दिल्ली की 1,511 कच्ची कॉलोनियों में संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू, 31 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन दिल्ली सरकार ने 1,511 कच्ची कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व पोर्टल के जरिए आवेदन मांगे हैं। 31 अक्टूबर की समयसीमा के साथ सहायता के लिए वीकेंड कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली की अनधिकृत बस्तियों में रहने वाले निवासियों के लिए अपने घरों की कानूनी रजिस्ट्री कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने राजधानी की 1,511 कच्ची कॉलोनियों के निवासियों को उनकी संपत्ति का आधिकारिक मालिकाना हक देने का निर्णय लिया है। जो लोग अपने मकानों को अपने नाम दर्ज कराना चाहते हैं, वे स्वामित्व पोर्टल पर जाकर आगामी 31 अक्टूबर तक अपनी अर्जी जमा कर सकते हैं। निवासियों की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए जिला स्तर पर विशेष शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है। स्वामित्व योजना से मिलेगा कानूनी अधिकार कच्ची कॉलोनियों में मालिकाना हक प्राप्त करने की इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2,500 नागरिक अपनी जमीनों और मकानों की रजिस्ट्री कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत कर चुके हैं। लोगों की इस बढ़ती दिलचस्पी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने स्थानीय विधायकों के सहयोग से हर शनिवार और रविवार को वीकेंड कैंप आयोजित करने का फैसला किया है। जिला स्तर पर लगने वाले इन शिविरों में आने वाले लोगों को रजिस्ट्री से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, इसमें होने वाले संभावित खर्चों और आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही शिविर स्थल पर ही संपत्ति के भौतिक और तकनीकी सर्वेक्षण के लिए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। आवेदकों को पूरी करनी होगी यह 5-चरणीय प्रक्रिया अनधिकृत बस्तियों में स्थित किसी भी संपत्ति का मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए आवेदकों को एक व्यवस्थित चरणबद्ध प्रक्रिया से गुजरना होगा। सबसे पहले मकान मालिक को आधिकारिक स्वामित्व पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण पूरा होने के पश्चात, नामांकित जीआईएस एजेंसी की तकनीकी टीम आपके मकान और आसपास के पूरे परिसर का जीआईएस सर्वेक्षण करने पहुंचेगी। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद आवेदक को पोर्टल पर अपने महत्वपूर्ण कागजात अपलोड करने होंगे, जिनमें आधार कार्ड, संपत्ति की ओनरशिप चेन यानी पुराने खरीद-बिक्री एवं कब्जे से जुड़े दस्तावेज और हालिया बिजली का बिल शामिल हैं। दस्तावेजों का सफलतापूर्वक सत्यापन होने पर एमसीडी द्वारा आवेदक को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। अंतिम चरण में पूरी फाइल राजस्व विभाग को सौंपी जाएगी, जहां संपत्ति की आधिकारिक रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न होगी। सर्वे शुल्क और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश संपत्ति का ऑनलाइन आवेदन जमा करने के तुरंत बाद जीआईएस सर्वेक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है। इस सर्वेक्षण के लिए प्रत्येक आवेदक को 1,200 रुपये का शुल्क भुगतान करना होगा। हालांकि, पूरी कॉलोनी के नियमितीकरण और व्यक्तिगत संपत्ति की रजिस्ट्री का कुल अंतिम खर्च मकान के वर्ग क्षेत्रफल तथा उसकी श्रेणी के आधार पर तय किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल पर पंजीकरण करा लेना ही मालिकाना हक पाने की गारंटी नहीं है। वर्तमान में यह देखा जा रहा है कि कई लोग पंजीकरण तो करा रहे हैं, लेकिन आवश्यक कागजात अपलोड नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए जाएंगे, तब तक किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका आप पर असर भारत में: शहरी बस्तियों के नियमितीकरण और संपत्ति डिजिटलीकरण मॉडल के लिए यह एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है। दिल्ली में: 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों नागरिकों को उनके घरों का कानूनी मालिकाना हक और बैंक ऋण जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में कच्ची कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए आवेदन की अंतिम तारीख क्या है? स्वामित्व पोर्टल पर अपनी संपत्ति के पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है। 2. संपत्ति का जीआईएस सर्वे कराने के लिए कितना शुल्क देना होगा? जीआईएस सर्वे के लिए आवेदकों को 1,200 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि नियमितीकरण की कुल राशि संपत्ति के आकार पर निर्भर करेगी। 3. स्वामित्व योजना के तहत आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं? आवेदक के पास आधार कार्ड, संपत्ति की ओनरशिप चेन के दस्तावेज (पुराने खरीद-बिक्री या कब्जे के कागज) और बिजली का बिल होना अनिवार्य है। 4. जिला स्तर पर आयोजित होने वाले वीकेंड कैंपों में क्या सहायता मिलेगी? सप्ताह के अंत में लगने वाले इन कैंपों में रजिस्ट्री प्रक्रिया, जरूरी कागजात और लागत की जानकारी दी जाएगी, साथ ही जीआईएस सर्वे के आवेदन भी लिए जाएंगे। https://trendkia.com/national/delhi-ki-1-511-kachchi-koloniyon-men-snpatti-rajistri-ki-prakriya-shuru-31-aktubara-taka-kara-sakate-hain-avedana-11301 TrendKia — Har trend, sabse pehle.