दिल्ली में नीट पेपर लीक पर बवाल, संसद के पास प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस नीट पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली में हुआ प्रदर्शन उग्र हो गया, प्रदर्शनकारियों को संसद के पास रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे। दिल्ली में संसद भवन के आसपास माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों का हुजूम बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगा और पुलिस को उन्हें रोकने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। संसद की ओर बढ़ी भीड़, पुलिस से हुई नोकझोंक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जुटे 15000 से ज्यादा लोग संसद की तरफ कूच कर गए। यह हुजूम संसद भवन से महज 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गया था, लेकिन रेल भवन के पास सुरक्षाबलों ने उसे रोक दिया। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का मुक्की और नोकझोंक भी देखने को मिली। जंतर मंतर से शुरू हुआ था बवाल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट खबरों के मुताबिक यह प्रदर्शन जंतर मंतर से शुरू हुआ था, जहां प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरे की कई परतें तोड़ दीं और कुछ लोग डीटीसी की बसों पर भी चढ़ गए। पत्थरबाजी को लेकर भी सवाल उठे, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने संसद परिसर के आसपास सतर्कता और बढ़ा दी। संसद में हालात से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई थी। सीआईएसएफ ने एहतियातन गेट नंबर 1 को पूरी तरह बंद कर दिया, जबकि QRT और सीआईएसएफ की टीमों ने संसद परिसर के भीतर अपनी पोजीशन संभाल ली। रायसीना रोड पर दिखे आप के बड़े नेता इस उग्र प्रदर्शन के बीच आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता भी सड़कों पर नजर आए। मनीष सिसोदिया, आतिशी और संजय सिंह समेत कई नेता रायसीना रोड पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों के साथ संसद की दिशा में आगे बढ़ते दिखे। अमित शाह से मिलने पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान प्रदर्शन के बीच एक अहम घटनाक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे। नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बढ़ते दबाव और संसद के बाहर बिगड़ते हालात के बीच दोनों मंत्रियों की यह बैठक सुरक्षा और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा से जोड़कर देखी जा रही है। इसका आप पर असर यह घटनाक्रम सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुरक्षा और आवाजाही से जुड़ा है। • भारत में: नीट पेपर लीक को लेकर बढ़ता आक्रोश दिखाता है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर के छात्रों और अभिभावकों में असंतोष कायम है। • दिल्ली में: संसद भवन के आसपास सुरक्षा कड़ी होने और गेट नंबर 1 बंद होने से इलाके में आवाजाही और यातायात प्रभावित हो सकता है, खासकर रायसीना रोड और आसपास के इलाकों में। सवाल-जवाब 1. यह प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हो रहा है। 2. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या किया? प्रदर्शनकारियों को संसद के पास पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े। 3. प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए? 15000 से ज्यादा लोगों ने संसद की ओर कूच किया था। 4. प्रदर्शनकारी संसद के कितने करीब तक पहुंच गए थे? प्रदर्शनकारी संसद भवन से महज 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गए थे, इससे पहले रेल भवन के पास उन्हें रोक दिया गया। 5. प्रदर्शन के दौरान कौन कौन बड़े नेता मौजूद रहे? आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, आतिशी और संजय सिंह समेत कई नेता रायसीना रोड पर मौजूद रहे। 6. प्रदर्शन के बीच अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात क्यों अहम है? यह मुलाकात नीट पेपर लीक को लेकर बढ़ते दबाव और संसद के बाहर बिगड़ते हालात के बीच हुई, इसलिए इसे सुरक्षा पर चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। 7. संसद की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए? सीआईएसएफ ने गेट नंबर 1 बंद कर दिया और QRT व सीआईएसएफ की टीमों ने संसद परिसर में अपनी पोजीशन ले ली। 8. प्रदर्शन कहां से शुरू हुआ था? खबरों के मुताबिक यह प्रदर्शन जंतर मंतर से शुरू हुआ था, जहां प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरे तोड़ दिए थे। https://trendkia.com/national/delhi-men-neet-pepara-lika-para-bavala-snsada-ke-pasa-pradarshanakariyon-ko-khaderane-ke-lie-pulisa-ne-chhori-ansu-gaisa-9011 TrendKia — Har trend, sabse pehle.