दिल्ली में झमाझम बारिश का दौर शुरू, 9 जुलाई तक येलो अलर्ट, लेकिन मानसून पर मंडरा रहा अल नीनो का खतरा लंबी उमस के बाद राजधानी में बारिश और गरज के साथ छींटों का सिलसिला शुरू हो गया है और यह 9 जुलाई तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं अल नीनो के मजबूत होने से इस बार पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश की आशंका है। तपिश और चिपचिपी गर्मी से जूझ रही दिल्ली को आखिरकार राहत मिलने के आसार हैं। राजधानी और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जो 9 जुलाई तक बना रह सकता है। यह बारिश उमस भरे मौसम से कुछ हद तक राहत जरूर देगी, लेकिन मौसम के जानकारों की चिंता पूरे मानसून सीजन को लेकर बनी हुई है। अल नीनो की स्थितियां लगातार मजबूत हो रही हैं, जिससे यह सवाल फिर खड़ा हो गया है कि हाल के सुधार के बावजूद देश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है या नहीं। नोएडा, गुरुग्राम और पूरे एनसीआर में बदला मौसम शनिवार दोपहर दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे भारी उमस से थोड़ी देर के लिए राहत महसूस हुई। हालांकि यह राहत सीमित ही रही, क्योंकि हवा में नमी का स्तर ऊंचा बना रहा और दिन भर मौसम असहज बना रहा। सुबह के समय राजधानी में नमी 77% दर्ज की गई, जबकि पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। दिल्ली के किन इलाकों में होगी बारिश अनुमान है कि बारिश की गतिविधि काफी व्यापक रहेगी और राजधानी के ज्यादातर हिस्सों को कवर करेगी। जिन इलाकों में बौछारें पड़ने की संभावना है, उनमें ये शामिल हैं: • दक्षिण-पूर्वी दिल्ली • पूर्वी दिल्ली • शाहदरा • मध्य दिल्ली • उत्तर-पूर्वी दिल्ली • दक्षिणी दिल्ली • नई दिल्ली • दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली • पश्चिमी दिल्ली • उत्तर-पश्चिमी दिल्ली • उत्तरी दिल्ली गरज के साथ बारिश के दौरान हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। 9 जुलाई तक कैसा रहेगा तापमान, दिन-वार अनुमान मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक दिल्ली में बारिश वाले दिन बने रहेंगे और लगातार बादल छाए रहने की वजह से तापमान सीजन के उच्चतम स्तर से नीचे रहेगा। 5 जुलाई (रविवार) आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी। इसके साथ गरज, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलेंगी, जो सुबह और दिन चढ़ने के समय कुछ देर के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 6 जुलाई (सोमवार) बादलों का सिलसिला जारी रहेगा। एक बार फिर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इक्का-दुक्का जगहों पर मध्यम बौछारें भी पड़ सकती हैं। सुबह और शाम, दोनों समय गरज और बिजली गिरने की आशंका है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 7 जुलाई (मंगलवार) मौसम बादलों भरा रहेगा और मुख्य रूप से दिन चढ़ने के बाद व दोपहर में हल्की बारिश तथा गरज-चमक होगी। दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान करीब 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 8 जुलाई (बुधवार) आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और खासकर दोपहर व शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी। तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। 9 जुलाई (गुरुवार) बादल बने रहेंगे और दिन चढ़ने के बाद व दोपहर में बहुत हल्की बारिश, गरज तथा बिजली गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान थोड़ा गिरकर 23 से 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे यह पूरे हफ्ते की सबसे ठंडी सुबहों में से एक हो सकती है। बारिश से राहत, पर उमस बनी रह सकती है भले ही बारिश दिन के तापमान को नीचे लाएगी, लेकिन लोगों को तुरंत पूरी तरह राहत मिलना मुश्किल है। मौसम के जानकारों का कहना है कि रुक-रुक कर होने वाली बौछारें अक्सर वातावरण में नमी बढ़ा देती हैं, जिससे तापमान गिरने के बावजूद उमस बनी रहती है। ऐसे में जब तक तेज और लगातार बारिश नहीं