दिल्ली में दिवाली से पहले ही जहरीली हुई हवा, कई इलाकों में AQI 400 के पार दिल्ली-एनसीआर में ठंड की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कई इलाकों में एक्यूआई 400 का आंकड़ा पार कर चुका है, जिससे लोगों की सांसों पर संकट मंडराने लगा है। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। वायु प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति ने प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई प्रमुख क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI ने 400 के आंकड़े को पार कर लिया है, जिसके चलते सांस लेना भी दूभर हो गया है। प्रशासनिक कदम और ग्राउंड जीरो के हालात राजधानी के कई हिस्सों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हवा का स्तर सीधे ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। इंडिया गेट और उसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 403 दर्ज किया गया है। इस खतरनाक प्रदूषण से निपटने के लिए नगर निगम और संबंधित प्रशासन ने सड़कों पर पानी का छिड़काव करने वाली विशेष मशीनों और वॉटर स्प्रिंकलर से लैस ट्रकों को तैनात किया है। पूरे क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP-II के नियम प्रभावी कर दिए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कुल 28 निगरानी स्टेशनों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB की रिपोर्ट के अनुसार, आनंद विहार इलाके में एक्यूआई 350 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 369 रिकॉर्ड किया गया था, जो बुधवार के 377 के मुकाबले मात्र 8 अंक कम था। प्रदूषण के पैमाने के मुताबिक, 51 से 100 तक का एक्यूआई संतोषजनक माना जाता है, जबकि 301 से 400 के बीच का स्तर बेहद खराब की श्रेणी में आता है और 400 से ऊपर का स्तर गंभीर माना जाता है। इस बीच, दिल्ली का कुल औसत एक्यूआई 387 दर्ज किया गया है जो बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है। सबसे प्रदूषित इलाके और आगे का पूर्वानुमान वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली यानी AQEWS के अनुसार, शुक्रवार से रविवार के बीच हवा की स्थिति और अधिक खराब होकर गंभीर श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है। इसके बाद के आगामी छह दिनों तक भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर श्रेणियों के बीच ही झूलती रहने का अनुमान है। गुरुवार को दिल्ली के कुल 59 सक्रिय वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 22 ऐसे केंद्र थे जहां प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। इनमें पंजाबी बाग का एक्यूआई सबसे ज्यादा 459 दर्ज किया गया, जबकि जहांगीरपुरी में 457, रोहिणी में 453, आईआईटी दिल्ली में 452 और डीटीयू में 443 तक पहुंच गया। इन डरावने आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और इस बढ़ते प्रदूषण के पीछे पराली जलाने को मुख्य वजह माना जा रहा है। इसका आप पर असर दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और गंभीर श्रेणी के एक्यूआई का सीधा असर आम नागरिकों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। • भारत में: उत्तर भारत में सर्दियों की शुरुआत के साथ पराली जलाने और मौसमी बदलावों से होने वाला प्रदूषण आमजन के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इससे देश भर के अन्य महानगरों को भी सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण नीतियों पर कड़ाई से अमल करने की प्रेरणा मिलती है। • दिल्ली-एनसीआर में: दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के स्थानीय निवासियों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है और GRAP-II के तहत कई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे सर्दियों के आगमन के साथ क्षेत्रीय मौसम संबंधी बदलाव और पराली जलाना मुख्य कारण माने जा रहे हैं। • भौगोलिक और मौसमी कारण: सर्दियों के मौसम में हवा की गति धीमी हो जाती है और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक कण जमीन के करीब ठहर जाते हैं। • पराली जलाना: आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं से निकलने वाला धुआं हवा के साथ बहकर दिल्ली-एनसीआर के वायुमंडल में मिल जाता है। • स्थानीय उत्सर्जन: वाहनों से निकलने वाला धुआं, धूल और निर्माण गतिविधियों से होने वाला उत्सर्जन इस जहरीले मिश्रण को और अधिक घातक बना देता है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में वर्तमान में वायु गुणवत्ता का क्या स्तर है? दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 400 को पार कर चुका है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। 2. इंडिया गेट के पास AQI कितना दर्ज किया गया? इंडिया गेट के आसपास के इलाके में AQI 403 दर्ज किया गया है। 3. आनंद विहार में हवा की स्थिति कैसी है? केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार आनंद विहार में AQI 350 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में है। 4. दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण कहां दर्ज किया गया? पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा AQI 459 दर्ज किया गया, इसके बाद जहांगीरपुरी में 457 और रोहिणी में 453 रिकॉर्ड हुआ। 5. प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन क्या कदम उठा रहा है? प्रशासन ने सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के लिए वॉटर स्प्रिंकलर से लैस ट्रक तैनात किए हैं और GRAP-II लागू किया है। 6. गुरुवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई कितना था? गुरुवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 369 दर्ज किया गया था। 7. दिल्ली की हवा खराब होने का मुख्य कारण क्या है? रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली की लगातार बिगड़ती हवा के पीछे पराली जलाना मुख्य जिम्मेदार माना जा रहा है। 8. आने वाले दिनों में हवा की स्थिति कैसी रहने की आशंका है? AQEWS के अनुसार रविवार तक हवा और खराब होकर गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है और अगले छह दिन भी यही हाल रहेगा। https://trendkia.com/national/delhi-air-quality-worsens-before-diwali-with-aqi-surpassing-400-in-multiple-areas-57010 TrendKia — Har trend, sabse pehle.