# डीडीए बोर्ड ने मास्टर प्लान 2047 को दी मंजूरी, दिल्ली में बनेंगी 105 नई टाउनशिप और हाईराइज इमारतें

> उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में दिल्ली विकास प्राधिकरण की बैठक में मास्टर प्लान 2047 को हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत 105 गांवों में नई टाउनशिप, नरेला तक मेट्रो विस्तार, पुराने फ्लैटों के पुनर्विकास और यमुना किनारे हरित क्षेत्रों के निर्माण जैसे 7 बड़े फैसले लिए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** भारत · **Published:** 2026-08-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/national/dda-borda-ne-master-plan-2047-ko-di-mnjuri-delhi-men-banengi-105-nai-taunashipa-aura-hairaija-imaraten-16288 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली मास्टर प्लान 2047, डीडीए बोर्ड बैठक, तरनजीत सिंह संधू, नरेला मेट्रो डिपो, यूईआर-2 हाईराइज, डीडीए फ्लैट पुनर्विकास, यमुना ओ-जोन, लैंड पूलिंग योजना

राजधानी दिल्ली के आगामी वर्षों में होने वाले शहरी परिदृश्य का पूरा खाका तैयार हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2047 को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राजधानी में बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने, यातायात प्रणाली को सशक्त बनाने और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प के लिए सात बड़े रणनीतिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इस नए मास्टर प्लान के माध्यम से दिल्ली में आधुनिक रिहायशी परिसरों, व्यापक मेट्रो तंत्र और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

## 105 गांवों में लैंड पूलिंग से विकसित होंगी नई टाउनशिप
शहरी नियोजन को नई दिशा देने के लिए दिल्ली के 105 गांवों की भूमि को लैंड पूलिंग नीति के तहत चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 69 गांवों को ग्रीन डेवलपमेंट एरिया घोषित किया गया है, जहां पर्यावरण अनुकूल रिहायशी और व्यावसायिक केंद्र स्थापित होंगे। इस कदम से बिना किसी अनियोजित निर्माण के सुनियोजित टाउनशिप का निर्माण संभव हो सकेगा।

## 50 साल से ज्यादा पुराने डीडीए फ्लैटों का कायाकल्प
डीडीए की बोर्ड बैठक में 50 वर्ष से अधिक पुराने दो-मंजिला रिहायशी फ्लैटों के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के लिए एक सर्वसम्मति नीति को मंजूरी दी गई है। जर्जर अवस्था में पहुंच चुके पुराने आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस, सुरक्षित और बहुमंजिला इमारतों में बदलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे हजारों परिवारों को सुरक्षित आवास मिलेगा।

## अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 के किनारे बनेंगी हाईराइज इमारतें
दिल्ली के तीसरे आउटर रिंग रोड के रूप में पहचाने जाने वाले अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) के आसपास 250 मीटर के दायरे में ऊंची रिहायशी इमारतों के निर्माण की योजना बनाई गई है। प्रमुख परिवहन गलियारे के पास बहुमंजिला इमारतों की अनुमति मिलने से शहर में जमीन की उपलब्धता का सही उपयोग होगा और नागरिकों के लिए नए आवास विकल्प उपलब्ध होंगे।

## यमुना के बाढ़ क्षेत्र का द्विस्तरीय संरक्षण मॉडल
पर्यावरण और नदी संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मास्टर प्लान में यमुना के ओ-जोन को दो विशिष्ट हिस्सों में विभाजित करने का प्रावधान किया गया है। नदी के अति-संवेदनशील कोर फ्लडप्लेन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं दूसरे हिस्से में पर्यावरण नियमों और कड़े सुरक्षा मानकों के अधीन सीमित मनोरंजक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकेगी।

## बायोडायवर्सिटी पार्क और जल निकायों का संरक्षण
दिल्ली को हरित शहर बनाने के उद्देश्य से पार्कों, झीलों और अन्य प्राकृतिक जल निकायों के संरक्षण पर जोर दिया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में बायोडायवर्सिटी पार्क और ग्रीन-ब्लू एरिया विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा नालों के बफर क्षेत्र के किनारे पैदल पथ और साइकिल ट्रैक का निर्माण होगा, जिससे नागरिकों को हरित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो सकें।

## नरेला सब-सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार
उत्तर-पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी में सुधार के लिए नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर डिपो निर्माण हेतु 19.63 हेक्टेयर जमीन के भू-उपयोग में बदलाव को स्वीकृति दी गई है। जमीन का उद्देश्य बदले जाने से नरेला क्षेत्र तक मेट्रो लाइन के निर्माण और विस्तार कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

## मिक्स्ड यूज और निर्माण नियमों का सरलीकरण
मास्टर प्लान में शहर के विकास से जुड़े मिक्स्ड लैंड यूज, पार्किंग व्यवस्था और भवन निर्माण के प्रशासनिक नियमों को आसान बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इन जटिल नियमों के सरलीकरण से विकास परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृति मिलेगी और आम लोगों के लिए नागरिक सुविधाएं हासिल करना सुगम हो जाएगा।

## अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रालय को भेजा जाएगा प्रस्ताव
डीडीए बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब मास्टर प्लान 2047 का यह मसौदा अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से औपचारिक स्वीकृति और अधिसूचना जारी होने के पश्चात दिल्ली के बुनियादी ढांचे, परिवहन और आवास क्षेत्र में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** देश की राजधानी में लागू होने वाला यह दीर्घकालिक शहरी मॉडल अन्य मेट्रो शहरों के लिए लैंड पूलिंग, उच्च क्षमता वाले आवास और पर्यावरण संरक्षण का एक आधुनिक मानक तैयार करेगा।

**दिल्ली में:** नरेला तक मेट्रो डिपो की मंजूरी, पुराने डीडीए फ्लैटों का नया ढांचा, यूईआर-2 पर नई इमारतें और स्वच्छ यमुना बफर जोन से दिल्लीवासियों को बेहतर परिवहन, आधुनिक घर और स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. मास्टर प्लान 2047 को किसकी अध्यक्षता में मंजूरी मिली है?
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित डीडीए बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान 2047 को स्वीकृति दी गई।

### 2. पुराने डीडीए फ्लैटों के लिए क्या फैसला लिया गया है?
50 साल से ज्यादा पुराने डीडीए के दो-मंजिला फ्लैटों के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के लिए एक समान नीति को मंजूरी दी गई है।

### 3. यूईआर-2 के आसपास क्या निर्माण करने की योजना है?
अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) के किनारे 250 मीटर के क्षेत्र में ऊंची रिहायशी इमारतें (हाईराइज) बनाने का प्रस्ताव है।

### 4. नरेला में मेट्रो कॉरिडोर डिपो के लिए कितनी जमीन आवंटित की गई है?
नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन को मंजूरी मिली है।

### 5. यमुना के बाढ़ क्षेत्र में निर्माण के क्या नियम तय किए गए हैं?
यमुना के ओ-जोन को दो हिस्सों में बांटा गया है। संवेदनशील कोर क्षेत्र में पक्के निर्माण पर रोक रहेगी, जबकि दूसरे हिस्से में सख्त शर्तों पर सीमित मनोरंजक गतिविधियों की अनुमति होगी।

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