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  "title": "दवा की दुकानों पर सख्त पहरा, मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी और प्रिस्क्रिप्शन के नए नियमों की तैयारी",
  "summary": "केंद्र सरकार देश भर के मेडिकल स्टोर्स के लिए सख्त नियम लाने जा रही है, जिसके तहत दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा और रिकॉर्डिंग तीन महीने तक सुरक्षित रखनी होगी।",
  "content": "देशभर में दवाओं की बिक्री को लेकर नियमों को और अधिक कड़ा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अहम प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आपके आसपास मौजूद मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में आ जाएंगे। सरकार का यह कदम बिना डॉक्टर के पर्चे के बेची जाने वाली दवाओं पर रोक लगाने और स्वास्थ्य सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।\n\nअनिवार्य होगी सीसीटीवी निगरानी और रिकॉर्डिंग\nनए प्रस्तावित नियमों के मुताबिक हर फार्मेसी या मेडिकल स्टोर संचालक के लिए अपनी दुकान के भीतर सीसीटीवी कैमरा लगवाना अनिवार्य होगा। इन कैमरों को चौबीस घंटे चालू रखना होगा और इनकी फुटेज या रिकॉर्डिंग को कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित संभालकर रखना आवश्यक होगा। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रावधान से दवा विक्रेताओं की जवाबदेही तय होगी और वे नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।\n\nप्रिस्क्रिप्शन के बिना नहीं बिकेंगी दवाएं\nबिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के बेरोकटोक बेची जा रही दवाओं की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए यह रूपरेखा तैयार की गई है। आए दिन बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं दिए जाने के मामलों को देखते हुए सरकार अब इस मनमानी बिक्री को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है। निगरानी बढ़ने से आम जनता को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से दवाइयां मिल सकेंगी तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका कम हो जाएगी।\n\nसुझावों और आपत्तियों के लिए खुला ड्राफ्ट\nफिलहाल यह पूरा प्रस्ताव ड्राफ्ट चरण में है जिसे सार्वजनिक कर दिया गया है। आम नागरिकों, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से इस नए मसौदे पर अगले तीस दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इन तीस दिनों की समय सीमा पूरी होने और प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर कानून का रूप दिया जाएगा।\n\nफर्जी और गलत दवाओं पर लगेगी लगाम\nविभिन्न जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था के धरातल पर उतरने से बाजार में नकली, उप-मानक या गलत दवाओं के कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा। इसके अलावा दवा वितरण प्रणाली में फार्मासिस्ट की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और पारदर्शिता भी काफी हद तक बढ़ जाएगी। सरकार का मुख्य मकसद यही सुनिश्चित करना है कि दवाइयों की हर एक बिक्री पारदर्शी तरीके से हो और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह नया नियम लागू होने पर आम जनता को दवा खरीदते समय अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी, जिससे बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा मिलने पर रोक लगेगी।\n\n• भारत भर में: सभी राज्यों के मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी लगाना और रिकॉर्डिंग तीन महीने सुरक्षित रखना अनिवार्य हो जाएगा। इससे नकली दवाओं की बिक्री पर भी प्रभावी लगाम लगेगी।\n• दुकानदारों के लिए: दवा दुकान संचालकों को अपनी दुकानों में सर्विलांस सिस्टम लगवाना होगा और तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसरकार द्वारा यह सख्त कदम उठाने के पीछे मुख्य कारण बाजार में बिना डॉक्टर के पर्चे के धड़ल्ले से बिक रही दवाएं और स्वास्थ्य से जुड़ी अनियमितताएं हैं।\n\n• अनियंत्रित बिक्री: बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा बेचने की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम बनाने की आवश्यकता महसूस की गई।\n• पारदर्शिता की कमी: वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण मनमाने तरीके से दवाइयां बेची जा रही थीं, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी।\n• सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा: लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और दवा वितरण प्रणाली में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह ड्राफ्ट तैयार किया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. केंद्र सरकार मेडिकल स्टोर्स के लिए कौन सा नया नियम ला रही है?\nसरकार मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने जा रही है और रिकॉर्डिंग तीन महीने तक सुरक्षित रखनी होगी।\n\n2. सीसीटीवी फुटेज कितने दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी?\nदवा बिक्री की रिकॉर्डिंग को कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।\n\n3. इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nइसका मुख्य उद्देश्य बिना उचित प्रिस्क्रिप्शन के दवा बेचने पर अंकुश लगाना और पारदर्शिता बढ़ाना है।\n\n4. क्या इस प्रस्ताव पर आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं?\nहाँ, सरकार ने इस ड्राफ्ट पर 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां माँगी हैं।\n\n5. नियमों के उल्लंघन पर क्या होगा?\nसुझाव और आपत्तियों की समीक्षा के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद इनका पालन न करने पर कार्रवाई होगी।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-17",
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    "मेडिकल स्टोर नियम",
    "प्रिस्क्रिप्शन दवा",
    "सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य",
    "केंद्र सरकार",
    "फार्मेसी गाइडलाइंस"
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  "site": "TrendKia"
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