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  "type": "article",
  "title": "दिल्ली और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट रिवीजन की अंतिम तारीख आगे बढ़ी, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला",
  "summary": "चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब लोग बढ़ी हुई तारीखों तक अपने आवेदन दे सकेंगे और नोटिस का निपटारा भी नई समय-सीमा के तहत होगा।",
  "content": "नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र राज्यों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया से जुड़े नियमों और समय-सीमा में अहम बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग की ओर से लिए गए इन फैसलों से लाखों मतदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने शनिवार को एक अहम बैठक में इन सभी प्रस्तावों को औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान की। आयोग द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार दोनों ही राज्यों में इस प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखों में विस्तार किया गया है।\n\n \n\nदिल्ली में बढ़ाई गई समय-सीमा\n\nनिर्वाचन आयोग की घोषणा के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वोटर लिस्ट के इस विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। अब दिल्ली के मतदाता 30 अक्टूबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा इन नोटिसों, दावों और आपत्तियों के अंतिम निपटारे की समय-सीमा को भी बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दिया गया है। इस विस्तार से नागरिकों को अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने और प्रक्रिया को पूरी तरह से समझने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।\n\n \n\nमहाराष्ट्र में क्या है नया शेड्यूल\n\nदूसरी तरफ महाराष्ट्र राज्य के लिए भी चुनाव आयोग ने समय-सीमा में बड़ा बदलाव किया है। महाराष्ट्र में एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख अब 12 अक्टूबर 2026 निर्धारित कर दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में इन सभी नोटिसों तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम समय-सीमा को भी आगे बढ़ाकर 10 नवंबर 2026 कर दिया गया है। आयोग के इन फैसलों से दोनों ही राज्यों के चुनावी क्षेत्रों में नामावलियों के पुनरीक्षण का कार्य अधिक सुचारू रूप से चल सकेगा।\n\n \n\nबीएलओ और ईआरओ के लिए नए निर्देश\n\nशनिवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद चुनाव आयोग ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है। विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यदि वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी मतदाता को अनमैप्ड होने या किसी प्रकार की तार्किक गड़बड़ियों के कारण नोटिस जारी किया जाता है, तो बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ सीधे ऐसे लोगों के घर जाएंगे। बीएलओ स्वयं उनके घर से जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे और फिर उन्हें निर्वाचन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर यानी ईआरओ के फैसले के लिए ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके लिए नागरिकों को बीएलओ या ईआरओ के कार्यालयों के चक्कर काटने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होगी।\n\n \n\nव्यक्तिगत पेशी से छूट और ऑनलाइन सुनवाई\n\nआयोग के निर्देशों के अनुसार, नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को किसी भी विशेष परिस्थिति को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए दफ्तर आने की जरूरत नहीं है। केवल कुछ विशेष हालात में ही, जैसा कि ईआरओ तय करेगा, सुनवाई को बेहतर माना जाएगा कि वह ऑनलाइन माध्यम से हो। यदि किसी कारणवश मुख्य व्यक्ति उपस्थित नहीं हो पा रहा है, तो ऐसी स्थिति में वोटर अपने परिवार के किसी भी वयस्क या बड़े सदस्य को अपनी तरफ से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकते हैं। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की तकनीकी सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने के भी निर्देश दिए हैं।\n\n \n\nसुप्रीम कोर्ट के फैसलों का संदर्भ\n\nभारत निर्वाचन आयोग ने यह भी जानकारी साझा की है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6 के साथ अटैच की जाने वाली घोषणा को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही सही ठहराया जा चुका है। इसके अलावा गैर-एसआईआर अवधि के दौरान इलेक्टर्स रजिस्ट्रेशन रूल्स 1960 के मौजूदा नियमों के अनुसार ही निर्धारित फॉर्मों का उपयोग किया जाएगा। आयोग ने इन सभी निर्णयों को अपने तीनों आयुक्तों की पूर्ण सर्वसम्मति से लिया है, ताकि प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार का संशय या विवाद न रहे।\n\nइसका आप पर असर\nचुनाव आयोग द्वारा समय-सीमा बढ़ाए जाने से दिल्ली और महाराष्ट्र के उन मतदाताओं को सीधी राहत मिली है जिनके नाम वोटर लिस्ट में अनमैप्ड हैं या जिन्हें नोटिस मिले हैं।\n\n• भारत में: देश भर के नागरिकों को यह संदेश मिलता है कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों की शुद्धि प्रक्रिया में दस्तावेजों की औपचारिकता के लिए लचीला रुख अपना रहा है। इससे आम जनता को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बेवजह की भागदौड़ से राहत मिलती है।\n\n• दिल्ली में: दिल्ली के निवासियों को अब अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 अक्टूबर 2026 तक का समय मिल गया है, जबकि नोटिसों का निपटारा 30 नवंबर 2026 तक होगा। इससे शहर के मतदाताओं को अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त करने का पूरा अवसर मिलेगा।\n\n• महाराष्ट्र में: महाराष्ट्र के मतदाताओं को अब 12 अक्टूबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की सुविधा मिलेगी और निपटारा 10 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। राज्य के लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटे बिना घर बैठे बीएलओ की मदद मिलने से बड़ी सहूलियत होगी।\n\n• दस्तावेज सत्यापन: नोटिस मिलने वाले लोगों को व्यक्तिगत रूप से दफ्तर जाने की अनिवार्यता से छूट दी गई है क्योंकि बीएलओ खुद घर आकर दस्तावेज एकत्र करेंगे। इससे बुजुर्गों और कामकाजी लोगों का समय और श्रम दोनों बचेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचुनाव आयोग द्वारा यह कदम मतदाता सूचियों में पारदर्शिता लाने और नागरिकों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए उठाया गया है।\n\n• प्रक्रियात्मक सुधार: एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के अनमैप्ड होने और तार्किक गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे थे। इन त्रुटियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से सुधारने के लिए समयसीमा बढ़ाना जरूरी हो गया था।\n\n• नागरिकों की सहूलियत: लोगों को कार्यालयों में लंबी कतारों से बचाने और बीएलओ के जरिए घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाने की व्यवस्था बनाने के लिए आयोग ने यह नीतिगत बदलाव किए हैं।\n\n• सर्वसम्मति से निर्णय: मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों की हालिया बैठक में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि चुनाव प्रक्रिया समावेशी और सुगम बनी रहे।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. दिल्ली में एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की नई अंतिम तारीख क्या है?\nदिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।\n\n2. दिल्ली में नोटिस और दावों के निपटारे की समय-सीमा कब तक है?\nदिल्ली में नोटिस और दावों के निपटारे की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।\n\n3. महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख क्या तय की गई है?\nमहाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 है।\n\n4. महाराष्ट्र में नोटिस और दावों के निपटारे की अंतिम तिथि क्या है?\nमहाराष्ट्र में नोटिस और दावों के निपटारे की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2026 कर दी गई है।\n\n5. क्या एसआईआर नोटिस मिलने पर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से दफ्तर जाना होगा?\nनहीं, विशेष मामलों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि बीएलओ खुद घर आकर दस्तावेज एकत्र करेंगे।\n\n6. अनमैप्ड या गड़बड़ी वाले मामलों में दस्तावेज कैसे एकत्र किए जाएंगे?\nबीएलओ ऐसे लोगों के घर जाकर दस्तावेज इकट्ठा करेंगे और उन्हें ईआरओ के फैसले के लिए ईसीआईनेट पर अपलोड करेंगे।",
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  "category": "भारत",
  "publishedAt": "2026-09-26",
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    "दिल्ली वोटर लिस्ट",
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