दिल्ली में प्रदूषण का गंभीर संकट, जहांगीरपुरी में AQI 450 पर पहुंचा दीपावली से ठीक पहले दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है, जहां कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 का आंकड़ा पार कर गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे शहर की आबोहवा लगातार जहरीली होती जा रही है। दिवाली के पावन पर्व के मौके पर आतिशबाजी होने से पहले ही शहर के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता चार सौ के आंकड़े को पार कर चुकी है। सुबह सात बजे दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक जहांगीरपुरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI का स्तर चार सौ पचास तक जा पहुंचा। इसके अलावा पंजाबी बाग इलाके में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही रही जहां यह पैमाना चार सौ इकतालीस दर्ज किया गया। इस खतरनाक स्तर पर हवा का होना सीधे तौर पर गंभीर बीमारियों को बुलावा देना है और त्योहार के दौरान पटाखों के फूटने के बाद हालात के और अधिक बिगड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है। प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का हाल पूरी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है और केंद्रीय औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ चौरासी रिकॉर्ड किया गया है जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। शहर के अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो रोहिणी में AQI चार सौ पैंतालीस और ऐतिहासिक चांदनी चौक में चार सौ बीस तक दर्ज किया गया जिससे इन तमाम इलाकों की हवा सीधे गंभीर श्रेणी में आ गई है। इसके साथ ही आईटीओ में AQI तीन सौ छियानवे, वजीरपुर में तीन सौ इक्यानवे, उत्तम नगर में तीन सौ तिहत्तर और आया नगर में तीन सौ पैंसठ रिकॉर्ड किया गया। आनंद विहार में वायु गुणवत्ता का स्तर तीन सौ चवालीस और बदरपुर में तीन सौ انचास दर्ज किया गया है। त्योहार पर डॉक्टरों की स्वास्थ्य सलाह इस त्योहारी सीजन में डॉक्टरों ने लोगों को खानपान में संयम बरतने के साथ-साथ जहरीली हवा से बचने के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और बच्चों तथा पहले से बीमार चल रहे लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. श्रीराम नेने ने कहा कि त्योहार के दिनों में सीमित मात्रा में मिठाइयां खाना ठीक है लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने से बचना चाहिए। वहीं एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सुबह और देर शाम के वक्त घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। मुंबई के ईएनटी सर्जन डॉ. वरुण डेव के मुताबिक, ढाई सौ के आसपास एक्यूआई वाली हवा में सांस लेना हर रोज दस से पंद्रह सिगरेट पीने जितना नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसके अलावा मेदांता लखनऊ के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक टंडन ने लोगों को घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने और बाहर जाते समय अच्छी क्वालिटी का N95 मास्क पहनने की सलाह दी है। इसका आप पर असर त्योहार के इस सीजन में दिल्ली का गंभीर प्रदूषण स्तर सभी आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य का बड़ा संकट पैदा कर रहा है। • राष्ट्रीय स्तर पर: इस सीजन में बढ़ते प्रदूषण से पूरे देश के महानगरों में वायु गुणवत्ता और मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। नीति निर्माताओं और नागरिकों के लिए यह खुली हवा में सांस लेने के खतरों पर विचार करने का समय है। • दिल्ली में: दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले के संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने और बाहर निकलते वक्त N95 मास्क पहनने की सख्त जरूरत है। ऐसा क्यों हुआ राजधानी में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंचने के पीछे कई भौगोलिक और मानवीय कारण जिम्मेदार हैं। • मौसम और भौगोलिक स्थितियां: सर्दियों की शुरुआत के साथ तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक कण जमीन के करीब हवा में फंस जाते हैं। • त्योहारी गतिविधियां: दीपावली के अवसर पर होने वाली आतिशबाजी और पराली जलाने की घटनाओं के मेल से हवा में खतरनाक गैसों और कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। • वाहन और निर्माण कार्य: भारी ट्रैफिक से निकलने वाला धुआं और स्थानीय धूल-कण इस समस्या को और अधिक गंभीर बना देते हैं। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना दर्ज किया गया है? दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ चौरासी दर्ज किया गया है जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। 2. किस इलाके में सबसे ज्यादा AQI दर्ज किया गया? जहांगीरपुरी इलाके में सुबह सात बजे AQI का स्तर चार सौ पचास रिकॉर्ड किया गया। 3. डॉ. श्रीराम नेने ने मिठाइयों के सेवन को लेकर क्या सलाह दी है? उन्होंने कहा कि त्योहारों पर कभी-कभार मिठाइयां खाने में कोई बुराई नहीं है लेकिन इनके अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए। 4. डॉ. वरुण डेव के अनुसार प्रदूषित हवा में सांस लेना किसके बराबर है? उन्होंने बताया कि ढाई सौ के आसपास एक्यूआई वाली हवा में सांस लेना रोजाना दस से पंद्रह सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदेह हो सकता है। 5. मेदांता लखनऊ के डॉ. अभिषेक टंडन ने क्या सुरक्षा उपाय बताए हैं? उन्होंने घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने, एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने और बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनने की सलाह दी है। https://trendkia.com/national/delhi-mein-pradushan-ka-gambhira-sankata-jahangirpuri-mein-aqi-450-par-pahuncha-57747 TrendKia — Har trend, sabse pehle.