दिल्ली एयरपोर्ट पर ब्रिक्स समिट के लिए खास तैयारियां, टर्मिनल-3 पर इंटरनेशनल उड़ानों का संचालन शुरू नई दिल्ली में होने जा रहे 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट के मद्देनजर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टर्मिनल-3 के पियर-सी को इंटरनेशनल उड़ानों के लिए खोल दिया गया है, जिससे विदेशी मेहमानों की आवाजाही आसान होगी। नई दिल्ली में 11 सितंबर से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट के सिलसिले में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधियों का आगमन जल्द शुरू होने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल आयोजन और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी डायल ने विमान संचालन को निर्बाध बनाए रखने के लिए हवाई अड्डे की क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार किया है। टर्मिनल-3 के पियर-सी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बढ़ते अंतरराष्ट्रीय हवाई ट्रैफिक को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए टर्मिनल-3 के पियर-सी को विशेष तौर पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार किया गया है। इसे 9 सितंबर की रात से चरणबद्ध तरीके से क्रियाशील किया जा रहा है। शुरुआती चरण में विदेशों से आने वाले यात्रियों को यहीं संभाला जाएगा। इसके पश्चात 10 सितंबर की शाम से इस जोन पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के आने और जाने दोनों का पूर्ण संचालन शुरू हो जाएगा। पहले इस क्षेत्र का उपयोग घरेलू उड़ानों के संचालन के लिए किया जाता था। इस हिस्से के पुनर्गठन से अब टर्मिनल-3 पर वैश्विक उड़ानों के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त जगह मिल गई है, जिससे बड़े और वाइड-बॉडी विमानों को पार्क करने और संभालने में काफी सहूलियत होगी। इस व्यवस्था के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद हवाई अड्डे की अंतरराष्ट्रीय यात्री प्रबंधन क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत तक का बड़ा इजाफा दर्ज किया जाएगा। विदेशी मेहमानों के लिए विशेष प्रबंध और वीवीआईपी सुविधाएं इस मेगा इवेंट के दौरान न केवल उड़ानों की संख्या बढ़ेगी बल्कि भारी तादाद में वैश्विक गणमान्य व्यक्ति भी दिल्ली में उतरेंगे। इसके मद्देनजर परिसर में खास इंतजाम किए गए हैं। विदेशी प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए समर्पित इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं ताकि उन्हें लंबी लाइनों में खड़े होने से बचाया जा सके और त्वरित निकासी मिल सके। विशेष और चार्टर्ड विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और पार्किंग के वास्ते अतिरिक्त बे और स्लॉट आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा हवाई अड्डे की समग्र सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए डायल ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, विभिन्न एयरलाइंस, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों, आव्रजन और सीमा शुल्क विभागों के साथ मिलकर वास्तविक समय का समन्वय स्थापित किया है। हवाई अड्डा विदेशी नेताओं के स्वागत के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और तमाम मैदानी टीमें चौबीसों घंटे सतर्क अवस्था में डटी हुई हैं। भारत मंडपम में होगा 18वें ब्रिक्स समिट का आयोजन यह 18वां ब्रिक्स लीडर्स समिट नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में संपन्न हो रहा है। इस सम्मेलन में समूह के शीर्ष नेताओं के अलावा साझीदार देशों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और जाने-माने कारोबारी शिरकत कर रहे हैं। पियर-सी के शुरू हो जाने से देश की राजधानी का यह प्रमुख विमानन केंद्र इस वैश्विक आयोजन के लिए पूरी तरह आधुनिक और उन्नत प्रवेश द्वार के रूप में उभरकर सामने आया है। इसका आप पर असर ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर किए गए इन बदलावों से यात्रियों को हवाई अड्डे पर बेहतर सुविधाएं और तेज आवाजाही का लाभ मिलेगा। • भारत में: देश के मुख्य विमानन केंद्र पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रबंधन में सुधार होने से यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और आवागमन अधिक सुगम होगा। • दिल्ली में: टर्मिनल-3 पर पियर-सी के शुरू होने और अतिरिक्त इमिग्रेशन काउंटर बनने से वीवीआईपी मूवमेंट के बावजूद आम यात्रियों का सफर प्रभावित नहीं होगा और समय की बचत होगी। ऐसा क्यों हुआ दिल्ली एयरपोर्ट पर यह बदलाव आगामी वैश्विक सम्मेलन की विशाल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए हैं। • बढ़ता यातायात: सम्मेलन में बड़ी संख्या में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के आने के कारण विमानन और सुरक्षा प्रबंधों को अपग्रेड करना आवश्यक हो गया था। • क्षमता विस्तार: पियर-सी के पुनर्गठन से बड़े विमानों के लिए पार्किंग स्पेस की कमी दूर हुई है जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का दबाव आसानी से संभाला जा सके। सवाल-जवाब 1. 18वां ब्रिक्स लीडर्स समिट कहां आयोजित हो रहा है? यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। 2. ब्रिक्स समिट की तारीखें क्या हैं? यह समिट 11 से 13 सितंबर के बीच आयोजित हो रहा है। 3. दिल्ली एयरपोर्ट के किस टर्मिनल पर बदलाव किए गए हैं? दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर पियर-सी को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार किया गया है। 4. पियर-सी पर उड़ानों का संचालन कब से शुरू हो रहा है? पियर-सी को 9 सितंबर की रात से चरणबद्ध तरीके से और 10 सितंबर की शाम से पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जा रहा है। 5. इस बदलाव से एयरपोर्ट की क्षमता पर क्या असर पड़ेगा? पियर-सी के शुरू होने से दिल्ली एयरपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय यात्री हैंडलिंग क्षमता में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। https://trendkia.com/national/delhi-airport-para-brics-summit-ke-lie-khasa-taiyariyan-terminal-3-para-intaraneshanala-uranon-ka-snchalana-shuru-30493 TrendKia — Har trend, sabse pehle.