होती, बाहर का मौसम थर्मामीटर के तापमान से भी ज्यादा गर्म महसूस हो सकता है। क्या इस साल मानसून के लिए सबसे बड़ा खतरा है अल नीनो दिल्ली में मौसम भले सुधर रहा हो, लेकिन देशभर में मानसून सीजन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 2021 के बाद पहली बार जुलाई में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार काफी धीमी पड़ी, क्योंकि अल नीनो वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रभावित करने लगा है। इसी दौरान एक गर्मी वाला पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ते मानसून से टकराया, जिससे उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में असामान्य बारिश का पैटर्न बन गया। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि इस सीजन में अल नीनो की स्थितियां और मजबूत हो सकती हैं, जो अक्सर भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से में बारिश को दबा देती हैं। इसी वजह से विभाग ने सीजन में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है और वर्षा को लंबी अवधि के औसत के करीब 90% पर आंका है। 1901 के बाद पांचवां सबसे सूखा जून कमजोर मानसून का असर बारिश के आंकड़ों में साफ नजर आने लगा है। जून 2026 भारत में 1901 के बाद पांचवां सबसे सूखा जून रहा, जब पूरे देश में महीने के अंत तक बारिश सामान्य से 39% कम रही। दिल्ली में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में जून के दौरान सिर्फ 41.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस महीने के लिए सामान्य बारिश 74.1 मिलीमीटर मानी जाती है। इस कमी ने कई इलाकों में मिट्टी की नमी बनने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है और अगर मानसून के मुख्य महीनों में बारिश नहीं सुधरी तो खेती-किसानी के लिए चिंता और बढ़ सकती है। इसका आप पर असर • भारत में: इस सीजन सामान्य से कम बारिश और कमजोर मानसून का असर खेती पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का दबाव बन सकता है। • दिल्ली में: 9 जुलाई तक बारिश, गरज और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के चलते बाहर निकलते समय सावधानी बरतें, तापमान गिरेगा लेकिन उमस बनी रह सकती है। सवाल-जवाब 1. दिल्ली में बारिश कब तक जारी रहेगी? मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में रुक-रुक कर बारिश, गरज और तेज हवाओं का दौर 9 जुलाई तक बना रह सकता है। 2. मौसम विभाग ने कौन सा अलर्ट जारी किया है? विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। 3. गरज के दौरान हवाओं की रफ्तार कितनी रहेगी? गरज के साथ बारिश के दौरान हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी और कुछ इलाकों में झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। 4. सबसे ठंडी सुबह किस दिन रहने की संभावना है? 9 जुलाई (गुरुवार) को न्यूनतम तापमान गिरकर 23 से 25 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे यह हफ्ते की सबसे ठंडी सुबहों में से एक हो सकती है। 5. अल नीनो को लेकर क्या चिंता है? अल नीनो की स्थितियां मजबूत हो रही हैं, जो अक्सर बारिश को दबा देती हैं, इसी वजह से इस सीजन में सामान्य से कम यानी लंबी अवधि के औसत के करीब 90% बारिश का अनुमान है। 6. जून 2026 में देश और दिल्ली में कितनी बारिश हुई? जून 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से 39% कम रही, जबकि दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में सिर्फ 41.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य 74.1 मिलीमीटर से काफी कम है। 7. बारिश के बावजूद उमस क्यों बनी रह सकती है? रुक-रुक कर होने वाली बौछारें वातावरण में नमी बढ़ा देती हैं, इसलिए तापमान गिरने के बाद भी उमस महसूस होती रहती है, जब तक तेज और लगातार बारिश न हो। https://trendkia.com/national/delhi-men-jhamajhama-barisha-ka-daura-shuru-9-julai-taka-yelo-alarta-lekina-manasuna-para-mndara-raha-el-nino-ka-khatara-4670 TrendKia — Har trend, sabse pehle.