।
- **प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर परिसंचरण:** बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों से आ रही समुद्री नमी के कारण दक्षिणी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर राज्यों में बादलों का निर्माण जारी है। यही कारण है कि केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों में 40 से 50 किमी/घंटा की गति से हवाएं और बारिश देखने को मिल रही है।
- **पश्चिमी विक्षोभ का असर:** उत्तर-पश्चिम के पहाड़ी राज्यों और मैदानी भागों में 5 से 9 अक्टूबर के बीच होने वाली वर्षा नए वायुमंडलीय दबाव या विक्षोभ के गुजरने से जुड़ी है। इसी मौसमी प्रणाली के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और आगे चलकर दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. किन राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह वापस चला गया है?
उत्तर भारत के बचे हुए हिस्सों, पूरे गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून की वापसी हो चुकी है।

### 2. किन क्षेत्रों में 4 अक्टूबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट है?
चार अक्टूबर को केरल, तमिलनाडु, कराइकल, पुडुचेरी और माहे में भारी बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

### 3. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश कब होने की संभावना है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 9 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

### 4. दिल्ली और एनसीआर में मौसम कैसा रहने की उम्मीद है?
दिल्ली में मौसम मुख्यतः शुष्क और धूप वाला रहेगा, हालांकि 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

### 5. छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में हवा की गति क्या रहने वाली है?
6 और 7 अक्टूबर के दौरान इन क्षेत्रों में 40 से 50 किमी/घंटा और कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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