दिल्ली में छाई स्मॉग की चादर, सुबह की ठंड और बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजजा बदल गया है। सुबह की ठंड और धुंध के बीच प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है, जिसे लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और हवा में धुंध की परत साफ तौर पर देखी जा सकती है। सुबह के वक्त हल्की धूप के साथ ही ठंडक ने भी अपने पैर पसार लिए हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार का दीवाली का त्योहार काफी ठंडा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आसमान मुख्य रूप से साफ बना रहेगा और बारिश होने की कोई भी संभावना नहीं जताई गई है। तापमान और मौसम का हाल मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर दिन का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। सुबह के समय चलने वाली हवाओं में हल्की सिहरन महसूस हो रही है, और खुले हुए इलाकों में लोगों को अच्छी खासी ठंड का अहसास हो रहा है। रातभर चली ठंडी हवाओं की वजह से तापमान में गिरावट आई है, जिसके कारण सुबह के वक्त धुंध और कोहरे जैसा असर दिखाई दे रहा है। यह स्थिति प्रदूषण के साथ मिलकर स्मॉग का रूप ले रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि वाहनों की आवाजाही के दौरान विजिबिलिटी को लेकर अभी कोई बहुत ज्यादा गंभीर समस्या पैदा नहीं हुई है। प्रदूषण की गंभीर स्थिति और चेतावनी दशहरा के पावन पर्व के बाद से ही दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब श्रेणी में ही बना हुआ है। मौसम विभाग और वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली की रिपोर्ट्स बताती हैं कि आज भी स्थिति में सुधार के आसार नहीं हैं और हवा खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। सुबह के वक्त जब हवा की गति धीमी होती है, तब प्रदूषण का असर लोगों पर सबसे ज्यादा भारी पड़ता है। कई इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों का घनत्व काफी ऊंचा बना हुआ है, जिसके चलते स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे संवेदनशील लोगों को खास एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए राजधानी में ग्रैप का पहला चरण भी लागू कर दिया गया है। धूप और हवा का प्रभाव जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा और सूरज निकलेगा, वैसे-वैसे सुबह के वक्त छाई धुंध धीरे-धीरे कम होने लगेगी। उत्तर-पश्चिमी दिशा से बहने वाली हल्की से मध्यम गति की हवाएं दोपहर तक रफ्तार पकड़ सकती हैं, जो जमे हुए प्रदूषण को तितर-बितर करने में मदद करेंगी और नागरिकों को कुछ राहत प्रदान करेंगी। दिन के समय धूप पूरी तरह खिली रहेगी और आसमान साफ रहने की वजह से सूरज की किरणें सीधे महसूस होंगी। इससे तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और दोपहर के वक्त हल्की गर्मी का अहसास होगा, हालांकि अक्टूबर के महीने की यह धूप काफी सुहानी और सहन करने योग्य बनी रहेगी। शाम ढलते ही पारे में फिर से गिरावट दर्ज होने लगेगी और रात के वक्त ठंडक एक बार फिर से बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर देखा जाए तो आज का दिन साफ आसमान, सुबह की हल्की सिहरन, दिनभर की खिलखिलाती धूप और गंभीर प्रदूषण की दोहरी चुनौती के बीच गुजरने वाला है। इस चुनौतीपूर्ण मौसम को देखते हुए जानकारों और विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग सुबह और शाम के वक्त बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें और दिन के समय सुहावनी धूप का आनंद लें। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आने वाले दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार मौसम का यही रुख अभी कुछ और वक्त तक जारी रहने की उम्मीद है। इसका आप पर असर बढ़ते प्रदूषण और ठंड के इस दौर का सीधा असर राष्ट्रीय राजधानी के आम नागरिकों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। • भारत में: उत्तर भारत में मौसम बदलने के साथ ही वायु गुणवत्ता देशभर में चर्चा का विषय बन गई है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। • दिल्ली में: दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सुबह के समय जहरीली हवा और स्मॉग के कारण सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। • स्वास्थ्य पर असर: बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सुबह के वक्त बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है। • नियमों का पालन: बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राजधानी में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया है, जिससे पाबंदियां शुरू हो गई हैं। • दैनिक गतिविधियां: सुबह टहलने वाले लोगों को वायु प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत पड़ रही है। ऐसा क्यों हुआ राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी और स्मॉग की स्थिति बनने के पीछे कई मौसमी और पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार हैं। • कमजोर हवाएं: सुबह के समय हवा की गति धीमी होने के कारण वायुमंडल में प्रदूषक तत्व फंस जाते हैं और फैल नहीं पाते हैं। • मौसम का बदलाव: अक्टूबर के महीने में तापमान में गिरावट और रात की ठंडी हवाओं के कारण नमी बढ़ती है, जिससे धुंध और प्रदूषण मिलकर स्मॉग का रूप ले लेते हैं। • त्योहारों के बाद का असर: दशहरा के बाद से विभिन्न स्रोतों से निकलने वाले उत्सर्जन और पराली तथा स्थानीय प्रदूषण ने हवा को भारी बना दिया है। • भौगोलिक परिस्थितियां: उत्तर-पश्चिमी हवाओं की दिशा और भौगोलिक स्थिति सर्दियों की शुरुआत में प्रदूषकों को निचले वायुमंडल में रोककर रखती है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान कितना रहने की उम्मीद है? आईएमडी के अनुसार आज न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। 2. क्या आज दिल्ली में बारिश होने की कोई संभावना है? नहीं, मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। 3. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कैसा बना हुआ है? दशहरा के बाद से वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में बना हुआ है और सुबह के समय स्मॉग की स्थिति देखी जा रही है। 4. राजधानी में प्रदूषण को रोकने के लिए कौन सा कदम उठाया गया है? बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर राजधानी में ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया गया है। 5. आज अधिकतम तापमान कितना दर्ज किया जा सकता है? दिन का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। https://trendkia.com/national/delhi-men-chhai-smoga-ki-chadara-subaha-ki-thnda-aura-barhate-pradushana-ne-barhai-pareshani-50779 TrendKia — Har trend, sabse pehle.